Land For Jobs Case: चार घंटे तक ईडी ने लालू परिवार से पूछे सवाल, मीसा बोलीं- बिहार चुनाव के कारण यह हो रहा
Bihar News: केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। राजद ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ऐसा करते रहती है। इसमें कोई नई बात नहीं है। जनता सब देख रही है।
जमीन के बदले नौकरी मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके बड़े बेटे तेजप्रताप यादव से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज पूछताछ के लिए बुलाया। राबड़ी देवी ईडी के दफ्तर पहुंच गई हैं, उनके साथ बेटी मीसा भारती भी मौजूद हैं। दोनों राबड़ी आवास से एक ही गाड़ी में सवार होकर ईडी दफ्तर पहुंची। इनके पहुंचे के करीब एक घंटे बाद तेजप्रताप यादव भी ईडी दफ्तर पहुंचे हैं। यह पहली बार है जब जमीन के बदले नौकरी मामले में तेजप्रताप यादव से पूछताछ की जा रही। इधर, राबड़ी देवी और मीसा भारती के पहुंचते ही ईडी दफ्तर के बाहर राजद समर्थकों की भीड़ जुट गई है, जो केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी किया।
सूत्रों की मानें तो पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने राबड़ी देवी से कई महत्वपूर्ण सवाल किए, जिनमें प्रमुख थे:
- जिन व्यक्तियों से जमीन खरीदी गई, उन्हें वह कैसे जानती हैं और उनसे पहली बार कब मिली थीं?
- तेजस्वी यादव द्वारा दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में खरीदे गए बंगले के संबंध में भी सवाल पूछे गए।
इधर, पूछताछ के बाद, राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने इस कार्रवाई को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से जोड़ा। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आने के कारण ऐसी जांचें शुरू हो जाती हैं, जो राजनीति से प्रेरित हैं। तेज प्रताप यादव ने पूछताछ को लेकर किसी भी बयान देने से साफ इनकार कर दिया।
19 मार्च को लालू प्रसाद से पूछताछ करेगी ईडी
वहीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को भी ईडी ने 19 मार्च को पूछताछ के लिए बुलाया है। बता दें कि इससे पहले जमीन के बदले नौकरी मामले में 11 मार्च को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई थी। लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और बेटी हेमा यादव सुनवाई के दौरान कोर्ट पहुंचे थे। सभी आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई थी।
राजद ने कहा- जनता सब देख रही
विधान मंडल सत्र के बीच जमीन के बदले नौकरी मामले में ईडी की कार्रवाई से सियासत गरमा गई है। विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। राजद ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ऐसा करते रहती है। इसमें कोई नई बात नहीं है। जनता सब देख रही है।
यह आरोप है लालू परिवार पर
पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर नौकरी के बदले लोगों से जमीन लेने या उनके परिवार को कम दाम पर बेचने के लिए दबाव बनाने का आरोप है। यह घोटाला उस समय हुआ, जब साल 2004-2009 तक लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। सीबीआई ने चार्जशीट में आरोप लगाया है कि रेलमंत्री रहते हुए लालू यादव ने नियमों को ताक पर रखते हुए भर्तियां की थीं।
ये भी पढ़ें- Holi 2025: 'लगाओ ठुमका वर्ना हो जाओगे सस्पेंड'; लालू के लाल ने वर्दी वाले को हड़काया तो शुरू हो गई सियासत
विस्तार
जमीन के बदले नौकरी मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके बड़े बेटे तेजप्रताप यादव से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज पूछताछ के लिए बुलाया। राबड़ी देवी ईडी के दफ्तर पहुंच गई हैं, उनके साथ बेटी मीसा भारती भी मौजूद हैं। दोनों राबड़ी आवास से एक ही गाड़ी में सवार होकर ईडी दफ्तर पहुंची। इनके पहुंचे के करीब एक घंटे बाद तेजप्रताप यादव भी ईडी दफ्तर पहुंचे हैं। यह पहली बार है जब जमीन के बदले नौकरी मामले में तेजप्रताप यादव से पूछताछ की जा रही। इधर, राबड़ी देवी और मीसा भारती के पहुंचते ही ईडी दफ्तर के बाहर राजद समर्थकों की भीड़ जुट गई है, जो केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी किया।
सूत्रों की मानें तो पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने राबड़ी देवी से कई महत्वपूर्ण सवाल किए, जिनमें प्रमुख थे:
- जिन व्यक्तियों से जमीन खरीदी गई, उन्हें वह कैसे जानती हैं और उनसे पहली बार कब मिली थीं?
- तेजस्वी यादव द्वारा दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में खरीदे गए बंगले के संबंध में भी सवाल पूछे गए।
इधर, पूछताछ के बाद, राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने इस कार्रवाई को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से जोड़ा। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आने के कारण ऐसी जांचें शुरू हो जाती हैं, जो राजनीति से प्रेरित हैं। तेज प्रताप यादव ने पूछताछ को लेकर किसी भी बयान देने से साफ इनकार कर दिया।
19 मार्च को लालू प्रसाद से पूछताछ करेगी ईडी
वहीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को भी ईडी ने 19 मार्च को पूछताछ के लिए बुलाया है। बता दें कि इससे पहले जमीन के बदले नौकरी मामले में 11 मार्च को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई थी। लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और बेटी हेमा यादव सुनवाई के दौरान कोर्ट पहुंचे थे। सभी आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई थी।
राजद ने कहा- जनता सब देख रही
विधान मंडल सत्र के बीच जमीन के बदले नौकरी मामले में ईडी की कार्रवाई से सियासत गरमा गई है। विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। राजद ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ऐसा करते रहती है। इसमें कोई नई बात नहीं है। जनता सब देख रही है।
यह आरोप है लालू परिवार पर
पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर नौकरी के बदले लोगों से जमीन लेने या उनके परिवार को कम दाम पर बेचने के लिए दबाव बनाने का आरोप है। यह घोटाला उस समय हुआ, जब साल 2004-2009 तक लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। सीबीआई ने चार्जशीट में आरोप लगाया है कि रेलमंत्री रहते हुए लालू यादव ने नियमों को ताक पर रखते हुए भर्तियां की थीं।
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