थियानमेन चौक पर आजादी के लिए नारा बुलंद कर रहे छात्रों और मजदूरों ने वहां प्रदर्शन जारी रख अप्रैल और मई दो माह गुजार दिए। उनका यह विरोध प्रदर्शन वामपंथी शासन के गले की फांस बनने लगा। जब सत्ता को छात्रों और मजदूरों की आवाजों से अपनी चूलें हिलने का डर लगने लगा तो उसने एक ऐसा फैसला किया, जिसने हजारों लोगों को गोलियों से छलनी कर दिया।
तीन जून की रात को वामपंथी शासन ने इस विरोध प्रदर्शन को कुचल दिया। चीन के वामपंथी शासन के इतिहास में इसे सबसे बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन कहा जाता है जो छह सप्ताह तक चला था।