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जिम्बाब्वे के पूर्व राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे का निधन, विवादों में घिरा रहा कार्यकाल

Fri, 06 Sep 2019 12:10 PM IST
Trainee Trainee वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
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रॉबर्ट मुगाबे (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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जिम्बाब्वे के संस्थापक नेता रॉबर्ट मुगाबे का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। व्यापक रिपोर्टों के बाद राष्ट्रपति एममरसन डंबुडो म्नांगगवा ने ट्विटर पर इस खबर की पुष्टि की।

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उन्होंने लिखा कि यह अत्यंत दुख के साथ बता रहा हूं कि जिम्बाब्वे के संस्थापक और पूर्व राष्ट्रपति, केडी रॉबर्ट मुगाबे के निधन हो गया है। मुगाबे मुक्ति के प्रतीक थे, वह एक पैन-अफ्रीकी थे जिन्होंने अपने लोगों की मुक्ति और सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। हमारे राष्ट्र और महाद्वीप के इतिहास में उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। उनकी आत्मा को शाश्वत शांति मिले।

मुगाबे को सैन्य तख्तापलट के कारण 2017 में अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। 1980 में श्वेत अल्पसंख्यक शासन की समाप्ति के बाद पूर्व छापामार प्रमुख मुगाबे ने सत्ता संभाली थी।
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सूत्रों के मुताबिक मुगाबे की सिंगापुर के एक अस्पताल में निधन हुआ है। निधन के वक्त उनकी पत्नी ग्रेस और परिवार के अन्य लोग मौजूद थे। 

नाम न बताने के शर्त पर मुगाबे सरकार के एक मंत्री ने कहा कि अफसोस की बात है कि हमने उन्हें खो दिया है। हम उम्मीद करते हैं कि ऐसा दिन दोबारा देखने को ना मिले। उन्होंने अपना अच्छा जीवन जिया और अब परमात्मा उनकी आत्मा को शांति दें। 

मुगाबे ने जिम्बाब्वे पर 37 साल तक शासन किया। नवंबर 2017 में उनका सैन्य तख्तापलट हो गया। वह अप्रैल से सिंगापुर में अपना इलाज करवा रहे थे। राष्ट्रपति इमर्सन म्नांगगवा ने दो हफ्ते पहले एक कैबिनेट बैठक में कहा था कि डॉक्टरों ने उन्हें लाइफ सपोर्ट से हटा दिया है।

मुगाबे ने जिम्बाब्वे की आर्थिक समस्याओं के लिए पश्चिमी प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने एक बार कहा था कि वह जीवनपर्यन्त सत्ता में रहना चाहते हैं। देश के नेतृत्व को लेकर अंसतोष के कारण सेना ने हस्तक्षेप किया, उनके खिलाफ अभियोग की कार्यवाही की गई और सड़कों पर प्रदर्शन हुए।
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मुगाबे ने इस्तीफे के बाद अपना पहला जन्मदिन 21 फरवरी, 2018 को एकांत में ही मनाया था जबकि पिछले कुछ साल से वह इस अवसर पर भव्य आयोजन करते थे।

 

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