यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार को कहा कि उनके देश को उसके सहयोगियों से मिसाइल हमलों की शुरुआती चेतावनी फिर मिलने लगी है। हाल ही में रूस ने मिसाइल हमले किए थे। जेलेंस्की के मुताबिक, इन हमलों से पहले पर्याप्त चेतावनी नहीं मिली थी।
एक सप्ताह से जेलेंस्की कह रहे थे कि यूक्रेन की सेना को राजधानी की ओर आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों के बारे में पहले से चेतावनी नहीं मिल रही थी। उन्होंने कहा कि ऐसी खुफिया जानकारी लोगों की जान बचाती है। इससे आम लोगों को सतर्क किया जा सकता है। साथ ही, सैन्य इकाइयों को मिसाइलों को रोकने की कोशिश करने के लिए समय मिल जाता है।
जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद यह बदलाव हुआ। इसमें दिन की शुरुआत में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ हुई फोन पर बातचीत भी शामिल थी।
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जेलेंस्की ने नॉर्वे की यात्रा के दौरान कहा, हम इस बात के लिए आभारी हैं कि अब खुफिया जानकारी मिल रही है। मैं शुरुआती चेतावनी की बात कर रहा हूं। यह हमारे लोगों, बच्चों, वयस्कों और आम नागरिकों के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे हमें पता चल सकता है कि बैलिस्टिक मिसाइल आ रही है। उन्होंने कहा, अब यह प्रणाली काम कर रही है, इसके लिए हम अमेरिकी पक्ष के आभारी हैं।
अमेरिका और यूरोपीय देशों से मदद मांग रहे जेलेंस्की
अन्य घटनाक्रमों में, रूस ने यूक्रेन के नागरिक इलाकों पर मिसाइलों और ड्रोन से एक बार फिर बड़े पैमाने पर हमले किए। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें नौ लोगों की मौत हो गई। इस बीच, जेलेंस्की अमेरिका और यूरोपीय देशों से और मदद मांग रहे हैं।
जेलेंस्की के साथ नॉर्वे में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ भी थे। उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म करने के लिए समझौता कराने की कोशिश की है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब भी नॉर्वे की राजधानी में यूक्रेनी राष्ट्रपति से मिले।
गार स्टोर ने कहा कि विटकॉफ बुधवार को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग जाने की योजना बना रहे हैं। वहां वह रूसी नेताओं से मिलेंगे। ओस्लो में हुई बैठक के विचार साझा करेंगे। साथ ही, यूरोपीय और अमेरिकी सहयोगियों के प्रस्ताव भी उनके सामने रखेंगे। स्टब ने कहा, आज शांति के लिए अच्छा दिन था।
रूसी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि मॉस्को यूक्रेन के बारे में अमेरिका के नए प्रस्तावों को सुनने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने कहा, वाशिंगटन से किसी 'चमत्कार' की उम्मीद नहीं है।
अमेरिकी मदद धीमी होने के बीच जेलेंस्की ने रुबियो से बात की
जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संबंध फिर खराब होने से यूक्रेन को अमेरिका की आगे की मदद मिलने पर संदेह बढ़ गया है। इसी बीच, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने रुबियो से बात की। रुबियो इन दिनों एशिया की यात्रा पर हैं।
यह बातचीत उस समय हुई, जब जेलेंस्की ने सोमवार को अमेरिका के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसदों के एक समूह से कहा था कि उन्हें लगता है कि यूक्रेन को मिलने वाली मदद धीमी करने के लिए कोई राजनीतिक फैसला लिया गया है।
जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेन के पास अमेरिका में बने पैट्रियट वायु रक्षा मिसाइलों को रोकने वाले इंटरसेप्टर लगभग खत्म हो चुके हैं। रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए यूक्रेन को इनकी जरूरत है। जेलेंस्की ने वाशिंगटन से और मिसाइलें भेजने की अपील की है। लेकिन उन्होंने कहा कि पेंटागन उन मिसाइलों की आपूर्ति में देरी कर रहा है, जिन्हें दूसरे देशों ने यूक्रेन के लिए खरीदा है।
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि उन्होंने रुबियो से यह सुनिश्चित करने में मदद मांगी कि अमेरिका यूक्रेन के साथ अहम खुफिया जानकारी साझा करना जारी रखे। हाल के दिनों में कीव को रूसी मिसाइल हमलों की चेतावनी नहीं मिली थी या फिर देर से मिली थी।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स की उपग्रह इंटरनेट सेवा स्टारलिंक के सैन्य इस्तेमाल वाले संस्करण स्टारशील्ड के उपयोग पर उनके देश के लिए गति संबंधी पाबंदियां अब भी लागू हैं। इससे युद्ध के मैदान में सैन्य अभियान प्रभावित हो रहे हैं।
ट्रंप ने रूस पर लगे प्रतिबंधों में भी छूट दी है। जेलेंस्की ने इसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इससे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमले जारी रखने में मदद मिलती है। फरवरी में इस युद्ध को शुरू हुए पांच साल पूरे हो जाएंगे।
मार्को रुबियो ने क्या कहा?
जेलेंस्की ने कहा कि रुबियो के साथ उनकी 'विस्तृत और अहम बातचीत' हुई। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, मैं मदद करने की उनकी तैयारी और उनके स्पष्ट रुख के लिए आभारी हूं। रुबियो मंगलवार को आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि अमेरिका यूक्रेन को मदद देने से पीछे हट रहा है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, कुछ भी नहीं बदला है।
रुबियो ने कहा कि यूक्रेन को जिन पैट्रियट मिसाइलों के गोला-बारूद की जरूरत है, उनकी आपूर्ति कम है। दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी इनकी जरूरत है। उन्होंने कहा, यूक्रेन को नुकसान पहुंचाने के लिए कोई जानबूझकर राजनीतिक निर्देश नहीं दिया गया है।