रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं धीमी गति का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 7.8 फीसदी की दर से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास में भारत का योगदान 16 फीसदी से अधिक है। राजनाथ सिंह दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर ताजिकिस्तान में हैं। वह यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
मंत्री ने कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास में भारत का योगदान 16 फीसदी से अधिक है। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की रफ्तार धीमी पड़ रही है। इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 7.8 फीसदी की दर से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं। इससे भारतीय निर्माताओं और उत्पादकों के लिए नए बाजार खुले हैं।
मुक्त व्यापार समझौतों पर क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत-ब्रिटेन और भारत-यूरोपीय संघ के व्यापार समझौतों से भारत के 99 फीसदी निर्यात पर शुल्क खत्म होने की उम्मीद है। इससे देश की व्यापार संभावनाएं मजबूत होंगी। साथ ही, वैश्विक आर्थिक साझेदारी को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत 'वसुधैव कुटुंबकम' के दर्शन से प्रेरित है। भारत ऐसा राष्ट्र बनना चाहता है, जो समृद्धि, ज्ञान और शक्ति को एक साथ लेकर चले। साथ ही, वैश्विक शांति और मानवता के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी बनाए रखे।
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उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में आर्थिक बदलाव, सुधारों पर आधारित शासन व्यवस्था, तकनीकी प्रगति और वैश्विक स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा इस दृष्टि को साकार करने का रास्ता तैयार कर रहे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा, भारत स्पष्ट नीतिगत दिशा के साथ 'नीतिगत निष्क्रियता' के दौर से निकलकर 'सुधार एक्सप्रेस' पर आगे बढ़ चुका है। हमारे लिए सुधार कोई मजबूरी नहीं हैं, बल्कि यह हमारा दृढ़ विश्वास है।
भारत का रक्षा निर्यात कितना?
उन्होंने कहा कि भारत का रक्षा निर्यात बढ़कर रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं, रक्षा उत्पादन में भी तेजी आई है और यह बढ़कर 1.80 लाख करोड़ रुपये हो गया है। राजनाथ सिंह कहा, देश में स्टार्टअप की संख्या 2014 से पहले कुछ सौ थी। अब यह बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो गई है। इनमें से लगभग आधे स्टार्टअप छोटे शहरों और कस्बों से आते हैं।
सिंह ने कहा कि भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 2014 में लगभग 75 गीगावाट थी। अब यह बढ़कर करीब 300 गीगावाट हो गई है। उन्होंने कहा कि सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के जरिये भारत सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत रियल-टाइम में डिजिटल लेनदेन के मामले में वैश्विक केंद्र के रूप में उभरा है। उन्होंने बताया कि यूपीआई लेनदेन का मूल्य 2016-17 में 7,000 करोड़ रुपये था। यह बढ़कर 2025-26 में 314 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
मंत्री ने कहा कि मोबाइल डाटा की कम कीमत और बेहतर कनेक्टिविटी से अधिक भारतीयों को नए अवसरों तक पहुंचने में मदद मिली है। उन्होंने समावेशी विकास के प्रभाव पर भी प्रकाश डाला। सिंह ने कहा कि पिछले एक दशक में लगभग 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।
दोनों देशों के संबंधों पर क्या कहा?
उन्होंने भारत और ताजिकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संबंधों और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों देश दोस्ती के मजबूत बंधन से जुड़े हैं। ताजिकिस्तान के लोगों के बीच भारतीय गीतों, संगीत, साहित्य और सिनेमा की लोकप्रियता ने इस दोस्ती को और मजबूत किया है।
सिंह ने कहा कि भारत और ताजिकिस्तान के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। भारतीय समुदाय का योगदान दोनों देशों को जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी है। इस कार्यक्रम में भारतीय और ताजिक कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।