यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूसी हमले में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं। मृत बच्चों की उम्र दो, 14 और 17 साल थी। वहीं, एक बच्ची तो तीन साल से भी कम उम्र थी।
यूक्रेन की राजधानी कीव के डार्नीत्स्की इलाके में बुधवार देर रात रूस के ड्रोन और मिसाइलों के हमले में कम से कम कुल 22 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में चार बच्चे भी शामिल हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को लेकर चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
अमेरिका के नेतृत्व में शांति प्रयास के बीच बड़ा हमला
हमला ऐसे वक्त किया गया, जब तीन साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में शांति प्रयास चल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात भी की थी। यह कीव पर पिछले कुछ हफ्तों में रूस का पहला बड़ा संयुक्त हमला था।
आंतरिक मंत्री इहोर क्लिमेंको ने दी जानकारी
यूक्रेन के आंतरिक मामलों के मंत्री इहोर क्लिमेंको ने इस हमले को लेकर अपनी रिपोर्ट दी है। इसमें उन्होंने बताया कि कीव के डार्नित्स्की जिले में आवासीय इमारत पर रूसी हमले के स्थल पर बचाव अभियान पूरा हो गया है। हमले में नष्ट हुए ढांचों के मलबे को हटाने का काम जारी है। यहां मरने वाले 22 लोगों में चार बच्चे भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि सबसे छोटी बच्ची की उम्र तीन साल भी नहीं थी।
विज्ञापन
रूस ने ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं
कीव के नगर प्रशासन के प्रमुख तैमूर तकाचेंको ने बताया कि रूस ने ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं थीं। कीव के सात जिलों में कम से कम 20 जगहों पर इसका असर पड़ा। उन्होंने बताया कि शहर के केंद्र में स्थित एक शॉपिंग मॉल समेत लगभग 100 इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और हजारों खिड़कियां टूट गईं। रूसी हमलों ने कीव के मध्य भाग को प्रभावित किया।
जेलेंस्की बोले- रूस को जिम्मेदार ठहराए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय
वहीं, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस हमले के लिए रूस को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया। उन्होंने मास्को पर कूटनीति के बजाय बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रूस को इस हमले के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। जब कूटनीति के बजाय रूस बैलिस्टिक को चुनता है और उत्तर कोरिया जैसे कारकों के साथ सहयोग को गहरा करता है, तो ऐसे में दुनिया को भी उसी के अनुसार जवाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और दबाव बनाने की अपनी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि रूस सिर्फ ताकत समझता है और अब ताकत का प्रदर्शन ज़रूरी है। अमेरिका, यूरोप और जी-20 देशों में यह ताकत है।