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Ukraine: युद्ध के बीच यूक्रेन की सत्ता का बड़ा फैसला, जेलेंस्की ने देश के नए खुफिया प्रमुख का किया एलान

Fri, 02 Jan 2026 07:31 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव

सार

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने सैन्य खुफिया प्रमुख क्यरीलो बुडानोव को राष्ट्रपति कार्यालय का नया प्रमुख नियुक्त किया है। यह फैसला भ्रष्टाचार विवाद के बाद किया गया। सरकार अब सुरक्षा, रक्षा और कूटनीति पर फोकस बढ़ा रही है।
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वोलोदिमिर जेलेंस्की, राष्ट्रपति, यूक्रेन - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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रूस के साथ जारी युद्ध के चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुके यूक्रेन में सत्ता के केंद्र में बड़ा बदलाव हुआ है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने देश की सैन्य खुफिया एजेंसी के प्रमुख किरिलो ओलेक्सीओविच बुडानोव को राष्ट्रपति कार्यालय का नया प्रमुख नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब सुरक्षा, रक्षा और कूटनीति तीनों मोर्चों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

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क्यों हुआ बदलाव?
यह नियुक्ति पूर्व राष्ट्रपति कार्यालय प्रमुख यरमक के इस्तीफे के बाद की गई है। यरमक को ऊर्जा क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार मामले में जांच के बाद नवंबर के अंत में पद छोड़ना पड़ा था। राष्ट्रपति ने साफ किया कि मौजूदा हालात में सरकार को अब पूरी तरह सुरक्षा, रक्षा ढांचे और बातचीत की रणनीति पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

क्यों अहम है बुडानोव की नियुक्ति
बुडानोव यूक्रेन के सबसे चर्चित और लोकप्रिय युद्धकालीन चेहरों में से एक हैं। वर्ष 2020 से वह सैन्य खुफिया एजेंसी जीयूआर का नेतृत्व कर रहे हैं। 2014 में क्रीमिया पर रूसी कब्जे के बाद उन्होंने कई गुप्त अभियानों में हिस्सा लिया था और एक अभियान के दौरान घायल भी हुए थे। जेलेंस्की ने कहा कि बुडानोव के पास विशेष अनुभव और निर्णय क्षमता है, जो इस कठिन समय में जरूरी है।

खुफिया अभियानों में निभाई बड़ी भूमिका
रूस के 2022 में पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद से बुडानोव यूक्रेन की खुफिया रणनीति का सार्वजनिक चेहरा बन गए। उनकी अगुवाई में जीयूआर ने रूस के सैन्य ढांचे, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा ठिकानों और नौसैनिक संपत्तियों को निशाना बनाने वाले कई अभियानों का समन्वय किया। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि इन अभियानों से रूस की सैन्य क्षमता को गहरा नुकसान पहुंचा।

कूटनीति और शांति वार्ता पर फोकस
इस बीच, अमेरिका के नेतृत्व में युद्ध खत्म करने की कोशिशें तेज हुई हैं। ट्रंप के विशेष दूत  विचकॉफ ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रूबियो और सलाहकार कुश्नेर के साथ यूरोपीय देशों और यूक्रेन के सुरक्षा सलाहकारों से उपयोगी बातचीत की है। जेलेंस्की ने अपने नववर्ष संबोधन में दावा किया कि शांति समझौता 90 प्रतिशत तक तैयार है, लेकिन शेष 10 प्रतिशत सबसे निर्णायक होगा।
 

ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव
इसी बीच युद्ध के मोर्चे पर हालात और तनावपूर्ण बने हुए हैं। यूक्रेन के ज़ापोरिज़िया शहर पर रूस ने बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए, जिसमें कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, 116 ड्रोन दागे गए, जिनमें से 86 को मार गिराया गया। वहीं रूस ने भी दावा किया कि उसने यूक्रेनी ड्रोन हमलों को नाकाम किया है और सीमा क्षेत्रों में नुकसान हुआ है।
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सत्ता और युद्ध का संगम
बुडानोव को राष्ट्रपति कार्यालय की जिम्मेदारी सौंपना एक असामान्य लेकिन रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि यूक्रेन अब राजनीतिक, सैन्य और कूटनीतिक फैसलों को एक ही केंद्र से तेज और सख्त तरीके से लागू करना चाहता है। जेलेंस्की सरकार का मानना है कि यह बदलाव युद्ध और शांति, दोनों रास्तों पर देश को मजबूती देगा।
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