रूस के कुर्स्क क्षेत्र पर हमले को लेकर राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन ने यह हमला रूस पर दबाव डालने के लिए किया था। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई न्याय को स्थापित करने के लिए है।
मॉस्को की सेनाएं जब रविार को युद्ध लड़ रहीं थीं, तभी रविवार को यूक्रेन ने अचानक से चौंकाते हुए रूस के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों पर हमला करके उसे असहज कर दिया।
रूसी अधिकारियों ने निवासियों को निकालने के लिए शनिवार को तीन सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी। जबकि मास्को के कट्टर सहयोगी बेलारूस ने कीव पर अपने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए यूक्रेन के साथ अपनी सीमा पर और अधिक सैनिक भेजे हैं।
रात के समय जारी किए गए अपने वीडियो संबोधन में जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने शीर्ष यूक्रेनी कमांडर ऑलेक्ज़ेंडर सिरस्की के साथ ऑपरेशन पर चर्चा की थी, और फरवरी 2022 में रूस द्वारा आक्रमण शुरू करने के बाद जवाब देने की कसम खाई थी।
उन्होंने शनिवार देर रात कहा, "आज, मुझे कमांडर-इन-चीफ सिर्स्की से अग्रिम मोर्चों और युद्ध को हमलावर के क्षेत्र में धकेलने की हमारी कार्रवाइयों के संबंध में कई रिपोर्टें मिलीं। यूक्रेन साबित कर रहा है कि वह वास्तव में न्याय बहाल कर सकता है और सटीक प्रकार का दबाव सुनिश्चित कर रहा है जिसकी आवश्यकता है।"
वहीं रूस के शीर्ष जनरल वालेरी गेरासिमोव ने कहा कि हमले रोक दिए गए हैं, लेकिन रूस ने यूक्रेनी सेना को सीमा पर पीछे नहीं धकेला है।
रूसी सैन्य ब्लॉगर्स ने कहा कि रूस के सुदृढ़ीकरण के बाद स्थिति स्थिर हो गई है, हालांकि उन्होंने कहा कि यूक्रेन तेजी से सेना का निर्माण कर रहा है। रविवार तड़के कुर्स्क अधिकारियों ने कहा कि यूक्रेनी मिसाइल के कारण एक नौ मंजिला आवासीय इमारत पर नष्ट हो गई। इससे शहर में 13 लोग घायल हो गए।
कुर्स्क के मेयर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी। जिसमें एक अपार्टमेंट ब्लॉक से आग की लपटें उठती दिख रही हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि इसमें कोई क्षति हुई है या नहीं।