इस्राइल ने दक्षिणी गाजा पट्टी के खान यूनिस में रातोंरात निकासी आदेशों का विस्तार किया है, जिससे हजारों फलस्तीनी और विस्थापित परिवारों को अंधेरे में वहां से निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा। इलाके में टैंक गोलाबारी के विस्फोट से चारों ओर गूंज रहे है।
इस्राइली सेना ने कहा कि वह हमास समूह के सदस्यों पर हमला कर रहे हैं। इस क्षेत्र का इस्तेमाल हमास हमला करने और रॉकेट दागने के लिए करता रहा है। इस्राइली सेना ने कहा कि उसने हमास और इस्लामिक जिहाद आतंकवादी कमांड पोस्ट पर हमला किया था।
नागरिक सुरक्षा सेवा के मुताबिक शनिवार को इस्राइली सेना ने एक स्कूल पर हवाई किए थे, जिसमें कम से कम 90 लोग मारे गए। स्कूल में विस्थापित फलस्तीनियों ने शरण ली थी। इस्राइली सेना के हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुस्सा फैल गया था।
गाजा पट्टी के दक्षिण में खान यूनिस में इस्राइली सेना का निकासी आदेश पिछले 10 महीनों में सबसे बड़े आदेशों में से एक है। यहां इस्राइल ने केंद्र, पूर्व और पश्चिम सभी जिलों से लोगों को निकलने के लिए कहा है। इस्राइली सेना ने सोशल मीडिया और निवासियों के पोन में टेक्स्ट और वीडियो संदेश भेजा था। इस संदेश में कहा गया, "अपनी सुरक्षा के लिए, आपको तुरंत क्षेत्र को खाली करना होगा। आप जिस क्षेत्र में हैं वह एक खतरनाक युद्ध क्षेत्र माना जाता है।"
फलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूएनआरडब्ल्यूए के प्रमुख फिलिप लेजारिनी ने कहा कि गाजा में लोग फंस गए हैं और उनके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, "कुछ लोग केवल अपने बच्चों को अपने साथ ले जाने में सक्षम हैं, कुछ अपना पूरा जीवन एक छोटे से बैग में लेकर चलते हैं। वे भीड़भाड़ वाली जगहों पर जा रहे हैं, जहां पहले से ही आश्रय लेने वाले परिवार हैं। उन्होंने सब कुछ खो दिया है और उन्हें हर चीज की जरूरत है।"
इस्राइली सेना ने कहा कि उसने पिछले 24 घंटों में हमास के लगभग 30 सैन्य ठिकानों पर हमला किया है, जिनमें सैन्य संरचनाएं, टैंक रोधी मिसाइल लॉन्च पोस्ट और हथियार भंडारण सुविधाएं शामिल हैं।
गाजा में स्कूल पर इस्राइल की एयर स्ट्राइक
फलस्तीन ने आरोप लगाया था कि गाजा में शनिवार को इस्राइल ने
एक स्कूल पर एयर स्ट्राइक की थी, इसमें 90 से ज्यादा लोग मारे गए थे जबकि इस हमले में बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस स्कूल में विस्थापित शरणार्थियों ने शरण ली हुई थी। वहीं इस्राइली सेना ने बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने हमास के कमांड सेंटर को निशाना बनाया है।