यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि रूस के कुर्स्क क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य सीमा पार मास्को द्वारा आगे के हमलों को रोकने के लिए एक बफर जोन बनाना है।
यह पहली बार है जब जेलेंस्की ने ऑपरेशन को लेकर स्पष्ट रूप से बात की है। यह सैन्य ऑपरेशन 6 अगस्त को लॉन्च किया गया था। इससे पहले उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन का उद्देश्य सीमावर्ती सुमी क्षेत्र में समुदायों को लगातार गोलाबारी से बचाना था।
जेलेंस्की ने कहा, "कुल मिलाकर रक्षात्मक अभियानों में अब यह हमारा प्राथमिक कार्य है, जितना संभव हो उतनी रूसी युद्ध क्षमता को नष्ट करना और अधिकतम जवाबी कार्रवाई करना। इसमें आक्रामक क्षेत्र पर एक बफर जोन बनाना शामिल है।’’
रूसी सेना की आपूर्ति में बाधा पहुंची
अधिकारियों ने कहा कि इस सप्ताह के अंत में यूक्रेन ने क्षेत्र में एक प्रमुख पुल को नष्ट कर दिया है और पास के दूसरे पुल पर हमला कर दिया है, जिससे आपूर्ति लाइनें बाधित हो गई हैं।
क्रेमलिन समर्थक सैन्य ब्लॉगर्स ने स्वीकार किया कि ग्लुशकोवो शहर के पास सेइम नदी पर पहले पुल के नष्ट होने से यूक्रेन की घुसपैठ को रोकने वाली रूसी सेना को आपूर्ति में बाधा आएगी। हालांकि रूस अभी भी पोंटून और छोटे पुलों का उपयोग कर सकता है। यूक्रेन के वायु सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मायकोला ओलेशचुक ने शुक्रवार को हवाई हमले का एक वीडियो जारी किया जिसने पुल को दो हिस्सों में काट दिया गया है।
रूस-यूक्रेन के बीच चरम पर तनाव
रूस-यूक्रेन युद्ध ढाई साल से अधिक समय से जारी है। दोनों में से कोई भी देश पीछे हटने को तैयार नहीं है। इस बीच, मॉस्को ने कीव पर हमले में पश्चिमी रॉकेटों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है, जो संभवतः अमेरिका में बनाए गए हैं। उसका कहना है कि कुर्स्क क्षेत्र में सेयम नदी पर बने पुल को पश्चिमी हथियारों से निशाना बनाया गया। इसकी वजह से नागरिकों को निकालने की कोशिश कर रहे स्वयंसेवकों की मौत हो गई।