भगोड़े आर्थिक अपराधी जाकिर नाइक पर भारत में सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने और गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप है। यहां के अधिकारियों का मानना है कि 53 वर्षीय इस्लामिक धर्म गुरू "सार्वजनिक भाषणों और व्याख्यानों के जरिए भारत में विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी और नफरत को बढ़ावा दे रहा है।"
नाइक मलेशिया में रह रहा है, जो भारत में उसके खिलाफ जांच शुरू होने के बाद से उसका स्थायी ठिकाना है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों के दौरान इस आलोचना के बीच उसने एक छोटा प्रोफाइल बना रखा है कि वह बहु-जातीय देश मलेशिया में शांति के लिए खतरा है। नाइक जुलाई 2016 के ढाका कैफे विस्फोट के बाद भारत से भाग गया था।
ढाका धमाकों में सैकड़ों लोग मारे गए थे। इन धमाकों में शामिल एक आरोपी ने बाद में स्वीकार किया था कि नाइक के भाषणों के कारण वह यह घिनौना काम करने के लिए प्रेरित हुआ। एनआईए के अधिकारियों के मुताबिक नाइक पिछले तीन साल से मलेशिया में रह रहा है। भारत में उसके भाषण पीस टीवी पर प्रसारित होते थे जिस पर अब प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इससे पहले सितंबर में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक हाई-प्रोफाइल "लव जिहाद" मामले से संबंधित एफआईआर में आरोपी के रूप में जाकिर नाइक और पाकिस्तान मूल के दो कट्टर प्रचारकों का नाम दर्ज किया था।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में चेन्नई के एक व्यापारी की बेटी और बांग्लादेश के एक शीर्ष राजनेता का बेटा शामिल है, जिसका संबंध पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी से है।