बांग्लादेश में आगामी चुनाव में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ये बात मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार महफूज आलम ने एक रैली में कही है।
बांग्लादेश से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार महफूज आलम ने दावा किया है कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को आगामी चुनावों में शामिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हसीना सरकार को उखाड़ फेंकने वाले हिंसक विरोध आंदोलन के शीर्ष नेता आलम ने कहा कि चुनाव केवल बांग्लादेश समर्थक समूहों के बीच ही लड़ा जाएगा।
विज्ञापन
चांदपुर जिले में एक रैली में आलम ने कहा कि केवल पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), जमात-ए-इस्लाम और अन्य बांग्लादेश समर्थक समूह ही देश में अपनी राजनीति कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इनमें से कोई भी निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया के जरिये भविष्य का शासन स्थापित करेगा।
अवामी लीग को नहीं मिलेगी चुनाव लड़ने की इजाजत
साथ ही उन्होंने कहा कि अवामी लीग को चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक न्यूनतम सुधार लागू नहीं किए जाते और फासीवादी हसीना सरकार की ओर से कथित रूप से नष्ट किए गए संस्थानों का पुनर्गठन नहीं किया जाता, तब तक कोई चुनाव नहीं होगा।
विज्ञापन
आलम ने ये भी कहा कि बांग्लादेश की राजनीति में अवामी लीग का पुनर्वास नहीं होगा और जब तक कुछ सुधार नहीं किए जाते और सरकार द्वारा नष्ट किए गए संस्थानों का पुनर्गठन नहीं किया जाता, तब तक चुनाव नहीं होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से भविष्य के शासन की स्थापना की जाएगी।
जल्द चुनाव कराने की मांग
साथ ही मामले में बीएनपी ने कहा कि वे किसी भी पार्टी पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ हैं और उन्होंने जल्दी चुनाव कराने की मांग की है। वहीं, सरकार के कुछ सलाहकारों ने यह कहा है कि यदि उन्हें जरूरी लगे, तो वे चुनावों में भाग लेने के लिए अपने पदों से इस्तीफा देने को तैयार हैं। हालांकि, यूनुस ने कहा है कि अगला चुनाव 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में हो सकता है, लेकिन यह चुनाव राजनीतिक सहमति और किए गए सुधारों पर निर्भर करेगा।