यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार को 153 युद्ध बंदियों को बिना शर्त रिहा कर दिया, रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति ने कहा, ये गाजा पट्टी में इस्राइल-हमास युद्ध में संघर्ष विराम के बाद तनाव कम करने के लिए हाल के दिनों में कई पहलों में से एक है। हालांकि, हूतियों की रिहाई संयुक्त राष्ट्र के सात अन्य यमन के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के ठीक बाद हुई है, जिससे विश्व निकाय में रोष फैल गया। संगठन ने रिहाई की घोषणा करते हुए कहा कि पहले रिहा किए गए लोगों से सना में रेड क्रॉस के कर्मचारियों ने मुलाकात की थी और उन्हें चिकित्सा जांच और अन्य सहायता दी गई थी। हूतियों ने शुक्रवार रात संकेत दिया था कि वे कैदियों की रिहाई की योजना बना रहे हैं।
इस एकतरफा रिहाई का स्वागत करते हैं- रेड क्रॉस
रेड क्रॉस ने कहा कि वह 'इस एकतरफा रिहाई का स्वागत करता है, क्योंकि यह बातचीत को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक और सकारात्मक कदम है।' यमन में आईसीआरसी के प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख क्रिस्टीन सिपोला ने कहा, 'इस ऑपरेशन ने उन परिवारों को बहुत राहत और खुशी दी है, जो अपने प्रियजनों की वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।' 'हम जानते हैं कि कई अन्य परिवार भी अपने लोगों से मिलने का इंतजारक कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि आज की रिहाई से इस तरह के कई और पल आएंगे।'
हूतियों के कैदियों के मामलों की समिति के प्रमुख अब्दुल कादर अल-मुर्तदा ने हूती मीडिया की तरफ से दिए गए एक बयान में कहा कि रिहा किए गए लोग 'मानवीय मामले' थे, जिनमें बीमार, घायल और बुजुर्ग शामिल थे। अल-मुर्तदा ने कथित तौर पर कहा, 'इस पहल का लक्ष्य विश्वास का निर्माण करना और गंभीर और ईमानदार व्यवहार का एक नया चरण स्थापित करना है।'
अब तक कितने कैदियों की रिहाई?
रेड क्रॉस ने अन्य कैदियों की रिहाई की देखरेख में मदद की है, जिसमें 2020 में लगभग 1,000 कैदियों की अदला-बदली, 2023 में 800 से अधिक बंदियों की अदला-बदली और 2024 में एक और रिहाई शामिल है। विद्रोहियों ने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि वे लाल सागर गलियारे में जहाजों पर अपने हमलों को सीमित करेंगे और गैलेक्सी लीडर के 25-सदस्यीय चालक दल को रिहा कर देंगे, एक जहाज जिसे उन्होंने नवंबर 2023 में जब्त कर लिया था, क्योंकि गाजा युद्धविराम लागू हो गया था।
यूएन ने सभी संयुक्त राष्ट्र कर्मियों के रिहाई की मांग की
इधर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार देर रात सातों लोगों के साथ-साथ हूतियों की तरफ से पकड़े गए अन्य सभी संयुक्त राष्ट्र कर्मियों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की, जिनमें से कुछ 2021 से ही हूतियों की तरफ से बंधक बनाए गए हैं। यमन में युद्ध ने लड़ाकों और नागरिकों समेत 150,000 से अधिक लोगों की जान ले ली है और दुनिया के सबसे खराब युद्धों में से एक बना दिया है। इस मानवीय आपदा में हजारों लोगों की जानें गईं।
ट्रंप ने पलटा बाइडन का फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अलग से समूह पर अपने पहले कार्यकाल के अंत में लगाए गए आतंकवाद के पदनाम को बहाल करने का कदम उठाया है, जिसे राष्ट्रपति जो बाइडन ने रद्द कर दिया था, जिससे विद्रोहियों के साथ नए तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है।
हूती विद्रोहियों की कैद से 14 महीने बाद घर लौटा मैक्सिकन नाविक
आर्टुरो जकारियास मेजा यमन में हूती विद्रोहियों की तरफ से उसे और उसके साथी चालक दल के सदस्यों को एक साल से अधिक समय तक कैद में रखने के बाद रिहा किए जाने के कुछ दिनों बाद घर लौटा। जिसका, मैक्सिको में अपने गृहनगर के बाहर साइकिलों और कारों में सवार स्थानीय लोगों की तरफ से उसका स्वागत किया गया।