21 जून यानी मंगलवार को भारत सहित विश्व भर में आठवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। इस वर्ष के योग दिवस का विषय "मानवता के लिए योग" है। यह विषय यह दर्शाता है कि कैसे योग ने कोविड महामारी के दौरान पीड़ा को कम करने में मानवता की सेवा की। वहीं, योग दिवस की पूर्व संध्या पर भारत सहित कई देशों में योग शिविर का आयोजन किया गया। भारत के पड़ोसी देश नेपाल सहित न्यूयार्क और मस्कट में योग से जुड़े कार्यक्रम सोमवार शाम को किए गए।
नियाग्रा फॉल्स में कार्यक्रम आयोजित
इंटरनेशनल योगा डे 2022 समारोह के तहत सोमवार शाम को नियाग्रा फॉल्स में कार्यक्रम आयोजित किया गया। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास के समर्थन से बफ़ेलो-नियाग्रा तमिल मंदरम और इंडिया एसोसिएशन ऑफ़ बफ़ेलो ने नियाग्रा फॉल्स स्टेट पार्क के बकरी द्वीप पर कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान यहां इन संस्थाओं से जुडे वालंटियर्स ने सामूहिक योग में हिस्सा लिया।
नेपाल में धरहरा टॉवर पर की गई लाइटिंग
भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2022 की पूर्व संध्या पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में नेपाल की राजधानी काठमांडू में धरहरा टॉवर पर योग दिवस की थीम 'मानवता के लिए योग' का संदेश सुंदर लाइट्स के जरिए दिया गया। इस मौके पर सामूहिक रूप से योग भी किया गया।
मस्कट में हुआ योग दिवस से पहले योग
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले सोमवार को आजादी का अमृत महोत्सव के तहत मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को 'मस्कट योग महोत्सव- 75 दिन, 75 कार्यक्रम' के तहत योग प्रदर्शन शिविर का आयोजन किया। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। गौरतलब है कि आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के तहत मनाए जा रहे योग महोत्सव में आने वाले 75 दिनों में 21 जून 2022 से पूरे ओमान में 75 से अधिक क्यूरेटेड योग कार्यक्रम होंगे।
गौरतलब है कि 2015 से, हर साल 21 जून को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) मनाया जाता है। कि इस वर्ष के योग दिवस का विषय "मानवता के लिए योग" है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 के मौके पर भारत में पीएम मोदी जहां मैसूर पैलेस मैदान में सामूहिक योग प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे। वहीं आजादी के अमृत महोत्सव के तहत यह कार्यक्रम 75 केंद्रीय मंत्रियों के नेतृत्व में देश भर में 75 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न शैक्षिक, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, कॉर्पोरेट और अन्य नागरिक समाज संगठनों द्वारा भी योग शिविर आयोजित किए जाएंगे और इसमें देश भर के करोड़ों लोग शामिल होंगे।