West Asia: इस्राइल-हमास समझौते के लागू होने के बाद हूती विद्रोहियों ने घोषणा की कि अब वे लाल सागर क्षेत्र में केवल इस्राइल से जुड़े जहाजों को ही निशाना बनाएंगे। नवंबर 2023 से हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में जहाजों पर 100 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
यमन के हूती विद्रोहियों ने संकेत दिया कि वह अब लाल सागर क्षेत्र में केवल इस्राइल से जुड़े जहाजों पर ही हमले करेंगे। यह घोषणा गाजा पट्टी में संघर्षविराम लागू होने के बाद की गई। हूती विद्रोहियों ने रविवार को मालवाहकों और अन्य को ईमेल भेजकर यह एलान किया। वह सोमवार को इस फैसले को लेकर एक अलग सैन्य बयान जारी कर सकते हैं।
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हूती विद्रोहियों ने कहा कि अब वे उन जहाजों पर हमले नहीं करेंगे, जिन्हें पहले निशाना बनाया जाता था। यानी वे अब अन्य जहाजों को छोड़ देंगे और केवल उन जहाजों पर ही हमले करेंगे, जो इस्राइल से जुड़े हैं। उन्होंने इसे 'पारंपरिक प्रतिबंधों की समाप्ति' कहा है।
अक्तूबर 2023 में इस्राइल और हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में करीब 100 व्यापारिक जहाजों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए थे। इन हमलों में कुछ जहाजों पर उन्होंने कब्जा भी कर लिया था, जबकि दो को डुबो दिया गया था। कुछ मिसाइलें और ड्रोन अमेरिकी और यूरोपीय देशों के गठबंधनों ने रोक दीं और कुछ मिसाइलें अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाईं।
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हमास ने सात अक्तूबर 2023 को इस्राइल के विभिन्न हिस्सों पर जमीनी और हवाई हमले किए थे। जिसमें करीब 1200 लोग मारे गए थे। इसके अलावा, करीब ढाई सौ इस्राइली लोगों को बंधक बना लिया गया था और उन्हें गाजा ले जाया गया। इसके बाद इस्राइल गाजा पट्टी पर जवाबी हमले शुरू किए। इस्राइली हमलों में 46 हजार से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत हो गई और एक लाख से ज्यादा हुए। युद्ध शुरू होने के बाद से दो बार युद्धविराम लागू हुआ है।