यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को दावा किया कि उन्होंने जिस मालवाहक जहाज को रविवार को निशाना बनाया था, वह लाल सागर में पूरी तरह डूब गया है। यह क्षेत्र वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इस तरह की घटनाएं सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही हैं। यह खबर उस वक्त आई हैं, जब इस्राइल ने हूती विद्रोहियों पर हवाई हमले किए हैं। हूती विद्रोहियों ने रविवार को लाइबेरिया के झंडे वाले ग्रीस के जहाज 'मैजिक सीज' पर ड्रोन, मिसाइल, रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड और छोटे हथियारों से हमला किया। इस हमले के बाद जहाज के चालक दल के 22 सदस्यों को जहाज छोड़ना पड़ा।
इस हमले और उसके बाद सोमवार तड़के हुए इस्राइली हवाई हमलों से यह डर बढ़ गया है कि हूती विद्रोही एक बार फिर जहाजों को निशाना बनाने का बड़ा अभियान शुरू कर सकते हैं। इससे अमेरिका और पश्चिमी देशों की सेनाएं फिर से इस क्षेत्र में सक्रिय हो सकती हैं, जैसा कि पहले ट्रंप प्रशासन के समय में हुआ था जब अमेरिका ने हूती विद्रोहियों पर बड़े हवाई हमले किए थे।
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यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब पश्चिम एशिया में इस्राइल और हमास के बीच संभावित संघर्षविराम की कोशिशें चल रही हैं। दूसरी ओर, ईरान परमाणु केंद्रों पर हमलों के बाद अमेरिका से बातचीत करने पर फिर से शुरू करने पर विचार कर रहा है।
इसी बीच, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका गए हैं और डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर रहे हैं। मैजिक सीज जहाज मिस्र की स्वेज नहर की ओर उत्तर की दिशा में जा रहा था, उस पर हमला यमन के हूती-नियंत्रित बंदरगाह होडैदा से करीब 100 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में हुआ। ब्रिटेन की सैन्य एजेंसी ‘यूकेएमटीओ’ ने बताया कि जहाज पर मौजूद सशस्त्र सुरक्षाबलों ने सबसे पहले बंदूक और ग्रेनेड से हुए हमले का जवाब दिया, लेकिन बाद में जहाज पर प्रोजेक्टाइल (गोलाबारूद) से हमला हुआ।
निजी समुद्री सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे ने कहा कि मैजिक सीज पर बम से भरी ड्रोन बोट से भी हमला हुआ। यह हमलों में एक बड़ा बदलाव है। कंपनी के अनुसार दो ड्रोन बोट ने जहाज को टक्कर मारी, जबकि दो और बोट को सुरक्षाबलों ने मार गिराया। यूकेएमटीओ ने बताया कि जहाज में पानी भरने लगा और इसके चालक दल ने जहाज छोड़ दिया। उन्हें पास से गुजरते एक अन्य जहाज ने बचा लिया।
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यूरोपीय संघ की ऑपरेशन अटलांटा नामक समुद्री डकैती रोधी टीम ने बताया कि जहाज पर कुल 22 नाविक सवार थे। हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने इस हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि उन्होंने मिसाइल और बम से लैस ड्रोन बोट का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा, हमारी कार्रवाई इस्राइल के कब्जे वाले इलाकों और समुद्री रास्तों को निशाना बनाना जारी रखेगी, जब तक कि गाजा पर हमले बंद नहीं किया जाते और उस पर से घेराबंदी नहीं हटाई जाती। जहाज के मालिकों ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सरी ने बाद में कहा कि जहाज अब पूरी तरह डूब चुका है।