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Red Sea: हूती विद्रोहियों का दावा- लाल सागर में इस्राइली तेल टैंकर को मिसाइल से बनाया निशाना, तनाव बढ़ा

Mon, 01 Sep 2025 01:22 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई।

सार

Red Sea: यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर में एक तेल टैंकर को मिसाइल से निशाना बनाया है। मिसाइल हमले के बाद इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर फिर तनाव बढ़ सकता है। हूती विद्रोहियों ने इस जहाज को इस्राइल से जुड़ा बताया और हाल ही में इस्राइली हमलों में मारे गए हूती नेताओं की प्रतिक्रिया के रूप में इस कार्रवाई को अंजाम दिया। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के तट के पास लाल सागर में एक तेल टैंकर पर मिसाइल दागी। इससे इस वैश्विक जल मार्ग पर जहाजों पर उनके हमलों की फिर शुरुआत हो सकती है।
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हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारि ने एक रिकॉर्डेड संदेश में इस हमले की जिम्मेदारी ली। यह संदेश हूती नियंत्रित सैटेलाइट न्यूज चैनल अल-मसीरा पर प्रसारित हुआ। उन्होंने दावा किया कि यह 'स्कारलेट रे' जहाज इस्राइल से जुड़ा हुआ था। जहाज के मालिकों से तत्काल संपर्क नहीं हो सका।

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ब्रिटेन की सेना के यूनाइटेड किंगडम मरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि सऊदी अरब के यानबू इलाके के पास एक जहाज ने पानी में किसी चीज के गिरने की आवाज (छपाक) और एक धमाका सुना। यह सेंटर मध्य पूर्व में जहाजों की आवाजाही पर नजर रखता है।

नवंबर 2023 से दिसंबर 2024 तक हूती विद्रोहियों ने इस्राइल-हमास युद्ध के दौरान गाजा पट्टी में 100 से अधिक जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। अब तक अपने अभियान में हूती विद्रोहियों ने चार जहाजों को डुबाया है और आठ नाविकों की जान ली है।

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने युद्ध के दौरान एक छोटे युद्धविराम के दौरान अपने हमले बंद कर दिए थे। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर एक साप्ताहिक हवाई हमले हुए, जिसके बाद उन्होंने हूती विद्रोहियों के साथ युद्धविराम की घोषणा की। जुलाई में हूती विद्रोहियों ने दो जहाज डुबोए, जिनमें चार लोग मारे गए।
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हूती विद्रोहियों के ताजा हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब इस्राइल और हमास के बीच युद्ध में युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं, ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम का भविष्य भी सवालों के घेरे में है। इस्राइल और ईरान के 12 दिनों तक संघर्ष चला था, जिसमें अमेरिकी बलों ने तीन ईरानी परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। इस्राइल ने पिछले हफ्ते कई हवाई हमले किए, जिनमें हूती प्रधानमंत्री और कई कैबिनेट सदस्यों की मौत हुई। जहाज पर हूती विद्रोहियों का हमला उनकी प्रतिक्रिया माना जा रहा है।

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