ट्रंप ने दावा किया कि दोनों नेताओं ने कई ऐसे मुद्दों को सुलझाया है, जिन्हें दूसरे लोग शायद हल नहीं कर पाते। उन्होंने कहा, “हमने कई समस्याओं का समाधान किया है, जिन्हें बहुत से लोग सुलझा नहीं सकते थे। ईरान मुद्दे पर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन दोनों चाहते हैं कि ईरान संकट खत्म हो। उन्होंने दोहराया कि दोनों देश नहीं चाहते कि ईरान के पास परमाणु हथियार हों।
ट्रंप ने यह भी कहा कि समुद्री व्यापार मार्ग खुले रहना बेहद जरूरी है। उनका इशारा रणनीतिक जलमार्गों और वैश्विक सप्लाई चेन की सुरक्षा की ओर था। इस दौरान ट्रंप ने घोषणा की कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 24 सितंबर को अमेरिका का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा, “यह यात्रा पारस्परिक होगी और मुझे उम्मीद है कि वह भी चीन को लेकर मेरी तरह प्रभावित होकर लौटेंगे।
ट्रंप ने शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बीजिंग स्थित झोंगनानहाई परिसर में अहम बैठक की। यह मुलाकात ट्रंप की दो दिवसीय चीन यात्रा का हिस्सा है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक के दौरान ट्रंप ने परिसर के खूबसूरत बगीचों और वहां की साज-सज्जा की तारीफ की। शी जिनपिंग खुद ट्रंप के साथ पूरे परिसर में मौजूद रहे। झोंगनानहाई को चीन का व्हाइट हाउस माना जाता है। यह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का सबसे अहम नेतृत्व परिसर है, जहां चीन के शीर्ष नेता काम करते हैं और महत्वपूर्ण सरकारी फैसले लिए जाते हैं।
करीब 1,500 एकड़ में फैला यह परिसर बड़े-बड़े झीलों, पारंपरिक बगीचों, मंडपों और सरकारी दफ्तरों से घिरा हुआ है। इसे चीन के सबसे सुरक्षित और गोपनीय इलाकों में गिना जाता है। यहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहती है और आम लोगों की पहुंच पूरी तरह सीमित होती है।