चीन में कोरोना वायरस की वजह से बरती गई सख्ती से लोग अपने बच्चों से भी अलग हो रहे हैं। जियांगसू जा रहे एक दंपति से उनके बच्चों को नानजिंग लकाऊ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर केवल इसलिए अलग कर दिया गया क्योंकि वे संदिग्ध संक्रमित लग रहे थे। इस घटना की तस्वीरें चीनी सोशल मीडिया साइट वाइबो पर वायरल हो रही हैं।
इनमें दावा है कि बुधवार रात एयरपोर्ट पर बोर्डिंग गेट के पास इन बच्चों को जांच दल ने संदिग्ध रोगी मानते हुए रोक लिया। चांगसा शहर जाने के लिए निकले उनके माता-पिता मिन्नतें करते रहे, लेकिन उन्हें उड़ान में सवार नहीं होने दिया गया। इसे लेकर तीन घंटे हंगामा हुआ। बाद में बच्चों को इसी विमान में अलग केबिन में रवाना किया गया।
चीन में प्रोपगेंडा तेज, बनाए जा रहे हीरो
चीन में भयावह हो रही स्थिति के बीच आम लोग सोशल मीडिया पर शासन के खिलाफ तस्वीरें, वीडियो और संदेश अपलोड कर रहे हैं। वहीं, सरकार का सहयोगी प्रोपगेंडा तंत्र व मीडिया ऐसे लोगों को हीरो की तरह पेश कर रहा है, जो अपनी यात्रा रद्द कर रहे हैं। सरकार वुहान व अन्य शहरों घरों में कैद लोगों को ‘महान त्यागी’ बताया है।
चीन के शहर वुहान का भयावह वीडियो वायरल
चीन के शहर वुहान से एक भयवाह सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। इसमें साफ दिख रहा है कि लोग सड़कों, अस्पताल और दूसरी जगह पर चलते-चलते बेहोश होकर गिर रहे हैं। वुहान शहर को जॉम्बीलैंड भी कहा जाने लगा है। सड़कों पर बाजारों में इस हालात को देख लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है।
वुहान शहर चारों तरफ से सील हो चुका है, परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से ठप है और लोग जहां-तहां फंसे हैं। वुहान में सड़कों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम तैनात कर दी है ताकि वायरस की चपेट में आकर या भय से बेहोश होकर गिरने वाले लोगों को इलाज मिल सके।