थाईलैंड के 21 प्रांतों में 84,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राजधानी बैंकॉक के कई इलाकों में शनिवार को भारी बारिश हुई। इससे यातायात बाधित हुआ और सैकड़ों लोगों को जगह खाली करने के लिए मजबूर होना पड़ा। थाईलैंड के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि देश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश जारी रहेगी। बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सिटिपंट ने बताया कि पूरे शहर में 200 से अधिक आश्रय स्थल बनाए गए हैं और लगभग 900 लोग उनमें रह रहे हैं।
अमेरिका के अल्बामा में टिकटॉक ने 958 करोड़ रुपये का समझौता किया
टिकटॉक और उसकी पैरेंट कंपनी बाइट डांस ने अमेरिकी राज्य अल्बामा के साथ 100 मिलियन डॉलर (958 करोड़ रुपये) का ऐतिहासिक समझौता किया है, जिससे किशोरों में सोशल मीडिया की लत और उनके मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने का मुकदमा टल गया है। इस समझौते के तहत, अल्बामा में किशोरों के ऐप इस्तेमाल करने पर कई सख्त पाबंदियां लागू की जाएंगी।
चंद्रमा पर बिजली बनाएंगे बेजोस बनाया 20 मीटर ऊंचा सोलर टावर
अमेरिकी कारोबारी जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन ने भविष्य के मून बेस को ऊर्जा देने के लिए एक विशालकाय 20 मीटर ऊंचे सोलर 'पावर टावर' का निर्माण किया है। चंद्रमा पर लंबे समय तक मानव बस्तियों को बनाए रखने के लिए बिजली का संकट सबसे बड़ी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए इस वर्टिकल सोलर ऐरे सिस्टम को डिजाइन किया गया है।
4.27 सेकंड में रूबिक्स क्यूब सेट कर बनाया विश्व रिकॉर्ड
चीन की 6 वर्षीय लियान युनजी (झिझि) ने मात्र 4.27 सेकंड में 3x3x3 रुबिक्स क्यूब सेट करने का महिला वर्ग में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने वर्ल्ड क्यूब एसोसिएशन की प्रतियोगिताओं में यह कीर्तिमान स्थापित किया। सिचुआन प्रांत के चेंगदू की रहने वाली झिझि प्रतिदिन 2 से 3 घंटे तक रुबिक्स क्यूब का अभ्यास करती हैं। उन्होंने रुबिक्स क्यूब के लिए 1,300 से ज्यादा एल्गोरिदम पर महारत हासिल की है। रूबिक क्यूब को सबसे कम समय में हल करने का रिकॉर्ड पोलैंड के टियोडोर जाजडर के नाम है, जिन्होंने इसे 2.76 सेकंड में हल किया है।
सोशल मीडिया के 'ग्लास स्किन' ट्रेंड से युवा परेशान न हों, 80% से ज्यादा किशोरों को मुंहासे
सोशल मीडिया पर बेदाग और चमकदार त्वचा यानी 'ग्लास स्किन' का ट्रेंड किशोरों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कई किशोर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के वीडियो देखकर कई तरह के सीरम, टोनर, मास्क और एक्सफोलिएटिंग प्रोडक्ट इस्तेमाल करने लगे हैं। अपेक्षित परिणाम न मिलने पर युवा तनाव में आ जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस उम्र में त्वचा की देखभाल के लिए लंबी-चौड़ी स्किनकेयर रूटीन जरूरी नहीं है। उल्टा, जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से त्वचा में जलन और दूसरी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 13 से 18 वर्ष की उम्र के 80% से अधिक किशोरों को एक्ने यानी मुंहासों की समस्या होती है। त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक किशोरावस्था में हार्मोनल बदलाव के कारण त्वचा में तेल का उत्पादन बढ़ता है। इससे बालों के रोम बंद होने और सूजन के कारण ब्लैकहेड्स, व्हाइटहेड्स और मुंहासे हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली साफ और बेदाग त्वचा को सामान्य मानक नहीं समझना चाहिए। पोर्स, ब्लैकहेड्स, लालिमा और कभी-कभी मुंहासे किशोर त्वचा का सामान्य हिस्सा हो सकते हैं।