मोरक्को चुनाव: ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी ने जीतीं सबसे अधिक 97 सीटें
मोरक्को के संसदीय चुनाव में ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी ने सबसे अधिक सीटें हासिल की हैं। आंतरिक मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को घोषित अंतिम परिणामों के अनुसार, पार्टी ने प्रतिनिधि सभा की 395 में से 97 सीटें जीतीं। यह पार्टी किंग मोहम्मद VI के करीबी एक शाही सलाहकार ने स्थापित की थी। पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। सरकार बनाने के लिए उसे अन्य दलों के साथ बातचीत करनी होगी। यह चुनाव युवाओं में बढ़ती निराशा से प्रभावित था। समृद्ध अर्थव्यवस्था के बावजूद देश में बेरोजगारी अधिक है। लोगों ने बेहतर स्कूलों, अस्पतालों और आवास की मांग की थी।
जयशंकर ने यूएनजीए से इतर ईरान और रूस के विदेश मंत्रियों से की मुलाकात
भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र से इतर रूस और ईरान के साथ बातचीत की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले मॉस्को और तेहरान से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी नया कानून मंजूर किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान और रूस के अपने समकक्षों से मुलाकात की। इन बैठकों में द्विपक्षीय मुद्दों, ब्रिक्स समूह में सहयोग और खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष समेत कई विषयों पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ ब्रिक्स में सहयोग पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा, "आज रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ अच्छी बैठक हुई। कई मौजूदा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। साथ ही द्विपक्षीय और ब्रिक्स सहयोग की भी समीक्षा की।" ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। भारत ने इसी महीने की शुरुआत में ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। इसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने हिस्सा लिया था।
मोरक्को के संसदीय चुनाव में ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी, 97 सीटें जीतीं
मोरक्को के संसदीय चुनाव में ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी ने सबसे अधिक सीटें जीती हैं। शुक्रवार को गृह मंत्रालय की ओर से घोषित अंतिम नतीजों के मुताबिक, पार्टी ने 395 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 97 सीटों पर जीत दर्ज की है। राजा मोहम्मद छठे के करीबी सलाहकार द्वारा स्थापित इस पार्टी को फ्रेंच संक्षिप्त नाम पीएएम के नाम से जाना जाता है। हालांकि पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है और सरकार बनाने के लिए उसे अन्य दलों के साथ बातचीत कर गठबंधन करना होगा।
चुनाव के दौरान युवाओं में बढ़ती नाराजगी प्रमुख मुद्दा रही। देश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि के बावजूद बेरोजगारी की ऊंची दर, बेहतर स्कूलों और अस्पतालों की मांग तथा आवास की समस्या को लेकर लोगों में असंतोष है। जुलाई में सेउटा पहुंचने के लिए हुए बड़े पैमाने पर प्रवासन के प्रयासों और पिछले साल जेनरेशन जेड के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद यह पहला चुनाव था।
नई सरकार के सामने अरबों डॉलर के निवेश से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं की जिम्मेदारी होगी। मोरक्को 2030 के फुटबॉल विश्व कप की सह-मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इसी वजह से कुछ लोग नई सरकार को विश्व कप सरकार भी कह रहे हैं। नई राजनीतिक नेतृत्व पर नौकरियों, वेतन और रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती लागत जैसी आम लोगों से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान देने का दबाव भी रहेगा।
पीएएम के कुछ वरिष्ठ सदस्यों से जुड़े कथित ड्रग और सोने की तस्करी के बड़े मामले और उनमें से कई को मिली जेल की सजा के बावजूद पार्टी राजनीतिक नुकसान से उबरने में सफल रही। उसने पिछले चुनाव की तुलना में इस बार अधिक सीटें जीतीं। सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा रही नेशनल रैली ऑफ इंडिपेंडेंट्स यानी आरएनआई को इस चुनाव में बड़ा नुकसान हुआ और वह 66 सीटों पर सिमट गई। वहीं, उदारवादी इस्लामवादी जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी यानी पीजेडी ने बड़ी वापसी की। 2021 के चुनाव में सिर्फ 13 सीटें जीतने वाली पीजेडी इस बार 54 सीटों पर पहुंच गई।
पीएएम पहले ही कह चुकी है कि वह आरएनआई के साथ गठबंधन नहीं करेगी। बहुमत हासिल करने के लिए उसके तीसरे स्थान पर रही इस्तिकलाल पार्टी और कम सीटें जीतने वाले अन्य दलों के साथ गठबंधन करने की संभावना है। पीजेडी के साथ गठबंधन की संभावना भी कम मानी जा रही है, क्योंकि दोनों दलों के बीच लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है।
कांगो में सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त, तीन अधिकारियों समेत 13 की मौत
लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में शुक्रवार को एक सैन्य विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से तीन सेना अधिकारियों सहित 13 लोगों की मौत हो गई। क्वांगो प्रांत के उप गवर्नर रेमी साकी बोकिंडा ने बताया कि यह विमान दक्षिण-पश्चिमी शहर किकविट से राजधानी किंशासा की ओर जा रहा था। रास्ते में विमान में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद पायलट ने क्वांगो प्रांत के केंगे में इसे उतारने का प्रयास किया। उप गवर्नर ने बताया कि केंगे में कोई उचित हवाई पट्टी न होने के कारण विमान सीधे एक आवासीय भूखंड (रिहायशी इलाके) में जा गिरा। हादसे के शिकार हुए लोगों में सेना के ऑडिटर जनरल मेजर जनरल लिकुलिया बाकुमी के अलावा एक मेजर, एक कप्तान, अन्य सैन्यकर्मी और कुछ नागरिक शामिल थे।