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Updates: मुइज्जू अगले हफ्ते आ सकते हैं भारत; दो भारतीय अमेरिकी महिलाएं ‘व्हाइट हाउस फेलो’ के रूप में नामित

Fri, 04 Oct 2024 11:35 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
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मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू अगले सप्ताह सात अक्तूबर से भारत का दौरा कर सकते हैं। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। दूसरी ओर अमेरिका में दो भारतीय अमेरिकी महिलाओं- बोस्टन से पद्मिनी पिल्लई और न्यूयॉर्क से नलिनी टाटा को गुरुवार को 2024-2025 के सत्र के लिए ‘व्हाइट हाउस फेलो’ नामित किया गया। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए अमेरिका से कुल 15 विशिष्ट प्रतिभाशाली व्यक्तियों का चयन किया गया है। ‘फेलो’ ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यायल) के वरिष्ठ कर्मचारियों, कैबिनेट मंत्रियों और अन्य शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक साल तक काम करने के बाद एक बेहतर नेता के रूप में अपने समुदायों की सेवा करते हैं। टाटा को ‘व्हाइट हाउस’ के कैबिनेट मामलों के कार्यालय में नियुक्त किया गया है, जबकि पिल्लई को सामाजिक सुरक्षा प्रशासन में नियुक्त किया गया है।

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मुहम्मद यूनुस से मिले जॉर्ज सोरोस के बेटे

अरबपति जॉर्ज सोरोस के बेटे एलेक्स सोरोस ने गुरुवार को अमेरिका में बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मोहम्मद यूनुस को अपने पिता का पुराना दोस्त बताया। साथ ही एलेक्स ने मुहम्मद यूनुस की सराहना करते हुए कहा कि वे बांग्लादेश को "समता और निष्पक्षता" पर आधारित शांतिपूर्ण भविष्य की ओर ले जाएंगे।  

मोहम्मद यूनुस से मुलाकात के बाद एलेक्स ने अपने इस्टाग्राम एकाउंट पर पोस्ट भी किया। इसमें उन्होंने लिखा, "मेरे पिता और फाउंडेशन के पुराने मित्र, नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को देखकर स, बांग्लादेश के अंतरिम नेता को देखकर खुशी हुई, जिन्होंने समानता और निष्पक्षता के आधार पर बांग्लादेश को शांतिपूर्ण भविष्य की ओर ले जाने के लिए कदम बढ़ाया।

सिंगापुर में भारतीय मूल के पूर्व मंत्री ईश्वरन को 12 माह की जेल
देश के हाईकोर्ट ने भारतवंशी पूर्व परिवहन मंत्री एस. ईश्वरन को दो व्यापारियों से करीब 4,03,300 सिंगापुरी डॉलर के उपहार लेने के 7 साल पुराने मामले में 12 माह जेल सुनाई है। ईश्वरन (62) ने 24 सितंबर को मुकदमे की सुनवाई के पहले दिन उपहार प्राप्त करने और न्याय में बाधा डालने से जुड़े चार आरोपों में अपना जुर्म कबूल किया। जज ने कहा, ईश्वरन ने सार्वजनिक बयान देकर आरोपों को झूठा बताया था, जो झूठ था।

जिनपिंग के एक-चीन सिद्धांत को लेकर ताइवान का दोटूक जवाब-हम अधीन नहीं
ताइवान के विदेश मंत्रालय ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ‘एक-चीन सिद्धांत’ (ताइवान को चीन का हिस्सा मानना) के दावे पर स्पष्ट किया कि उनका देश चीन के अधीन नहीं है। ताइवानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेफ लियू ने जोर दिया, हम पर कभी भी चीन द्वारा शासन नहीं किया गया है। 30 सितंबर को चीन की वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर शी ने दावा किया था कि ताइवान ‘चीन का पवित्र क्षेत्र’ है। ताइवानी स्ट्रेट के दोनों तटों के लोग खून से जुड़े हुए हैं, और खून पानी से अधिक गाढ़ा है। जवाब में, जेफ ने पुष्टि की कि ताइवान के 2.3 करोड़ नागरिक एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक सांविधानिक प्रणाली को मानते हैं। उन्होंने कहा, ताइवान की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए। वह चीन में विलय का विरोध करता है, जबकि देश का भविष्य ताइवानियों द्वारा निर्धारित किया जाना चाहिए। लियू ने ताइवान स्ट्रेट में शांति-स्थिरता की पैरवी की।  

 

श्रीलंका ने 50 भारतीय मछुआरों को रिहा किया
श्रीलंका ने शुक्रवार को पचास भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया। इन मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने कथित तौर पर उसके जल क्षेत्र में मछली पकड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया था। भारत के कोलंबो स्थित उच्चायोग ने इसकी जानकारी दी है। दोनों देशों के मछुआरे अक्सर एक-दूसरे के जल क्षेत्रों में अनजाने में प्रवेश करने के कारण गिरफ्तार किए जाते हैं। 
 
भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 50 भारतीय मछुआरे घर लौट रहे हैं। ये मछुआरे मईलादुथुराई, पुदुकोट्टई और नापट्टिनम से हैं। इन्हें इस सप्ताह के अंत में श्रीलंका से तमिलनाडु भेजा जाएगा। उच्चायोग ने रिहा किए गए मछुआरों की तस्वीरें भी साझा कीं। श्रीलंका की ओर से यह सकारात्मक कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब विदेश मंत्री एस जयशंकर दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए द्वीप राष्ट्र के दौरे पर हैं। भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों का मुद्दा तनाव का कारण रहा है। श्रीलंका की नौसेना ने कई बार भारतीय मछुआरों पर गोलीबारी भी की है और उन्हें गिरफ्तार किया है। 

 
  
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सप्त शक्ति कमान ने उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र में पहली उड़ान का सफलतापूर्वक किया संचालन
भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमान ने उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र में पहली उड़ान का सफल संचालन किया है। यह उपलब्धि तकनीक की सभी सीमाओं को पार करने और नए उपकरणों का कुशलता से उपयोग करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सेना की दक्षिण पश्चिम कमान ने कहा कि यह सफलता टीम के कठिन परिश्रम, पेशेवर प्रतिबद्धता और नेतृत्व करने वाले दृष्टिकोण का प्रमाण है। सप्त शक्ति कमान ने यह साबित कर दिया है कि वे चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं और तकनीकी उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। 
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