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Update: गैलरीज लाफायेट पेरिस में UPI भुगतान शुरू; बांग्लादेश दौरे पर भारतीय नौसेना प्रमुख, सहयोग बढ़ाने पर बात

Thu, 04 Jul 2024 09:47 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
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भारत ने प्रतिष्ठित एफिल टावर में एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) की सफल शुरुआत के बाद पेरिस के ऐतिहासिक डिपार्टमेंटल स्टोर गैलरीज लाफायेट में भी इसे शुरू किया है। यह महत्वपूर्ण कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूपीआई का वैश्वीकरण करने के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में है। यूपीआई 2016 में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा विकसित एक भारतीय त्वरित भुगतान प्रणाली है। फ्रांस में भारतीय दूतावास ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा, 'यूपीआई पेरिस के हॉसमैन में विश्व प्रसिद्ध गैलरीज लाफायेट के प्रमुख स्टोर पर तीन जुलाई, 2024 को शुरू हो गया।' फ्रांस में भारत के राजदूत जावेद अशरफ ने गैलरीज लाफायेट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) निकोलस हाउज और लाइरा ग्रुप के चेयरमैन एलेन लैकोर की उपस्थिति में स्टोर पर उपयोग द्वारा यूपीआई की शुरुआत की।
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भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी का बांग्लादेश दौरा
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने बांग्लादेश दौरे के दौरान बुधवार को बांग्लादेशी वायुसेना के एयर मार्शल हसन महमूद से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के लंबे समय से मजबूत संबंध पर बातचीत हुई। भारतीय नौसेना की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान के मुताबिक दोनों के बीच प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास और सहयोग बढ़ाने की पहल पर चर्चा भी की गई।' इससे पहले भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के सुरक्षा सलाहकार मेजर जनरल तारिक अहमद सिद्दीकी (सेवानिवृत्त) से भी मुलाकात की। इस दौरान रक्षा सहयोग के माध्यम से दोनों देशों के लंबे समय से मजबूत संबंधों को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। 

छठी साइबर वार्ता: भारत-ब्रिटेन सुरक्षित और मजबूत साइबर स्पेस बनाने पर सहमत
भारत और ब्रिटेन साइबर स्पेस में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और ब्रिटेन ने साइबर स्पेस को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए अपनी साइबर एजेंसियों के बीच सहयोग को गहरा करने पर सहमति जताई है। दोनों पक्षों के बीच छठी साइबर वार्ता बुधवार को दिल्ली में आयोजित की गई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वार्ता के दौरान साइबर-खतरों का आकलन, इंटरनेट शासन, डाटा संरक्षण, अहम बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, क्षमता निर्माण और संयुक्त राष्ट्र में साइबर क्षेत्र में नवीनतम विकास सहित बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को लेकर विचार विमर्श किया गया। दोनों पक्ष सुरक्षित और मजबूत साइबरस्पेस बनाने के लिए अपनी संबंधित साइबर एजेंसियों के बीच सहयोग को गहरा करने पर सहमत हुए हैं। वार्ता की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के साइबर कूटनीति प्रभाग के संयुक्त सचिव अमित शुक्ला और ब्रिटेन के विदेश राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) के साइबर नीति विभाग में रणनीति प्रमुख कैट जोन्स ने की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), सीईआरटी-इन और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (एनसीआईआईपीसी) के अधिकारी शामिल थे। बयान में कहा गया है कि ब्रिटेन के प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र, एफसीडीओ के साइबर नीति विभाग और ब्रिटिश उच्चायोग की साइबर नीति टीम के प्रतिनिधि शामिल थे।
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