पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पुलिस ने शनिवार को आईएसआईएस, टीटीपी और अन्य प्रतिबंधित संगठनों के 22 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार करके एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने का दावा किया। आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) के प्रवक्ता के अनुसार, उसने इस सप्ताह पंजाब के विभिन्न जिलों में 152 खुफिया-आधारित अभियान चलाए और आईएसआईएस, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और लश्कर-ए-झांगवी (एलईजे) से जुड़े 22 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। प्रवक्ता ने कहा कि कथित आतंकवादियों को लाहौर, अटक, शेखूपुरा, मुजफ्फरगढ़, ननकाना साहिब, बहावलपुर, डीजी खान, फैसलाबाद, मुल्तान, बहावलनगर और रावलपिंडी जैसे इलाकों से गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से कथित तौर पर 1,645 ग्राम विस्फोटक, तीन हथगोले, एक आईईडी बम, 12 डेटोनेटर, 32 फीट लंबा एक सेफ्टी फ्यूज वायर, एक पिस्तौल और प्रतिबंधित साहित्य बरामद किए गए। प्रवक्ता ने कहा कि गिरफ्तार आतंकवादियों ने पंजाब में तोड़फोड़ की योजना बनाई थी और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और हस्तियों को निशाना बनाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आतंकवादियों के खिलाफ 19 मामले दर्ज किए हैं और उन्हें पूछताछ के लिए अज्ञात स्थान पर भेज दिया है।
लोकदर्शन रेग्मी बने भारत में नेपाल के नए राजदूत
पूर्व मुख्य सचिव और ब्रिटेन में नेपाल के राजदूत लोकदर्शन रेग्मी को पड़ोसी देश ने भारत में नया राजदूत नामित किया। रेग्मी इससे पहले गृह सचिव, वित्त सचिव और भूमि सुधार एवं प्रबंधन मंत्रालय में सचिव पद पर रह चुके हैं। देश की एक अन्य अहम खबर दक्षिणी नेपाल से आई। यहां एक सड़क दुर्घटना में दो भारतीयों की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। मृतकों की पहचान बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के तमन्ना शेख (35) और इरफान आलम (21) के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार शुक्रवार शाम दोनों स्कॉर्पियो से जा रहे थे, पूर्वी पश्चिम राजमार्ग के चंद्रनिगाहपुर खंड में एक पत्थर उनकी गाड़ी पर आ गिरा।
अमेरिकी विमानवाहक पोत द. कोरिया पहुंचा
परमाणु ऊर्जा से चलने वाला अमेरिकी विमानवाहक पोत रूसी गठबंधन के साथ आगे बढ़ने वाले उत्तर कोरियाई खतरों से निपटने के लिए दक्षिण कोरिया पहुंचा है।दक्षिण कोरिया का कहना है कि रूस-उत्तर कोरियाई समझौता उसकी सुरक्षा के लिए खतरा है। नए मल्टीडोमेन अभ्यास का उद्देश्य वायु, समुद्र और साइबरस्पेस सहित ऑपरेशन के विभिन्न क्षेत्रों में देशों की संयुक्त प्रतिक्रिया को तेज करना है।
चीन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया
पूर्वी लद्दाख में 2020 के सैन्य गतिरोध के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में आई खटास के बावजूद, चीन भर में सैकड़ों लोगों ने शनिवार को 10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्राचीन भारतीय शारीरिक और आध्यात्मिक अभ्यास में अपने जुनून और कौशल का प्रदर्शन किया। अधिकारियों का कहना है कि साल दर साल, विभिन्न शहरों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आधिकारिक और अनौपचारिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले योग साधकों खासकर युवाओं की संख्या बढ़ रही है। शनिवार को बीजिंग में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित दो घंटे के कार्यक्रम में 1,000 से अधिक योग उत्साही लोगों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के एक दिन बाद सप्ताहांत की छुट्टी के साथ आयोजित किया गया था। चीन में भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत, उनकी पत्नी श्रुति रावत और उप राजदूत अभिषेक शुक्ला के अलावा दूतावास के अधिकारी पुराने दूतावास परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में योग साधकों की भीड़ में शामिल हुए।
तुर्किये में आग से 11 लोगों की मौत
फसल की पराली में लगी आग रातों-रात दक्षिणपूर्वी तुर्किये की बस्तियों में फैल गई, जिससे 11 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गई। 44 लोगों का अस्पतालों में इलाज किया गया, जिनमें 10 की हालत गंभीर है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आग दियारबाकिर और मार्डिन प्रांतों के बीच एक क्षेत्र में लगी। दियारबाकिर के गवर्नर अली इहसान सु ने कहा, हवाओं के कारण आग तेजी से फैली और उसने कोकसलान, याजसिसेगी और बागासिक गांवों की बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग पर शुक्रवार तड़के काबू पा लिया गया। स्वास्थ्य मंत्री फहार्टिन कोका ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अधिकारियों ने आग के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
घरेलू हिंसा होने पर अमेरिकी सरकार को लोगों से बंदूक छीनने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि घरेलू हिंसा रोकने के लिए बनाए गए कानून के तहत लोगों को दिए गए हथियार छीने जा सकते हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस कानून को बरकरार रखने का एलान किया, जिसके तहत घरेलू हिंसा का दोष साबित होने पर सरकार को दोषियों से बंदूक / हथियार छीनने का अधिकार हासिल है। 2008 में अमेरिका में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने आत्मरक्षा के लिए घर में बंदूक या फायरिंग करने वाले हथियार रखने को 'व्यक्तिगत संवैधानिक अधिकार' के रूप में मान्यता दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट का नया फैसला बंदूक अधिकारों के पक्ष में अदालत के प्रमुख फैसलों की एक निरंतर श्रृंखला से पीछे हटने के रूप में देखा जा रहा है।