दक्षिणी चीन में टाइफून नोल की दस्तक
दक्षिणी चीन में रविवार तड़के शक्तिशाली टाइफून नोल ने दस्तक दी, जिसके बाद गुआंगदोंग प्रांत और हांगकांग सहित आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। चीन के राष्ट्रीय मौसम केंद्र के अनुसार, टाइफून ने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 3:50 बजे गुआंगदोंग प्रांत के हुइझोउ शहर के हुइदोंग काउंटी तट पर लैंडफॉल किया। इसके केंद्र के पास अधिकतम 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं दर्ज की गईं। खतरे को देखते हुए शनिवार दोपहर तक 3.40 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। राष्ट्रीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दक्षिणी गुआंगदोंग और दक्षिण-पूर्वी फुजियान के कई इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाएं और जलभराव की स्थिति बन सकती है।
150 से अधिक उड़ानें रद्द, ट्रेन सेवाएं ठप
टाइफून नोल के प्रभाव से परिवहन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हांगकांग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार और रविवार की 150 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि गुआंगदोंग प्रांत में रविवार की कई ट्रेन सेवाएं भी स्थगित कर दी गईं। हांगकांग में तेज हवाओं के कारण एक ऊंची इमारत पर लगा मचान (स्कैफोल्डिंग) गिर गया, हालांकि पुलिस के अनुसार इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। उधर, ताइवान के केंद्रीय मौसम प्रशासन ने बताया कि टाइफून के कारण दक्षिणी और पूर्वी ताइवान में भी बारिश हुई, लेकिन तूफान द्वीप से दूर होता जा रहा है। इससे पहले जुलाई में आए टाइफून बावी और मायसाक भी चीन में भारी तबाही मचा चुके हैं। ऐसे में लगातार आ रहे चक्रवातों ने दक्षिणी चीन के तटीय इलाकों में लोगों की चिंता और प्रशासन की चुनौती दोनों बढ़ा दी हैं।
नाटो मुख्यालय में जासूसी का शक
बेल्जियम में नाटो (NATO) के सैन्य मुख्यालय के भीतर कथित जासूसी के आरोप में एक कनाडाई महिला इंटर्न को गिरफ्तार किया गया है। बेल्जियम के संघीय अभियोजक कार्यालय ने शनिवार को बताया कि नाटो की सुरक्षा सेवाओं से सूचना मिलने के बाद जासूसी की जांच शुरू की गई। इसके तहत गुरुवार को संदिग्ध के घर और नाटो के विशाल सैन्य परिचालन केंद्र स्थित उसके कार्यस्थल पर छापेमारी की गई। इसके अगले दिन शुक्रवार को अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, गिरफ्तार महिला चीनी मूल की कनाडाई नागरिक है और उस पर किसी तीसरे देश के लिए जासूसी करने तथा एक आपराधिक संगठन की सदस्य होने का संदेह है। फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों ने मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैं। इस घटना ने नाटो की सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों की निगरानी को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
चीन को पहले ही बताया जा चुका है सुरक्षा चुनौती
नाटो के 32 सदस्य देशों में कनाडा और बेल्जियम दोनों शामिल हैं। वर्ष 2021 में नाटो ने अपनी रणनीतिक समीक्षा में चीन को रूस और मध्य-पूर्व से जुड़े खतरों के साथ एक प्रमुख सुरक्षा चुनौती बताया था। जिस सैन्य मुख्यालय में यह मामला सामने आया, उसे सुप्रीम हेडक्वार्टर एलाइड पावर्स यूरोप (SHAPE) कहा जाता है। यह बेल्जियम के दक्षिणी शहर मॉन्स में फ्रांस की सीमा के पास स्थित है और यहीं से नाटो की संयुक्त सैन्य रणनीति, अभियानों और परिचालन की योजना बनाई जाती है। वहीं, संगठन का राजनीतिक मुख्यालय ब्रुसेल्स में है, जहां सदस्य देशों के राजदूत रक्षा खर्च, ड्रोन घुसपैठ, साइबर सुरक्षा और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं। ऐसे संवेदनशील सैन्य केंद्र में कथित जासूसी का मामला सामने आने से नाटो की आंतरिक सुरक्षा, खुफिया निगरानी और सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।