अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि वह इस महीने फ्रांस में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह सम्मेलन 15 से 17 जून तक फ्रांस के एवियन-ले-बैंस शहर में आयोजित किया जाएगा। ऐसे समय में यह बैठक हो रही है, जब ईरान को लेकर अमेरिका और उसके पारंपरिक सहयोगी देशों के बीच मतभेद बढ़े हुए हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपनी यात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि वह 14 जून को व्हाइट हाउस परिसर में आयोजित होने वाली यूएफसी विश्व चैंपियनशिप फाइट्स देखने के बाद सीधे फ्रांस रवाना होंगे। ट्रंप ने इस आयोजन को अमेरिकी इतिहास की सबसे मनोरंजक रातों में से एक बताया।
हाल के दिनों में ट्रंप ने जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे प्रमुख जी-7 देशों की आलोचना की थी। उनका मानना है कि ये देश पश्चिम एशिया में अमेरिका की सैन्य रणनीति का पूरा समर्थन नहीं कर रहे हैं। इसी कारण शुरुआत में उनके जी-7 सम्मेलन में शामिल होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। यह सम्मेलन ट्रंप के लिए खास माना जा रहा है, क्योंकि फरवरी में अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद यह पहली बार होगा जब वह कई वैश्विक नेताओं से आमने-सामने मुलाकात करेंगे। जी-7 दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन शामिल हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ भी इसमें भाग लेता है। सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संकटों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
श्रीलंका के वृद्धाश्रम में आग लगने से 12 लोगों की मौत, संचालक गिरफ्तार
श्रीलंका के एक वृद्धाश्रम में आग लगने से 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि वृद्धाश्रम 'सनेहासे कडल्ला मावुपिया सवाना' (स्नेह का घोंसला) के संचालक को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में अदालत ने उसे 11 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह आग बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे कोलंबो से लगभग 65 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित कालूतारा जिले के अंगुरुवाटोटा इलाके में वृद्धाश्रम में लगी।
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से 10 लोगों के शव बरामद किए गए, जबकि दो अन्य की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। आग लगने के समय वृद्धाश्रम में 70 से अधिक बुजुर्ग रह रहे थे। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से आग पर काबू पाया गया। घटना में घायल सात लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस ने बताया कि कुल 51 बुजुर्गों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें पास के एक स्कूल में अस्थायी रूप से ठहराया गया है।
फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर विमान का नोज गियर टूटा, लुफ्थांसा के कई कर्मचारी घायल
फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर बृहस्पतिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। लुफ्थांसा एयरलाइन के एक बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान का नोज गियर (अगला पहिया) अचानक टूट गया, जिससे कई कर्मचारी घायल हो गए। विमान फ्रैंकफर्ट से लॉस एंजिलिस के लिए उड़ान भरने की तैयारी में था और यात्री सवार नहीं हुए थे।
एयरलाइन के अनुसार, यह घटना दोपहर करीब 12 बजे हुई जब विमान गेट पर खड़ा था। उस समय विमान में केवल चालक दल के सदस्य और ग्राउंड स्टाफ मौजूद थे। लुफ्थांसा ने एक बयान में कहा कि घायल कर्मचारियों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। एयरलाइन और संबंधित अधिकारी इस घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि तकनीकी खामी के कारणों का पता लगाया जा सके। अभी तक किसी यात्री के हताहत होने की खबर नहीं है।
भारत ने यमन के पूर्व राष्ट्रपति अबद्रब्बुह मंसूर हादी के निधन पर शोक व्यक्त किया
भारत ने यमन के पूर्व राष्ट्रपति अबद्रब्बुह मंसूर हादी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। भारत सरकार ने कहा कि दिवंगत नेता को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए हमेशा भारत के मित्र के रूप में याद किया जाएगा। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवासी भारतीय मामलों (OIA), कांसुलर, पासपोर्ट और वीजा (CPV) प्रभागों की सचिव, श्रीप्रिया रंगनाथन ने बुधवार को नई दिल्ली में यमन दूतावास का दौरा कर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन, यमन गणराज्य के पूर्व राष्ट्रपति अबद्रब्बुह मंसूर हादी के दुखद निधन पर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर करने के लिए यमन गणराज्य के दूतावास, नई दिल्ली का दौरा किया।" मंत्रालय ने आगे कहा, "भारत सरकार पूर्व राष्ट्रपति के परिवार, और यमन गणराज्य की सरकार और लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती है। पूर्व राष्ट्रपति हादी को भारत के मित्र के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने भारत-यमन संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।" यमन के सरकारी प्रसारक की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व नेता का 80 वर्ष की आयु में 28 मई को रियाद में निधन हो गया था।
सोमालिया की राजधानी में सरकार विरोधी प्रदर्शन से पहले सशस्त्र झड़पें
सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में बुधवार शाम को नियोजित सरकार विरोधी प्रदर्शन से पहले विपक्षी नेताओं के समर्थकों और राज्य सुरक्षा बलों के बीच सशस्त्र झड़पें हुईं। हिंसा से तत्काल कोई आधिकारिक हताहतों की संख्या उपलब्ध नहीं है। सरकार और विपक्ष दोनों ने हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। निवासियों ने बुधवार को कई मोहल्लों में भारी गोलीबारी और विस्फोटों की सूचना दी।
शहर के हॉल्वाडाग जिले के निवासी अब्दुल्लाही मोहम्मद ने कहा, "हमने भारी हथियारों की आवाज सुनी और लोग अपने घरों से भाग रहे थे। कई परिवार सुरक्षित स्थानों की तलाश में इलाके से चले गए।" विपक्षी नेताओं का कहना है कि गुरुवार के लिए नियोजित रैली को सांविधानिक उल्लंघनों और राष्ट्रपति हसन शेख महमूद द्वारा अपने कार्यकाल को बढ़ाने के प्रयासों के विरोध में आयोजित किया गया था। सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
मोगादिशु पुलिस ने कहा कि हिंसा "संगठित हमलों" से उत्पन्न हुई, जो राजनीतिक हितों को साधने वाले समूहों से जुड़े सशस्त्र मिलिशिया द्वारा किए गए थे। पुलिस ने एक बयान में कहा, "ये घटनाएं शांतिपूर्ण सार्वजनिक प्रदर्शनों का आयोजन नहीं थीं, बल्कि समन्वित सशस्त्र कार्य थे जिन्होंने सीधे राजधानी की सुरक्षा, व्यवस्था और स्थिरता को खतरा पहुंचाया।"