दूसरी तरफ, प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि यहां कोई हिंदू मंदिर नहीं था। निर्माण कार्य नियमों के अनुसार हो रहा है। लंडी कोटाल के प्रमुख आदिवासी पत्रकार इब्राहिम शिनवारी ने कहा, मंदिर लंडी कोटाल बाजार के केंद्र में स्थित था, जिसे 1947 में स्थानीय हिंदू विरोध के बाद बंद कर दिया गया था।
अमेरिकी मंदिरों पर हमले होने व हिंदूफोबिया की निंदा का प्रस्ताव
अमेरिका में हिंदुओं और हिंदू धर्म के योगदानों का जिक्र करते हुए प्रमुख भारवंशी सांसद श्री थानेदार ने ‘हिंदूफोबिया’ व हिंदू-विरोधी कट्टरता, नफरत (हिंदूफोबिया) की निंदा करते हुए प्रस्ताव पेश किया। अमेरिकी संसद के निचले सदन (प्रतिनिधि सभा) में पेश किए गए प्रस्ताव को सदन की निरीक्षण और जवाबदेही समिति के पास भेजा गया है। प्रस्ताव के मुताबिक, अमेरिका में हिंदू-अमेरिकियों को अपनी विरासत और प्रतीकों के बारे में रूढ़िवादिता तथा दुष्प्रचार का सामना करना पड़ता है।