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विदेश के समाचार: एफबीआई की सतर्कता से टली बड़ी मुसीबत, मॉल ऑफ अमेरिका पर हमले की साजिश नाकाम

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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
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अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने बुधवार को दावा किया कि उसने मॉल ऑफ अमेरिका पर हमले की साजिश को नाकाम कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि एफबीआई के एजेंट ही आईएसआईएस के आतंकी बनकर आरोपी किशोर के संपर्क में थे। एजेंट्स ने ही किशोर के कहने पर हमले की योजना बना रहे किशोर को असॉल्ट राइफल मुहैया कराई थी। हालांकि हमले को अंजाम देने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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एफबीआई ने क्या बताया?
अधिकारियों ने बताया कि 18 वर्षीय युवक करीब दो साल से जांच के दायरे में था और इस दौरान वह एफबीआई के एक गोपनीय मुखबिर के साथ लगातार संपर्क में था। बाद में एजेंटों ने उसे राइफल और गोला-बारूद बेचने का प्रस्ताव दिया। अमेरिकी अटॉर्नी डेनियल रोसेन ने एफबीआई की जांच की सराहना करते हुए कहा, 'यह एक कट्टरपंथी विचारों वाला युवक था, जिस पर नजर रखने की जरूरत थी।'

उन्होंने कहा कि एजेंटों ने 'खतरे का पता लगाने और उसे रोकने में सफलता हासिल की, इससे पहले कि आरोपी अपनी उस मंशा को अंजाम दे पाता, जिसके तहत, उसके अपने शब्दों में, वह 30 से 60 लोगों की हत्या करना चाहता था।' शिकायत के अनुसार, 18 वर्षीय शेखदून अब्दुल्लाही मोहम्मद को मंगलवार को मॉल ऑफ अमेरिका से कई मील उत्तर-पश्चिम में रिचफील्ड के एक सार्वजनिक पार्क से गिरफ्तार किया गया। उसने आईएसआईएस के सदस्य के रूप में खुद को पेश कर रहे एफबीआई के एक अंडरकवर एजेंट को AK-47 राइफल और 200 राउंड गोलियां खरीदने के लिए 600 अमेरिकी डॉलर दिए थे।
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शिकायत में कहा गया है कि एफबीआई के एक गोपनीय सूत्र के साथ टेक्स्ट संदेशों में मोहम्मद ने गैर-मुस्लिम लोगों की हत्या के लिए हमला करने की अपनी मंशा बार-बार जाहिर की थी।
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दो करोड़ लोगों से लिया शुल्क, गूगल के खिलाफ ब्रिटेन में मुकदमा शुरू

प्ले स्टोर पर पेड सुविधा, गेमिंग आइटम या इन-ऐप सब्सक्रिप्शन पर ऐप डेवलपर्स से 30% तक की फीस लेने के मामले में गूगल को ब्रिटेन में बड़ा झटका लगा है। लंदन की अदालत में इस मामले पर कंपनी के खिलाफ मुकदमा शुरू हो गया है। मुकदमे का मुख्य आरोप यह है कि गूगल के इस भारी कमीशन के कारण ऐप डेवलपर्स को अपने ऐप्स और सर्विसेज के दाम बढ़ाने पड़े।

मामले की  अगुवाई कर रहीं उपभोक्ता नीति विशेषज्ञ लिज कोल का कहना है कि ब्रिटेन के लगभग 2 करोड़ उपभोक्ताओं ने अनजाने में इन छिपे हुए शुल्कों के कारण ऐप्स और गेम्स के लिए ज्यादा कीमत चुकाई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि गूगल ने मोबाइल बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का गलत इस्तेमाल (एकाधिकार का दुरुपयोग) किया है, इसलिए ग्राहकों का पैसा वापस मिलना चाहिए। वहीं अपने बचाव में  गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट का कहना है कि एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं को अन्य ऐप स्टोर इस्तेमाल करने की पूरी आजादी देता है और उनकी फीस बाजार में सबसे कम है। 
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