होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने बताया कि 20 अगस्त तक अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ नाकाबंदी लागू करते हुए 67 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदल दिया। तीन जहाजों को रोक दिया गया और दो अन्य जहाजों पर सवार होकर जांच की गई। यह कार्रवाई अरब सागर में अमेरिकी नौसैनिक अभियान के तहत की जा रही है। अमेरिका का कहना है कि इन कार्रवाइयों का मकसद ईरान पर लगाई गई नाकाबंदी के नियमों का पालन कराना है। अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के एमवी-22बी ऑस्प्रे विमान यूएसएस बॉक्सर से अभियान में काम कर रहे हैं। सेंटकॉम के मुताबिक अमेरिकी बल वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रहे हैं और नियमों का पालन नहीं करने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। अगस्त की शुरुआत में भी अमेरिका ने इसी अभियान के तहत दर्जनों जहाजों का रास्ता बदलने की जानकारी दी थी।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने का असर अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जहाजों की आवाजाही में कमी से तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है। इससे परिवहन लागत और ऊर्जा कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। पहले से कम हुई जहाजों की आवाजाही बताती है कि कंपनियां सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। फिलहाल अमेरिका अपनी नाकाबंदी लागू करने के लिए समुद्री कार्रवाई बढ़ा रहा है, जबकि ईरान अमेरिकी दबाव को स्वीकार करने के संकेत नहीं दे रहा। एक तरफ अमेरिकी बलों ने 67 जहाजों का रास्ता बदला है, वहीं दूसरी तरफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या काफी कम बनी हुई है। ऐसे में किसी नए समुद्री टकराव या जहाज पर कार्रवाई से तनाव तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
पेरू में 6.7 तीव्रता का भूकंप, दक्षिणी एंडीज में हिली धरती
पेरू के दक्षिणी एंडीज पर्वतीय क्षेत्र में बृहस्पतिवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर एक बजे आया और इसका केंद्र अयाकुचो क्षेत्र के परिनाकोचास प्रांत में उपाहुआचो शहर से 38 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था। भूकंप की गहराई 66.7 किलोमीटर दर्ज की गई। झटके इका और अरेक्विपा समेत दक्षिणी पेरू के कई क्षेत्रों में महसूस किए गए। तत्काल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली। पेरू प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में आता है, जहां भूकंपीय गतिविधियां अक्सर होती हैं।