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विदेश के समाचार: इतालवी शोधकर्ता की हत्या के 10 साल बाद तीन अफसरों को जेल; फ्रांस में छात्रों का प्रदर्शन

Tue, 29 Sep 2026 02:50 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
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विदेश की समाचार सुर्खियां - फोटो : अमर उजाला
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रोम की एक अदालत ने सोमवार को इतालवी शोधकर्ता गिउलिओ रेगेनी के अपहरण के मामले में तीन मिस्र के सुरक्षा अधिकारियों को 10 साल कैद की सजा सुनाई। एक चौथे आरोपी को हत्या के आरोपों से बरी कर दिया गया। यह फैसला रेगेनी की मौत के मामले में जवाबदेही की दशक भर की खोज में महत्वपूर्ण न्यायिक मील का पत्थर है। मुख्य अभियोजक फ्रांसेस्को लो वोई ने मिस्र के सहयोग के अभाव में भी इस परिणाम का स्वागत किया। 28 वर्षीय रेगेनी 25 जनवरी, 2016 को काहिरा में गायब हो गए थे। वह मिस्र में स्वतंत्र ट्रेड यूनियनों पर शोध कर रहे थे। नौ दिन बाद उनका शव काहिरा के बाहरी इलाके में यातना के निशान के साथ मिला। हिशाम हेल्मी, अतहर कामेल मोहम्मद इब्राहिम और मगदी इब्राहिम अब्देलाल शरीफ को अपहरण का दोषी पाया गया, तारिक शबीर बरी हुए। यह मामला इटली और मिस्र के संबंधों में एक विवादास्पद मुद्दा बन गया था।

फ्रांस में छात्रों का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री लेकोर्नू और वाम दल के नेता मेलेंशॉन के बीच तीखी बहस

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू और वामपंथी नेता ज्यां-ल्यूक मेलेंशॉन के बीच सोमवार को छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर तीखी बहस हुई। छात्र कक्षाओं को बाधित कर अधिक संसाधनों की मांग कर रहे हैं। यह विवाद आगामी राष्ट्रपति चुनाव से पहले फ्रांस के राजनीतिक माहौल और वित्तीय दबाव को दर्शाता है। छात्रों की शिकायतें खराब स्कूलों, शिक्षकों की कमी और भारी समय-सारिणी को लेकर हैं। मेलेंशॉन ने छात्रों का बचाव किया, जबकि लेकोर्नू ने उनकी वामपंथी पार्टी फ्रांस अनबाउंड पर प्रदर्शनों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। पेरिस क्षेत्र में पिछले सप्ताह प्रदर्शन शुरू हुए थे। दक्षिणी आल्प्स-मैरिटाइम्स क्षेत्र में पुलिस ने 10 हाई स्कूल के छात्रों को आगजनी और हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किया। मेलेंशॉन ने सरकार पर छात्रों को "क्रूरता" और "नस्लीय भावना" से दबाने का आरोप लगाया। लेकोर्नू ने इस आरोप को "अपमान" बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षा का अधिकार है। पुलिस अधिकारियों को भी कर्तव्य पालन के दौरान सम्मान का अधिकार है।

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