डॉक्टर टेडरोस अदनहोम गेब्रेहेसुस ने जेनेवा में प्रेस वार्ता में पत्रकारों को बताया कि हम यह नहीं कह सकते हैं कि हम कोरोना वायरस के साथ जीना सीख रहे हैं, जब इसी साल COVID-19 से दस लाख लोगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि यह सब तब हो रहा है जब हम इस महामारी का सामना करने के प्रयास करते हुए ढाई साल गुजार चुके हैं और हमारे पास इन मौतों को रोकने के तमाम आवश्यक उपकरण मौजूद हैं। उन्होंने तमाम देशों की सरकारों से, वैश्विक आबादी के 70 प्रतिशत हिस्से का टीकाकरण करने की मुहिम के तहत, तमाम स्वास्थ्यकर्मियों, वृद्धजन, और अधिक जोखिम वाले अन्य लोगों के टीकाकरण की कार्रवाई तेज करने का आग्रह किया।
प्राथमिक समूहों के लिए टीकाकरण दर में प्रगति
डॉक्टर टेडरोस अदनहोम गेब्रेहेसुस ने कहा कि उन्हें यह देखकर प्रसन्नता हुई है कि कम टीकाकरण दर वाले कुछ देशों में अब टीकाकरण की दर बढ़ रही है, विशेष रूप से अफ्रीका में।
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी और उसके सहयोगी संगठनों ने जनवरी 2022 में कोविड-19 वैक्सीन आपूर्ति पार्टनरशिप शुरू की थी जिसका मुख्य मकसद ऐसे 34 देशों में वैक्सीन आपूर्ति सुनिश्चित करना था जहां 10 प्रतिशत से भी कम टीकाकरण हुआ था। आज 10 प्रतिशत से कम टीकाकरण की दर वाले केवल 10 देश बचे हैं, जिनमें से अधिकतर मानवीय आपदाओं का सामना कर रहे हैं।
टीकाकरण अब भी धीमा है
डॉक्टर टेडरोस ने उच्च प्राथमिकता वाले समूहों के टीकाकरण में हुई प्रगति का स्वागत करते हुए जोर दिया कि अभी और ज्यादा प्रयास करने होंगे क्योंकि अब भी दुनिया की एक तिहाई आबादी का टीकाकरण नहीं हो सका है। इनमें निम्न आय वाले देशों में दो तिहाई स्वास्थ्यकर्मी, और वृद्धजन की तीन चौथाई आबादी शामिल है।
उन्होंने कहा कि आमदनी के सभी स्तरों वाले सभी देश अत्यधिक जोखिम वाले समूहों को टीके लगवाने के लिए और ज्यादा प्रयास व कार्रवाई करें और जिंदगियां बचाने के लिए आनुपातिक नीतियां व उपाय लागू करें। रिकवरी के लिए यही सर्वश्रेष्ठ रास्ता है।
मंकीपॉक्स की वापसी
इस बीच, मंकीपॉक्स का संक्रमण अमेरिका में फैल रहा है लेकिन दुनिया भर में इसके मामलों की संख्या गत सप्ताह 20 प्रतिशत से ज्यादा कम हुई है। वैसे तो इस बीमारी के फैलने के शुरुआती दिनों में ज्यादातर मामले यूरोप में सामने आए थे और उतने ही मामले अमेरिकी देशों में भी थे, मगर अब स्थिति पलट गई है। इस समय, कुल दर्ज मामलों में से 40 प्रतिशत से भी कम यूरोपीय देशों से हैं, जबकि अमेरिकी देशों में यह संख्या 60 प्रतिशत है।
डॉक्टर टेडरोस ने बताया कि यूरोप में इस बीमारी की रफ्तार धीमी होने के संकेत मिल रहे हैं, जहां प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों, व्यवहार परिवर्तन और टीकाकरण फैलाव को रोकने में मदद कर रहा है। हालांकि लैटिन अमेरिका में अपर्याप्त सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की जागरूकता और टीकों की उप्लब्धता में कमी संक्रमण की दर में आ रही तेजी के कारक हैं।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)