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World: बीबीसी ने दो साल में 2,000 कर्मचारियों की छंटनी का एलान किया, स्नैप भी कर्मचारियों को निकालेगी

Thu, 16 Apr 2026 05:36 AM IST
Nitin Gautam वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
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बीबीसी ने खर्चों में 10% कटौती के लिए अगले दो वर्षों में 2,000 कर्मचारियों की छंटनी का एलान किया है। अंतरिम महानिदेशक रोड्री टालफन डेविस ने कर्मचारियों को ईमेल के जरिये बताया कि मुद्रास्फीति और लाइसेंस शुल्क के दबाव के कारण यह कठिन निर्णय लिया गया है। यह कटौती अगले साल मैट ब्रिटिन के कार्यभार संभालने से पहले हो रही है। 
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स्नैप 1,000 कर्मचारियों को निकालेगी
सोशल मीडिया कंपनी स्नैप ने लागत कम करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिये दक्षता बढ़ाने के लिए करीब 1,000 कर्मचारियों की छंटनी का एलान किया है। यह कंपनी के कुल कार्यबल का लगभग 16% हिस्सा है। कंपनी ने बताया कि 300 से अधिक खाली पदों को भी खत्म किया जाएगा।
 
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ईरान युद्ध के बाद बदला वैश्विक समीकरण, ऑस्ट्रेलिया ने बढ़ाया रक्षा बजट
ऑस्ट्रेलिया ने बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल के बीच अपने रक्षा खर्च में बड़ा इजाफा करने का ऐलान किया है। देश के रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने गुरुवार को कहा कि ईरान से जुड़े हालिया युद्ध ने वैश्विक रणनीतिक परिदृश्य को और जटिल बना दिया है। मार्लेस ने ऑस्ट्रेलिया की नई रक्षा रणनीति का दो-वर्षीय अपडेट जारी करते हुए बताया कि अगले दस वर्षों में रक्षा क्षेत्र पर 53 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 38 अरब अमेरिकी डॉलर) अतिरिक्त खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही रक्षा बजट को मौजूदा 2.8% जीडीपी से बढ़ाकर 2033 तक 3% करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह समय ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण सुरक्षा परिस्थितियों में से एक है। हालांकि, अमेरिका और इस्राइल द्वारा फरवरी में ईरान पर किए गए हमलों के बाद स्थिति कितनी बदली है, इस पर उन्होंने सीधे तौर पर टिप्पणी करने से परहेज किया।

मार्लेस ने कहा कि दुनिया अब पहले से कम सुरक्षित महसूस हो रही है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रेलिया ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के रणनीतिक लक्ष्य का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा खर्च बढ़ाने का फैसला डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के किसी दबाव में नहीं लिया गया है, बल्कि यह ऑस्ट्रेलिया का स्वतंत्र निर्णय है। 
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