दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए वेनेजुएला पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की पोस्ट पर भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सन अगुइलेरा ने कहा कि मेरे लिए इस सवाल का जवाब देना मुश्किल है। आप ट्रंप जो कह रहे हैं, उस पर 100 फीसदी या उससे अधिक भरोसा नहीं कर सकते, कभी-कभी वह लोगों को प्रभावित करने के लिए मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। वहीं निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार करने पर उन्होंने कहा कि यह एक अवैध कदम है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून पर संयुक्त राष्ट्र में बताए गए सभी सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। यह पूरी तरह से एकतरफा है। 21वीं सदी में कोई भी देश ऐसे कदम का समर्थन नहीं सकता, क्योंकि किसी को भी दूसरे देश के अंदरूनी मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है। किसी दूसरे देश, किसी बड़ी शक्ति को किसी भी देश के लिए फैसला करने का अधिकार नहीं है।
अमेरिका ने वेनेजुएला से जुड़े दो टैंकर किए जब्त
अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक और कैरिबियन सागर में वेनेजुएला से जुड़े दो प्रतिबंधित तेल टैंकरों को जब्त किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने पहले 'बेला 1' (अब 'मैरिनेरा' नाम से) और फिर 'सोफिया' नाम के जहाज को कब्जे में लिया, जो अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहे थे और वेनेजुएला से जुड़े तेल टैंकरों पर प्रतिबंध लागू है।
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ट्रंप प्रशासन ने कहा कि वह प्रतिबंध के तहत इन जहाजों को रोकने और अवैध तेल व्यापार को रोकने की कार्रवाई को तेज कर रहा है और कुछ मामलों में तेल का परिवहन व बिक्री के लिए 'चुनिंदा' रूप से प्रतिबंधों में ढील दे रहा है ताकि वैश्विक बाजारों में वेनेजुएला का तेल पहुंच सके।
ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार समर्पित करने वाली मचाडो को अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिया बड़ा झटका
वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया था कि मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बावजूद वो विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो का समर्थन नहीं करेंगे। गौरतलब है कि मारिया कोरिना मचाडो ने नोबेल शांति पुरस्कार मिलने पर इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समर्पित किया था। ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि उनके लिए नेता बनना बहुत मुश्किल होगा। उन्हें देश के भीतर समर्थन या सम्मान हासिल नहीं है। वह बहुत अच्छी महिला हैं, लेकिन उन्हें सम्मान नहीं मिलता।'
यमन में हूती विरोधी परिषद से अलगाववादी नेता निष्कासित
यमन की हूती विरोधी परिषद ने एक अलगवावादी नेता को निष्कासित कर दिया है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार परिषद ने नेता पर देशद्रोह के आरोपों का जिक्र कर ये फैसला लिया है।
मादुरो की गिरफ्तारी ने क्यों बढ़ाई खामेनेई की चिंता? पूर्व अमेरिकी एनएसए जॉन बोल्टन ने किया खुलासा
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा कि ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के लगातार बढ़ते जाने के बीच ईरानी शासन बिखर रहा है। उन्होंने कहा कि अपदस्थ नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने शायद अयातुल्ला खामेनेई का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरानी प्रदर्शनों पर दिए गए बयान पर एएनआई से बात करते हुए बोल्टन ने कहा, 'शायद अयातुल्ला का ध्यान सबसे ज्यादा मादुरो की गिरफ्तारी पर गया है। उन्हें चिंतित होना चाहिए। लेकिन मुझे लगता है कि ट्रंप की तरह बयानबाजी करने के बजाय कार्रवाई करना बेहतर है।'
उन्होंने कहा, 'ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं और फैल रहे हैं। संकेत मिल रहे हैं कि ईरानी शासन के शीर्ष पर यह वास्तव में बिखरना शुरू हो गया है। यह वह समय है जब अमेरिका और अन्य देशों को ईरानी विपक्ष से परामर्श करना चाहिए और उनसे पूछना चाहिए कि वे मदद के लिए क्या कर सकते हैं। ईरान के लोगों को यह तय करने दें कि वे किस तरह की सरकार चाहते हैं।'
25 जनवरी को नेपाल में चुनाव
नेपाल में भंग हो चुकी प्रतिनिधि सभा में प्रतिनिधित्व करने वाली चार प्रमुख राजनीतिक पार्टियां 25 जनवरी को होने वाले आगामी राष्ट्रीय सभा चुनाव के लिए गठबंधन बनाने की तैयारी कर रही हैं। 4 मार्च को उच्च सदन के द्विवार्षिक सेवानिवृत्ति चक्र के अनुसार, राष्ट्रीय सभा के 18 सदस्य रिटायर होने वाले हैं। यह आंकड़ा 59 सदस्यीय उच्च सदन का एक तिहाई है और इन रिक्त सीटों को भरने के लिए चुनाव होंगे।
इन पार्टियों में गठबंधन की उम्मीद
नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी और मधेस पार्टियों के गठबंधन के बीच चुनाव रणनीति में समन्वय के लिए चर्चा चल रही है। कांग्रेस, यूएमएल और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं के अनुसार, चर्चा इन 18 सीटों को चारों पार्टियों के बीच विभाजित करने पर केंद्रित है। इसमें कांग्रेस के लिए सात सीटें, यूएमएल के लिए छह, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के लिए चार और जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के लिए एक सीट का अस्थायी आवंटन है। कांग्रेस अपने उम्मीदवारों को कभी भी अंतिम रूप दे सकती है।
अंतरिम सरकार के तीन मंत्रियों का लिया गया इस्तीफा
अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े तीन कैबिनेट मंत्रियों को पद से इस्तीफा देने का आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो मंत्री मार्च में होने वाले आम चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, वे अंतरिम सरकार का हिस्सा नहीं रह सकते। सूत्रों के मुताबिक, कार्की ने ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री कुलमान घिसिंग, युवा एवं खेल मंत्री बाबलू गुप्ता और संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री जगदीश खरेल से इस्तीफा देने को कहा है।