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World: दक्षिण प्रशांत महासागर में 7.6 मैग्नीट्यूड का भूकंप; फ्रांस बोला- लेबनान की संप्रभुता का सम्मान हो

Tue, 24 Mar 2026 11:33 PM IST
Jyoti Bhaskar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
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अमेरिकी विदेश विभाग ने नागरिकों को इराक तुरंत छोड़ने की चेतावनी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान समर्थित आतंकवादी मिलिशिया ने इराक और कुर्दिस्तान क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिका का आरोप है कि अमेरिकी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, ऐसे में मिसाइलों, ड्रोन और रॉकेटों के जोखिम के चलते दूतावास या वाणिज्य दूतावास जाने से बचें। सभी कांसुलर सेवाएं निलंबित हैं।इराक जाने से बचने की अपील करते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए 'लेवल 4: यात्रा न करें' चेतावनी जारी की है। शनिवार को विदेश विभाग ने विश्वव्यापी चेतावनी भी जारी की थी। इसमें ईरानी समर्थकों द्वारा अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने की आशंका जताई गई। अमेरिकियों को मध्य पूर्व सहित दुनिया भर में अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

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फ्रांस के राष्ट्रपति ने लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की
पश्चिम एशिया में उपजे तनाव के बीच इस्राइल ने लेबनान पर भी ताबड़तोड़ हमले किए हैं। ईरान और अमेरिका-इस्राइल के टकराव के बीच लेबनान में हो रही बमबारी को लेकर फ्रांस ने चिंता जताई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि लेबनान की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। बता दें कि तनावपूर्ण हालात के बीच 22 देशों ने ईरान से युद्ध रोकने की अपील की है। भारत की संसद से पीएम मोदी ने भी शांति की अपील करते हुए कूटनीति पर जोर दिया है। इसी बीच रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान ने मध्यस्थता की पहल की है और ईरान-अमेरिका के अधिकारी इस्लामाबाद में मिल सकते हैं। फिलहाल, 25 दिनों से बमबारी जारी है। अमेरिका, ईरान और इस्राइल में कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा है। वैश्विक ताकतों के इस टकराव के कारण पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों में उपजा ये अभूतपूर्व मानवीय संकट और गहराने की आशंका है।

दक्षिण प्रशांत महासागर में 7.6 मैग्नीट्यूड का भूकंप

दक्षिणी प्रशांत महासागर में टोंगा के नजदीक 7.6 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। अमेरिका के जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप का केंद्र समुद्र में 237 किलोमीटर की गहराई में था और जमीन पर भी तगड़े झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र टोंगा के दूसरे सबसे बड़े शहर नीएफू से 153 किलोमीटर दूर पश्चिम में था। भूकंप में अभी तक किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।

रूस ने यूक्रेन पर करीब 400 ड्रोन दागे, छह लोगों की मौत
रूस के ड्रोन और मिसाइल हमले में यूक्रेन के छह लोगों की मौत हो गई और 46 लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि रूस की सेना ने यूक्रेन की अग्रिम रक्षा पंक्ति को तोड़ने के प्रयास तेज कर दिए हैं, जिसे वसंत में संभावित जमीनी हमले की शुरुआत माना जा रहा है।

यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि रूस ने रातभर में लगभग 400 लंबी दूरी के ड्रोन दागे, जो हाल के हफ्तों का सबसे बड़ा हमला है। यह हमला मंगलवार तक जारी रहा और दिन में भी राजधानी कीव को कई ड्रोन से निशाना बनाया गया। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने बताया कि रूस ने ईरान में डिजाइन किए गए शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए सात शहरों पर हमला किया। वायु सेना के अनुसार, रूस ने रात में देशभर में 10 स्थानों पर 23 क्रूज मिसाइल और सात बैलिस्टिक मिसाइल भी दागीं। दोपहर में हुए हमलों में मध्य यूक्रेन के शहर निप्रो में 13 लोग घायल हुए, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं। पश्चिमी शहर लविव में एक अपार्टमेंट पर हमले में भी 13 लोग घायल हुए।
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जंग में मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान तैयार- शहबाज
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक और निर्णायक बातचीत की मेजबानी के लिए तैयार और सम्मानित महसूस करेगा। यह प्रस्ताव पश्चिम एशिया में  भीषण संघर्ष खत्म करने के उद्देश्य से दिया गया है।

शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान इस क्षेत्र की शांति के लिए संवाद के प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ ही घंटों बाद शरीफ की इस पोस्ट को ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर साझा किया।  मिस्र और तुर्किये की मदद से शांति बहाली...रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये के साथ मिलकर शांति बहाली के लिए पिछले दरवाजे से कोशिशें कर रहा है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने रविवार को ट्रंप से बात कर मध्यस्थ की भूमिका निभाने की इच्छा जताई थी। ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि वाशिंगटन की तेहरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है।

नेपाली के बाद मैथिली भाषा में सर्वाधिक शपथ  
नेपाली के अलावा अन्य भाषाओं में शपथ लेने के लिए 47 सांसदों ने नाम दर्ज कराया है। संघीय संसद सचिवालय के सहसचिव एवं प्रवक्ता एकराम गिरी ने इसकी पुष्टि की है। 5 मार्च को हुए चुनाव से निर्वाचित प्रतिनिधि सभा सदस्यों का शपथ ग्रहण इस बृहस्पतिवार को होने वाला है। नेपाली के बाद सबसे अधिक 14 सांसद मैथिली और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी  की समानुपातिक सांसद खुशबू ओली संस्कृत भाषा में शपथ लेंगी। भोजपुरी भाषा में छह और मगही भाषा में दो सांसद शपथ ग्रहण करेंगे।
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