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World News: दुनिया में सहिष्णु इस्लाम के धर्मगुरु गुलेन का निधन; इंडोनेशिया में अब तक का सबसे बड़ा मंत्रिमंडल

Tue, 22 Oct 2024 03:14 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
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तुर्किये के स्व- निर्वासित इस्लामी आध्यात्मिक धर्मगुरु फेतुल्ला गुलेन का अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में निधन हो गया। गुलेन ने अपने मुल्क तुर्किये में 2016 में तख्तापलट की असफल साजिश रचने के आरोपों का सामना करत हुए एक वैश्विक आंदोलन चलाया था। वह 83 वर्ष के थे और दुनिया में सहिष्णु इस्लाम का प्रसार करने वाले धर्मगुरु रहे हैं। दुनिया भर में लाखों अनुयायियों पर उनका प्रभाव कायम रहा। फेतुल्ला गुलेन ने एक ऐसे दर्शन का समर्थन किया जिसने सूफीवाद (इस्लाम का एक रहस्यमय रूप) को लोकतंत्र, शिक्षा, विज्ञान और अंतरधार्मिक संवाद की कट्टर वकालत के साथ मिश्रित किया। वह एक बड़ी हस्ती रहे हैं।
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इंडोनेशिया में अब तक का सबसे बड़ा मंत्रिमंडल
इंडोनेशिया के नवनियुक्त राष्ट्रपति प्रोतो सुबियांतो ने 1966 कि बाद देश के सबसे बड़े मंत्रिमंडल की घोषणा की है और मजबूत सरकार का संकल्प जताया। नए राष्ट्रपति के मंत्रिमंडल में 109 सदस्य हैं। उन्होंने अपनी कैबिनेट को 'रेड एंड व्हाइट कैबिनेट' नाम दिया है।

म्यांमार लड़ाई से भाग रहे लोगों की नाव डूबी
म्यांमार की लड़ाई से भाग रहे ग्रामीणों समेत कई लोगों के एक नौका में अंडमान सागर में डूबने की खबरें हैं। हादसे में सोमवार को 7 की मौत हो गई व 30 से अधिक लोग लापता हैं। करीब 30 लोग बचाए गए हैं। ये लोग म्यांमार में सेना विद्रोहियों की लड़ाई से भाग रहे थे।
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सदगुरु को सीआईएफ ग्लोबल इंडियन अवार्ड
कनाडा इंडिया फाउंडेशन (सीआईएफ) ने ग्लोबल इंडियन अवॉर्ड-2024 ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु को देने की घोषणा है। पुरस्कार स्वरूप मिलने वाली 50 हजार कनाडाई डॉलर की धनराशि को सद्गुरू कावेरी कॉलिंग संस्था को देंगे। संस्था ने उन्हें विशिष्ट माना।
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मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति को लेकर संसदीय समिति ने की बैठक
पाकिस्तान के अगले मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति पर निर्णय लेने के लिए गठित एक विशेष संसदीय समिति मंगलवार को बैठक की। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के तीन सबसे वरिष्ठ न्यायाधीशों में से नए शीर्ष न्यायाधीश को नामित करने पर चर्चा हुई। हाल ही में लाए गए 26वें संविधान संशोधन ने न्यायपालिका से संबंधित कानूनों में कई बदलाव किए हैं, जिनमें से एक है वरिष्ठता सिद्धांत के तहत सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश को मुख्य न्यायाधीश बनाने के पिछले नियम के विपरीत तीन शीर्ष न्यायाधीशों में से एक विशेष संसदीय समिति (एसपीसी) द्वारा मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करना है। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश काजी फैज ईसा 25 अक्तूबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं और पुराने नियम के तहत वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति मंसूर अली शाह अगले मुख्य न्यायाधीश बनने वाले थे।

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