बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी कॉक्स बाजार में स्थित रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में मानसून की बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कम से कम सात बच्चों और एक शिक्षक की मौत हो गई। शरणार्थी राहत एवं प्रत्यावर्तन आयुक्त (आरआरआरसी) मोहम्मद मिजानुर रहमान ने बताया कि भूस्खलन स्थल पर चार बच्चों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य को बचाए जाने के बाद स्थानीय अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।
उन्होंने कहा कि भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ने के कारण अधिकारियों ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। यूनाइटेड काउंसिल ऑफ रोहिंग्या के अध्यक्ष सैयद उल्लाह ने कहा कि कई दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद अध्ययन के घंटों के दौरान भूस्खलन ने पहाड़ी शिविर परिसर के भीतर स्थित एक इस्लामी मदरसे को कीचड़ और मलबे के नीचे दबा दिया।
म्यांमार के रखाइन राज्य में 2017 में सैन्य कार्रवाई के दौरान 12 लाख से अधिक रोहिंग्या मुस्लिमों ने पलायन किया था। बांग्लादेश ने उन्हें प्लास्टिक की चादरों से बनी छतों वाले भीड़भाड़ वाले ढांचे में अस्थायी शरण प्रदान की। यह ताजा त्रासदी हाल के हफ्तों में मीडिया और अधिकारियों द्वारा 10 रोहिंग्याओं की मौत और कई हजार अन्य लोगों के विस्थापन की खबरों के बाद घटी है, जिसका मुख्य कारण भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ है।
पाकिस्तान ने माना, बलूचिस्तान में 38 सुरक्षा कर्मी मारे गए
बलूचिस्तान में पिछले चार दिनों में बलूच लिबरेशन आर्मी और तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान ने पाकिस्तान सेना और पुलिस के 38 जवानों को मार गिराया। खुद पाकिस्तानी सेना की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने बुधवार को यह जानकारी दी। जियो टीवी के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पहली घटना 4 और 5 जुलाई की रात को हन्ना उराक में हुई थी। यहां मांगी डैम पर पहले दिन नौ पुलिसकर्मी मारे गए और बाद में 18 और मारे गए, जिससे कुल संख्या 27 हो गई। तीसरी घटना डेला बंदर में बुधवार को सेना के काफिले से जुड़े एक ऑपरेशन के दौरान हुई। काफिले और बीएलए सदस्यों के बीच मुठभेड़ हुई। काफिले पर हमले में एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर समेत 11 जवान मारे गए। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने जियारत ज़िले में हुए हमले की जिम्मेदारी ली है।
जयशंकर ने कुवैत के क्राउन प्रिंस से द्विपक्षीय संबंधों पर की चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुवैत के क्राउन प्रिंस सबाह अल-खालिद अल-सबाह से बुधवार को मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। जयशंकर इन दिनों कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, अमेरिका और बेल्जियम के दौरे पर हैं। कुवैत पहुंचने पर उप-विदेश मंत्री हमद सुलेमान मशआन अल-मशआन ने जयशंकर का स्वागत किया। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सुबह क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-सबाह से मिलकर उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। खाड़ी क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर विचार साझा करने के लिए उनका धन्यवाद। कुवैत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक संबंधों व अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। जयशंकर ने विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद से भी भेंट कर खाड़ी क्षेत्र के संघर्ष पर चर्चा की।