इस्लामाबाद के उपनगरीय इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतकों में एक महिला और एक किशोर भी शामिल हैं। यह घटना शनिवार को जांगी सैयदैन क्षेत्र में एक घर में हुई। पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
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स्थानीय निवासियों ने सुबह गोली चलने की आवाजें सुनीं और तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो घर की पहली मंजिल पर चार शव बरामद हुए। दो पीड़ित अलग-अलग बिस्तरों पर थे, जबकि एक शव फर्श पर पड़ा मिला। पुलिस अधिकारी के अनुसार, सभी पीड़ितों के सिर में गोली लगी थी।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए अस्पताल में शिफ्ट कर दिया है। शुरुआती जांच में अधिकारियों को यह मामला 'ऑनर किलिंग' (सामूहिक हत्या) का लग रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हत्या के पीछे के कारणों का पता नहीं लगाया है और न ही किसी संदिग्ध की पहचान की है।
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मिनियापोलिस के पास छोटा विमान क्रैश
अमेरिका के मिनियापोलिस के पास शनिवार को एक छोटा विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश हो गया। यह हादसा क्रिस्टल एयरपोर्ट से टेकऑफ के कुछ ही देर बाद ब्रुकलिन पार्क इलाके में हुआ। इस हादसे में नॉर्थ डकोटा की डेमोक्रेटिक-एनपीएल पार्टी की विधायक लिज कॉनमी की मौत हो गई। उनके साथी विधायक और सीनेटर टिम मैथर्न ने इस दुखद घटना की पुष्टि की। साथ ही पायलट की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद विमान में आग लग गई। प्रशासन और जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं, जबकि हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
नेतन्याहू को सत्ता से हटाने के लिए दो पूर्व प्रधानमंत्री एकजुट, चुनाव से पहले गठबंधन
इस्राइल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां दो प्रमुख नेता नफ्ताली बेनेट और याइर लापिद ने आगामी चुनावों में साथ मिलकर लड़ने का एलान किया है। दोनों नेताओं का मकसद लंबे समय से प्रधानमंत्री बने हुए बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से हटाना है।
बेनेट और लापिद ने 2021 में गठबंधन सरकार बनाकर प्रधानमंत्री पद साझा किया था। अब दोनों अपनी पार्टियों को मिलाकर एक नया गठबंधन बनाने जा रहे हैं, जिसका नेतृत्व बेनेट करेंगे। लापिद की पार्टी येश अतीद ने बयान जारी कर कहा कि यह कदम विपक्ष को एकजुट करने और चुनाव जीतने के लिए उठाया गया है। 2021 में हुए गठबंधन ने नेतन्याहू के 12 साल के शासन का अंत किया था, लेकिन बाद में सरकार टूट गई। इसके बाद लापिद छह महीने तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे, जबकि नए चुनाव में नेतन्याहू फिर सत्ता में लौट आए। हालांकि, दोनों नेताओं के विचार अलग हैं। बेनेट एक कट्टर यहूदी हैं, जिनके फलस्तीनियों के प्रति कड़े विचार हैं। जबकि लापिद धर्मनिरपेक्ष हैं और उन्हें अधिक उदार माना जाता है।
एनएसए अजीत डोभाल ने यूएई के राष्ट्रपति से की मुलाकात, क्षेत्रीय सुरक्षा पर हुई चर्चा
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने रविवार को यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने भारत और यूएई के बीच 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' को और गहरा करने के तरीकों पर बात की। इसके अलावा क्षेत्रीय स्थिति और आपसी हित के अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
इससे पहले इसी महीने डोभाल ने सऊदी अरब के शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात की थी। उन्होंने वहां के विदेश मंत्री, ऊर्जा मंत्री और एनएसए के साथ द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की थी। डोभाल की यूएई यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि यह मुलाकात अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू कराने की कोशिशों का हिस्सा थी।
बांग्लादेश में अब हिंदू पुजारी की मौत, पेड़ से लटका मिला शव
दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश में अपने घर से लापता होने के तीन दिन बाद मंदिर की रखवाली करने वाले एक हिंदू का शव पेड़ से लटका मिला। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (बीएचबीसीयूसी) ने शनिवार देर रात बताया कि चट्टोग्राम जिले के स्थानीय उपजिला के दोहाजारी इलाके के नयन साधु (40) कॉक्स बाजार सदर उपजिला के खुरुशकुल यूनियन में स्थित एक शिवकाली मंदिर में देखभालकर्ता-सह-पुजारी के तौर पर सेवा दे रहे थे।
कॉक्स बाजार इलाके के पुलिस और निवासियों के अनुसार, 19 अप्रैल की देर शाम दो अज्ञात लोग नयन को अपने साथ ले गए थे। इसके तीन दिन बाद, गांव के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी क्षेत्र में पेड़ से लटका हुआ उसका शव मिला। एक पुलिस अधिकारी के हवाले से कालेर कांठा समाचापत्र ने बताया कि हमने जब शव बरामद किया तो वह सड़ना शुरू हो चुका था। पुलिस को अभी तक यह पक्का नहीं पता चला है कि यह हत्या का मामला है या आत्महत्या का।
एक बयान में, परिषद ने उनकी हत्या के दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। इससे पहले नौ अप्रैल को परिषद ने कहा था कि इस साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं हुई हैं। खास तौर पर हिंदुओं पर बड़े पैमाने पर अत्याचार हो रहे हैं।
इस्राइल: नेतन्याहू को सत्ता से हटाने के लिए दो पूर्व पीएम साथ
इस्राइल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां दो प्रमुख नेता नफ्ताली बेनेट और याइर लापिद ने आगामी चुनावों को साथ मिलकर लड़ने का एलान किया है। दोनों नेताओं का मकसद लंबे समय से प्रधानमंत्री बने हुए बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से हटाना है।
बेनेट और लापिद ने 2021 में गठबंधन सरकार बनाकर प्रधानमंत्री पद साझा किया था। अब दोनों अपनी पार्टियों को मिलाकर एक नया गठबंधन बनाने जा रहे हैं, जिसका नेतृत्व बेनेट करेंगे। लापिद की पार्टी येश अतीद ने बयान जारी कर कहा कि यह कदम विपक्ष को एकजुट करने और चुनाव जीतने के लिए उठाया गया है। 2021 में हुए गठबंधन ने नेतन्याहू के 12 साल के शासन का अंत किया था, लेकिन बाद में सरकार टूट गई। इसके बाद लापिद छह महीने तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे, जबकि नए चुनाव में नेतन्याहू फिर सत्ता में लौट आए। हालांकि, दोनों नेताओं के विचार अलग हैं। बेनेट एक कट्टर यहूदी हैं, जिनके फलस्तीनियों के प्रति कड़े विचार हैं। जबकि लापिद धर्मनिरपेक्ष हैं और उन्हें अधिक उदार माना जाता है। हालांकि, परस्पर विरोधाभासी विचारधारा वाले इस गठबंधन की सफलता पर सवाल भी हैं।
मानवरूपी चीनी रोबोट ने छात्रा को जबरन गले लगाया, सुरक्षा पर सवाल
चीन में एक विश्वविद्यालय नृत्य कार्यक्रम में प्रदर्शन कर रहे एक मानवरूपी (ह्यूमनॉइड ) रोबोट की हरकत से चीनी हैरान रह गए। यह रोबोट अचानक से एक छात्रा के करीब गया और उसे जबरन कसकर गले लगा लिया।
हालांकि, वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे तुरंत हटा दिया। चीन के शानक्सी प्रांत के विश्वविद्यालय में हुए इस कार्यक्रम का वीडियो खासा वायरल हो गया। इसके साथ ही इसने चीनी सोशल मीडिया पर बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या रोबोट ने खुद से ऐसा व्यवहार विकसित किया है या उसके संचालक ने उसे काबू में लेकर यह हरकत करवाई। इसके साथ ही इस वाकये ने विशेषज्ञों का ध्यान ह्यूमनॉइड के मामले में बेहतर सुरक्षा उपाय अपनाने की तरफ खींचा है। चीनी सरकार की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में देश की बढ़ती ताकत दिखाने की कोशिश की चलते यहां सार्वजनिक कार्यक्रमों में रोबोट का हिस्सा लेना आम हो गया है।