तमिलनाडु के आठ मछुआरे श्रीलंका की नौसेना के कथित हमले में घायल हो गए। मत्स्य विभाग के संयुक्त निदेशक शेखर ने कहा कि पुदुकोट्टई जिले के आठ मछुआरे शनिवार शाम मछली पकड़ने गए थे तभी श्रीलंका की नौसेना के जवानों ने उनके ऊपर लोहे के रॉड से हमला कर दिया। मछुआरों पर आरोप लगाया गया है कि वे श्रीलंका की जल सीमा में मछली पकड़ रहे थे। घायल मछुआरों का मनालमेलकुडी के सरकारी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने पीएम मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। एक अन्य घटना में 2500 से ज्यादा मछुआरों को बिना मछली पकड़े लौटने को मजबूर किया गया। रामेश्वरम मछुआरा संगठन के अध्यक्ष पी सेसुराजा ने कहा कि मछुआरों पर पत्थर बरसाए गए तथा करीब 30 नावों के जाल छीन लिए। उन्होंने कहा कि 600 से अधिक नावों में मछुआरे मछली पकड़ने गए थे।
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श्रीलंकाई नौसेना ने उनके जलक्षेत्र में कथित तौर पर अवैध शिकार करने के आरोप में 10 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया है। नौसेना ने ट्रॉलर भी जब्त कर लिया है। सोमवार को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, भारत के 12 मछुआरों को इसी तरह के आरोप में पकड़ा गया है। श्रीलंका नौसेना ने कहा कि मछुआरों को रविवार को जाफना के प्वाइंट पेड्रो के उत्तर में गिरफ्तार किया गया। बयान के मुताबिक पकड़े गए 10 मछुआरों को कांकेसंतुरई बंदरगाह ले जाया गया। नौसेना ने गिरफ्तार मछुआरों पर आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें मैलाडी मत्स्य निरीक्षक को सौंप दिया।
शनिवार को भी कथित रूप से अवैध शिकार करने के आरोप में कम से कम 12 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया गया था। श्रीलंकाई नौसेना ने इनके तीन ट्रॉलर जब्त कर लिए थे। मछुआरों का मुद्दा भारत और श्रीलंका के द्विपक्षीय संबंधों में सबसे विवादास्पद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रीलंकाई नौसेना बेहद आक्रामक तेवर दिखा रही है। जवानों ने पाक जलडमरूमध्य (Strait) में भारतीय मछुआरों पर गोलीबारी भी की थी। खबरों के अनुसार, श्रीलंकाई समुद्र सीमा में अवैध प्रवेश की कई कथित घटनाओं के आधार पर मछुआरों की नौकाओं को जब्त किया गया है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान में सड़क एवं शहरी विकास मंत्री मेहरदाद बज्रपाश से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने दीर्घकालिक सहयोग ढांचा स्थापित करने पर विस्तार से बातें कीं। दोनों के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह पर भी चर्चा हुई। जयशंकर और बज्रपाश के बीच अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे पर भी चर्चा हुई। ईरान के मंत्री से मुलाकात के बाद डॉ जयशंकर ने कहा एक्स पर एक पोस्ट में द्विपक्षीय वार्ता की जानकारी दी।
बता दें कि ईरान ऊर्जा संपन्न देश के रूप में जाना जाता है। भारत और ईरान दक्षिणी तट पर सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में चाबहार बंदरगाह विकसित कर रहे हैं। कनेक्टिविटी और व्यापार संबंधों को बढ़ावा देने के मकसद से विकसित किया जा रहा यह बंदरगाह रणनीतिक रूप से काफी अहम है। भारत क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए चाबहार बंदरगाह परियोजना पर जोर दे रहा है। इसकी एक अहमियत अफगानिस्तान से जुड़ाव के कारण भी है।
2021 में ताशकंद में एक कनेक्टिविटी सम्मेलन में जयशंकर ने चाबहार बंदरगाह को प्रमुख क्षेत्रीय पारगमन केंद्र बताया था। चाबहार बंदरगाह को INSTC परियोजना का प्रमुख केंद्र भी माना जाता है। बता दें कि भारत, ईरान, अफगानिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, रूस, मध्य एशिया और यूरोप के बीच माल ढुलाई के लिए 7,200 किलोमीटर लंबी मल्टी-मोड परिवहन परियोजना को अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) नाम दिया गया है।
मॉरीशस के उच्चायुक्त हेमंडॉयल डिलम
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अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान मॉरीशस के सभी मंदिरों में एक-एक दीया जलाने की तैयारी हो रही है। मंदिरों में 'रामायण पाठ' भी होगा। देश में भक्ति और सांस्कृतिक उत्सव के माहौल पर मॉरीशस के उच्चायुक्त हेमंडॉयल डिलम ने कहा, मॉरीशस में बहुत सारे मंदिर हैं। सभी मंदिरों में मिट्टी का दीपक जलाया जाएगा। 22 जनवरी के दिन रामायण का पाठ भी किया जाएगा। भगवान राम के प्रति साझा श्रद्धा को दिखाते हुए विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन सभी घरों में रोशनी करने की तैयारी में है। सरकार भी सहयोग करेगी। देश में दूसरी बार दिवाली मनाने की अपील की जा रही है। उच्चायुक्त के मुताबिक 22 जनवरी का समारोह न केवल भारत के लिए बल्कि मॉरीशस के लोगों के लिए भी बेहद खास मौका है।