दक्षिणी कैलिफोर्निया के बेकर्सफील्ड शहर में एक इमारत के अंदर एक व्यक्ति द्वारा बंधक बनाए जाने की घटना के बाद पुलिस उससे बातचीत कर रही है। इस इमारत में चेज बैंक की एक शाखा और स्कूल जिला कार्यालय स्थित है। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार रात करीब एक बजे बम की धमकी की कॉल पर प्रतिक्रिया देते हुए, पुलिस अधिकारी बेकर्सफील्ड के डाउनटाउन में चेज़ बैंक की इमारत में पहुंचे। वहां उन्होंने पाया कि एक शख्स ने कई समुदाय के सदस्यों के साथ खुद को अंदर बंद कर लिया था।
बेकर्सफील्ड पुलिस विभाग ने एक बयान में कहा कि बातचीत के जरिए दो बंधकों को रिहा कर दिया गया है और बाकी ठीक हैं। शहर के पुलिस सार्जेंट एरिक सेलेडॉन ने कहा, "हमारे पास इस स्थिति को सबसे सुरक्षित तरीके से हल करने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध है।"
अधिकारियों के अनुसार, सिटी हॉल और पुलिस मुख्यालय सहित आसपास की इमारतों को खाली करा लिया गया था और कुछ सड़कें अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थीं। पुलिस ने इमारत और आसपास के व्यवसायों के चारों ओर एक घेरा स्थापित कर लिया था। सेलेडॉन ने जनता को उस क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दी, यह समझाते हुए कि यह अभी भी एक बहुत ही सक्रिय स्थिति है।
जेपी मॉर्गन चेज के एक प्रवक्ता ने कहा कि बैंक की शाखा इमारत के भूतल पर है और वर्तमान में खाली है। कंपनी अधिकारियों के साथ काम कर रही है। विभाग की संकट वार्ता टीम संदिग्ध के संपर्क में थी। घटनास्थल पर लगभग एक दर्जन पुलिस कारें, एक सामरिक वाहन और कई आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ता मौजूद थे, साथ ही एफबीआई एजेंट भी वहां थे।
बैंक से एक ब्लॉक दूर डेब डेविडसन अपनी पारिवारिक टैटू की दुकान पर थे, जब उन्हें अपने ग्राहकों से बम की धमकी के बारे में अलर्ट मिलने लगे। डेब ने कहा, "मैं बैंक के पार्किंग गैरेज में गया और पुलिस को बैंक के पिछले हिस्से में प्रवेश करते देखा। मैंने इस शहर में इतनी बड़ी पुलिस उपस्थिति कभी नहीं देखी।" उन्होंने आगे कहा, "अब मैं उन्हें कमांड सेंटर के पास ट्रॉमा टेंट स्थापित करते हुए देख रहा हूं।"
कानून प्रवर्तन एजेंसियां अक्सर आपातकालीन स्थिति के दौरान संभावित चोटों के आधार पर लोगों के लिए ट्रॉमा टेंट स्थापित करती हैं। बेकर्सफील्ड की मेयर करेन गोह ने कहा कि वह स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, "इस समय जनता सबसे अच्छी मदद यह कर सकती है कि वे क्षेत्र से दूर रहें और कानून प्रवर्तन अधिकारियों, वार्ताकारों और अन्य प्रशिक्षित पेशेवरों को अपना काम सुरक्षित रूप से करने के लिए स्थान और अवसर दें।"
कांगो: इबोला प्रभावित क्षेत्र में आईएस से जुड़े आतंकियों का हमला, 16 नागरिकों की हत्या
पूर्वी कांगो के इबोला प्रभावित इलाके में इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एडीएफ) के आंतकवादियों ने 16 नागरिकों की हत्या कर दी है। सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट मार्क एलोंगो ने बुधवार को बताया कि हमला मंगलवार रात उत्तरी कीवु के म्बाऊ गांव में हुआ। यह क्षेत्र पहले से ही इबोला के प्रकोप से जूझ रहा है। स्थानीय सरकार के अनुसार, हमले वाली जगह के पास इबोला के चार मामले दर्ज हैं। पिछले सप्ताहांत भी बेनी शहर में एडीएफ ने 15 नागरिकों और एक सैनिक की हत्या की थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, इस बार इबोला के अब तक 344 पुष्ट मामले सामने आए हैं, जिनमें 60 लोगों की मौत हो चुकी है। पड़ोसी देश युगांडा में भी इबोला के मामलों की पुष्टि हुई है। गौरतलब है कि सशस्त्र संघर्ष इबोला नियंत्रण प्रयासों के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
नासा ने मावेन अंतरिक्ष यान को मृत घोषित किया
नासा ने मंगल ग्रह की परिक्रमा कर रहे मावेन अंतरिक्ष यान को मृत घोषित कर दिया है। इस यान से छह महीने तक संपर्क नहीं हो पाया था। अंतरिक्ष एजेंसी ने बुधवार को पुष्टि की कि एक दशक से अधिक समय तक चले इस मिशन का अंत हो गया है।
मावेन अंतरिक्ष यान को मंगल ग्रह के वायुमंडल का अध्ययन करने के लिए 2013 में प्रक्षेपित किया गया था। पिछले वर्ष दिसंबर की शुरुआत में मंगल के पीछे जाते ही अंतरिक्ष यान का संपर्क अचानक टूट गया था और उसके बाद उससे कोई संकेत नहीं मिला। प्राप्त आंकड़ों से पता चला कि यान बहुत तेजी से घूमने लगा था, जिससे उसकी कक्षा प्रभावित हुई और उसकी बैटरियां पूरी तरह खत्म हो गईं।
नासा की ओर से इस वर्ष गठित एक समीक्षा समिति ने निष्कर्ष निकाला कि यह अंतरिक्ष यान अब किसी काम का नहीं है और इसे दोबारा सक्रिय नहीं किया जा सकता। हालांकि, यह समस्या आखिर किस कारण से हुई, इसकी जांच अभी भी जारी है।
पांच दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचीं वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज बुधवार को पांच दिवसीय भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचीं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि रोड्रिगेज की यह यात्रा भारत और वेनेजुएला के बीच संबंधों को और मजबूत बनाएगी।
अपनी यात्रा के दौरान रोड्रिगेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। दोनों नेताओं के बीच भारत-वेनेजुएला संबंधों के सभी प्रमुख पहलुओं पर चर्चा होगी। साथ ही ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और निवेश, दवा उद्योग, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों पर भी विचार किया जाएगा।
जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, नई दिल्ली पहुंचने पर वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज का हार्दिक स्वागत है। अपनी यात्रा के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। यह यात्रा भारत-वेनेजुएला संबंधों को और गहरा करेगी तथा दोनों देशों की साझेदारी को नई गति देगी।
रोड्रिगेज के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है, जिसमें वेनेजुएला के विदेश मंत्री, अर्थव्यवस्था एवं वित्त मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री, संचार एवं सूचना मंत्री तथा परिवहन मंत्री शामिल हैं। भारत दौरे के दौरान वेनेजुएला का प्रतिनिधिमंडल ऊर्जा, दवा और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों से जुड़े कई संस्थानों और परियोजनाओं का दौरा करेगा। इसका उद्देश्य भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमताओं को समझना तथा सहयोग की संभावनाओं की तलाश करना है।
नेपाल ने भारत की एक इंच भी जमीन पर कब्जा नहीं किया: पूर्व प्रधानमंत्री ओली
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने बुधवार को संसद में दिए गए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के बयान की आलोचना की। ओली ने कहा कि नेपाल ने भारत की जमीन के एक इंच हिस्से पर भी कब्जा नहीं किया है। इस साल हुए आम चुनाव में शाह से हारने वाले ओली काठमांडू में अपनी पार्टी, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी सीपीएन-यूएमएल के दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
रविवार को शाह के एक बयान से नेपाल में विवाद खड़ा हो गया था। उन्होंने कहा था, सिर्फ भारत ही नहीं, नेपाल ने भी कई जगहों पर भारत के क्षेत्रों पर कब्जा किया है। शाह ने यह भी कहा था कि भारत और नेपाल इस सीमा विवाद का समाधान निकालने के लिए इतिहासकारों, सर्वेक्षकों और अन्य विशेषज्ञों की मदद लेने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नेपाल ने इस मुद्दे को चीन और ब्रिटेन के सामने भी उठाया है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी।
इसके बाद भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि नेपाल के साथ सीमा विवाद को सुलझाने में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं होगी। बुधवार को शाह के बयान पर ओली ने कहा, उन्होंने (शाह ने) कहा कि नेपाल ने कई जगहों पर भारत की जमीन पर कब्जा किया है। कई जगहों की बात तो दूर नेपाल ने भारत की एक इंच जमीन पर भी कहीं कब्जा नहीं किया है।
मेटे फ्रेडरिक्सन तीसरी बार बनीं डेनमार्क की पीएम, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
मेटे फ्रेडरिक्सन लगातार तीसरी बार डेनमार्क की पीएम बनी हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है और उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच मजबूत और दीर्घकालिक संबंध और घनिष्ठ होंगे। पीएम मोदी ने आधिकारिक एक्स हैंडल से उन्हें शुभकामनाएं दीं। लिखा, अपनी मित्र फ्रेडरिक्सन को डेनमार्क की प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीसरी बार पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई देता हूं।
भारत के प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि संबंधों से दोनों ओर के लोगों को फायदा होगा। उन्होंने आगे कहा, "भारत और डेनमार्क के बीच संबंध आपसी विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और सतत विकास के प्रति समान प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग रहा है, जिसने द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती प्रदान की है।"
पीएम ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच "ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप" को और मजबूत किया जा सकेगा। यह साझेदारी स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, हरित प्रौद्योगिकी, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित है।
संदेश में यह भी कहा गया कि भारत डेनमार्क के साथ मिलकर सहयोग के नए अवसरों को विकसित करने और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उत्सुक है। दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग न केवल आर्थिक और तकनीकी विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के लिए भी लाभकारी साबित होगा।
भारत और डेनमार्क ने हाल के वर्षों में हरित ऊर्जा, जल प्रबंधन, शहरी विकास और नवाचार जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंधों का प्रमुख आधार बनी रहेगी। हाल ही में (19 मई) पीएम मोदी पांच देशों की यात्रा के दौरान फ्रेडरिक्सन से ओस्लो में मिले थे। इस दौरान उन्होंने डेनमार्क के पेंशन फंड्स को भारत में निवेश बढ़ाने का निमंत्रण दिया था। पीएम मोदी ने तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के इतर हुई इस बैठक की थी।
बलूचिस्तान में PAK के सुरक्षाबलों ने मारे 17 संदिग्ध विद्रोही; शटल ट्रेन पर हमले के बाद कार्रवाई
पिछले सप्ताह बलूचिस्तान में एक शटल ट्रेन पर बम हमले के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 17 संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराया है। 24 मई को क्वेटा में हुए संदिग्ध आत्मघाती हमले में 16 लोग मारे गए थे, जिनमें तीन सुरक्षाकर्मी शामिल थे। पाकिस्तान सेना के आईएसपीआर के अनुसार, घटना के बाद सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान के विभिन्न जिलों में खुफिया-आधारित अभियान चलाए। इन अभियानों में मस्तंग, नुश्की, ज़ेहरी, खुज़दार और केच में विद्रोहियों के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। फिटना-अल-हिंदोस्तान से जुड़े 17 आतंकवादी भारी गोलीबारी में मारे गए। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों से हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और तैयार आईईडी बरामद किए। सुरक्षाबलों के मुताबिक मारे गए विद्रोही पाकिस्तानी क्षेत्र में कई आतंकी वारदातों में शामिल थे। बचे हुए आतंकवादियों को खत्म करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी हैं।