नेपाल की राजधानी के ठमेल इलाके में स्थित एक कसीनो में हाईटेक धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। नेपाल पुलिस ने वाल्डम कसीनो में छापेमारी कर चार भारतीय नागरिकों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी आधुनिक तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की मदद से ताश के खेल में हेराफेरी कर खिलाड़ियों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि गिरोह ताश के पत्तों में चुंबक का इस्तेमाल करता था और विशेष प्रकार के आई लेंस के जरिए कार्ड्स की पहचान कर लेता था, जिससे खेल को अपने पक्ष में मोड़ा जा सके।
यह फर्जीवाड़ा 11 से 14 दिसंबर के बीच कसीनो में आयोजित एक विशेष आयोजन के दौरान अंजाम दिया गया। शुरुआती जांच में करीब 17 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। पुलिस का मानना है कि कसीनो के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी धोखाधड़ी संभव नहीं थी। मामले में सात आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। नेपाल पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले इस गिरोह के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। यह मामला भारत और नेपाल के बीच आपराधिक गतिविधियों में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल की ओर भी इशारा करता है।
अमेरिकी वीजा प्रतिबंध पर यूरोपीय संघ का सख्त रुख
अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा कथित सेंसरशिप के आरोप में पांच यूरोपीय नागरिकों के अमेरिका प्रवेश पर रोक लगाने के बाद यूरोपीय संघ ने कड़ा ऐतराज जताया है। यूरोपीय आयोग ने इसे अनुचित कदम करार देते हुए कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह अपनी नियामक स्वायत्तता की रक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई करेगा। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इन यूरोपीय नागरिकों पर अमेरिकी तकनीकी कंपनियों पर दबाव डालकर अमेरिकी विचारों को दबाने का आरोप लगाया है। प्रतिबंधित लोगों में यूरोपीय संघ के पूर्व आयुक्त भी शामिल हैं, जो सोशल मीडिया नियमों की निगरानी के जिम्मेदार रह चुके हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई ऑनलाइन अभिव्यक्ति पर विदेशी प्रभाव को रोकने की नीति का हिस्सा है। वहीं यूरोपीय आयोग ने साफ किया कि यूरोपीय संघ के डिजिटल नियम, खासकर डिजिटल, लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बनाए गए हैं और सभी कंपनियों पर बिना भेदभाव के लागू होते हैं। ब्रेटन ने भी दो टूक कहा कि सेंसरशिप वहां नहीं है, जहां अमेरिका समझ रहा है।
अमेरिका के डेलावेयर में फायरिंग
अमेरिका के डेलावेयर में गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी और एक संदिग्ध की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को विलमिंगटन के पास एक मोटर वाहन एजेंसी में हुई गोलीबारी में संदिग्ध बंदूकधारी के साथ डेलावेयर राज्य का एक पुलिस अधिकारी की भी मौत हो गई। राज्य पुलिस ने सोशल मीडिया पर कहा कि दोपहर 3 बजे से पहले ही खतरा टल गया था और वे अन्य चोटों का आकलन करना जारी रखे हुए हैं। बयान में कहा,"राज्य और स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्यों का समन्वय कर रही हैं।"
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हुए हमले में 5 पुलिसकर्मी मारे गए
पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मंगलवार को अज्ञात सशस्त्र हमलावरों ने एक पुलिस वैन पर गोलीबारी की, जिसमें पांच पुलिसकर्मी मारे गए। यह घटना करक जिले में उस समय घटी जब पुलिस अधिकारी नियमित गश्त पर थे। जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) सऊद खान ने बताया कि वैन में सवार सभी पांच पुलिसकर्मी हमले में मारे गए हैं। पुलिस की भारी टुकड़ी मौके पर पहुंची, इलाके को घेर लिया और सबूत जुटाना शुरू कर दिया। हमलावरों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया।
करक जिले की पुलिस और आतंकवाद विरोधी विभाग (सीटीडी) की टीमों ने भी हत्या में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए एक संयुक्त अभियान शुरू किया। पहाड़ी इलाके में पीछा करने के दौरान टीमों का आतंकवादियों से सामना हुआ, जिसके परिणामस्वरूप भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें आठ आतंकवादी मारे गए।
मारे गए आतंकवादियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया है, जबकि उनकी पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इस घटना को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" और "निंदनीय" बताया।
अमेरिका: पेंसिल्वेनिया के नर्सिंग होम में हुए विस्फोट में कम से कम 2 लोगों की मौत
अधिकारियों ने बताया कि फिलाडेल्फिया के ठीक बाहर एक नर्सिंग होम में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, इमारत का एक हिस्सा ढह गया, आग की लपटें उठने लगीं और लोग अंदर फंसे रह गए। विस्फोट के कई घंटों बाद एक संवाददाता सम्मेलन में पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो ने कहा कि कम से कम दो लोग मारे गए हैं।