सीरिया की राजधानी दमिश्क के एक दक्षिणी उपनगर किस्वा में इस्राइल ने ड्रोन से हमला किया। इस हमले में सीरिया के 8 सैनिकों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की। साथ ही कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन है। मंत्रालय के मुताबिक, इस्राइल बार-बार ऐसे हमले करता है जिससे इस क्षेत्र की शांति और स्थिरता बिगड़ रही है। हालांकि, इस्राइल की सेना ने इस हमले पर कोई बयान नहीं दिया है।
सूडान मानवीय संकट पर यूनिसेफ ने दी चेतावनी
सूडान के पश्चिमी छोर पर बसे शहर एल-फाशेर से जुड़े एक अनुमान के मुताबिक यहां लगभग 2.6 लाख लोग रहते हैं। इनमें आधे बच्चे हैं। भयानक मानवीय संकट का सामना कर रहे इस शहर के हालात पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। शहर में 16 महीने से सहायता बंद होने के कारण लोग भूख, बीमारी और हिंसा से जूझ रहे हैं। यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि करीब 6,000 बच्चे गंभीर कुपोषण के कारण मौत की कगार पर हैं। एल-फाशेर दारफुर क्षेत्र में सेना का अंतिम गढ़ माना जाता है। अप्रैल 2024 से ही अर्धसैनिक बल (रैपिड सपोर्ट फोर्सेज- RSF) ने यहां की घेराबंदी कर रखी है। यूनिसेफ ने कहा कि मानवीय सहायता को रोकना बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। यूनिसेफ ने मदद के मार्ग तत्काल खोले जाने की मांग की। बता दें कि सूडान में अप्रैल 2023 से सेना और RSF के बीच युद्ध छिड़ा है। अब तक लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं। हजारों लोग मारे गए हैं। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय यहां होने वाले अत्याचारों की जांच कर रहा है।
इस्राइली हवाई हमले से दहला यमन की राजधानी
यमन की राजधानी सना में गुरुवार को इस्राइली वायुसेना ने हवाई हमले किए, जिसकी पुष्टि हूती विद्रोहियों के मीडिया कार्यालय ने की। हमले के दौरान शहर के दक्षिणी और पश्चिमी इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। यह ताजा हमला उस वारदात के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें रविवार को सना में इस्राइली हमले से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी।खबरों के अनुसार, हमले के वक्त हूथी संगठन का अल-मसीरा चैनल उनके शीर्ष नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती का पूर्व रिकॉर्डेड भाषण प्रसारित कर रहा था। इस्राइली सेना ने इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हमले से कुछ घंटे पहले इस्राइल ने हूथियों द्वारा छोड़े गए ड्रोन को मार गिराया था। यह एक हफ्ते में यमन से इस्राइल पर तीसरा हमला था।
क्षेत्रीय तनाव उस समय और बढ़ गया जब फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने ईरान पर परमाणु कार्यक्रम को लेकर संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इन सख्त प्रतिबंधों के लागू होने पर ईरान की विदेशों में संपत्तियां फ्रीज हो सकती हैं और उसके हथियार सौदों पर रोक लग सकती है।
शिकागो के पास सैन्य अड्डे से आव्रजन अभियान को समर्थन की मांग
ट्रंप प्रशासन ने आव्रजन विरोधी अभियानों को आगे बढ़ाने के लिए शिकागो के बाहर स्थित एक सैन्य अड्डे से सहयोग मांगा है। नौसेना स्टेशन ग्रेट लेक्स ने गुरुवार को पुष्टि की कि गृह सुरक्षा विभाग ने वहां से सीमित सहयोग की मांग की है। प्रवक्ता मैट मोगल ने बताया कि सहयोग में सुविधाएं, बुनियादी ढांचा और अन्य लॉजिस्टिक मदद शामिल हो सकती है। हालांकि अभी तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और सैन्य अड्डे को नेशनल गार्ड की तैनाती के लिए औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन की यह कोशिश आव्रजन विरोधी कार्रवाई को अन्य शहरों तक फैलाने की दिशा में एक कदम है। इस कदम से स्थानीय स्तर पर बहस तेज हो गई है, क्योंकि सैन्य अड्डों को आंतरिक सुरक्षा अभियानों में शामिल करने को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
अमेरिका में बनेगा पहला तमिल देवी मंदिर
अमेरिका में तमिल समुदाय को अब देवी समयपुरम मरियम्मन का पहला मंदिर मिलने जा रहा है। यह मंदिर टेक्सास की लेक तवाकोनी के पास 10 एकड़ भूमि पर बन रहा है। इस पहल की शुरुआत चेन्नई मूल के थरगरम बाश्याम और उनकी पत्नी सरस्वती ने की है। मंदिर का स्वरूप तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली स्थित प्रसिद्ध समयपुरम मरियम्मन मंदिर जैसा होगा। इसकी मूर्तियां मामल्लापुरम के कारीगर थिरु सेल्वनाथ स्थपति द्वारा बनाई जा रही हैं। पहली बार अम्मन मंदिर की मूर्तियां भारत से बाहर स्थापित की जाएंगी।
समिति के अनुसार, मंदिर में देवी मरियम्मन के साथ करुप्पन्नासामी, मुनीश्वरन, अय्यनार और अन्य देवताओं की मूर्तियां होंगी। यहां तमिल परंपरा के सभी धार्मिक अनुष्ठान होंगे, साथ ही भोजन और सामुदायिक आयोजनों की व्यवस्था भी की जाएगी। मंदिर पूरा होने पर यह तमिल और भारतीय प्रवासी समुदाय का प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र बनेगा।