सबसे बड़े डिजिटल कैमरा ने जारी कीं ब्रह्मांड की पहली तस्वीरें
अब तक के सबसे बड़े डिजिटल कैमरा ने सोमवार को ब्रह्मांड की पहली आकर्षक तस्वीरें जारी कीं। इनमें रंग-बिरंगे नेबुला, तारे और आकाशगंगाएं शामिल हैं। गौरतलब है कि यह कैमरा चिली के एक पर्वत शिखर पर स्थित वेरा सी. रुबिन वेधशाला में स्थापित है। अमेरिकी राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन और ऊर्जा विभाग की ओर से वित्तपोषित यह वेधशाला अगले 10 वर्षों तक दक्षिणी आकाश का सर्वेक्षण करेगी। वेधशाला की पहली झलक में पृथ्वी से हजारों प्रकाश-वर्ष दूर स्थित जीवंत ट्राइफिड और लैगून नेबुला शामिल हैं। एक प्रकाश-वर्ष लगभग 6 खरब मील है। इसके अलावा, वर्गो क्लस्टर के नाम से प्रसिद्ध आकाशगंगाओं का समूह भी कैद किया गया। इसमें दो चमकीली नीली सर्पिल आकाशगंगाएं शामिल हैं।
क्या है कैमरे का मकसद
वेधशाला का लक्ष्य 20 अरब आकाशगंगाओं की तस्वीरें लेना और नए क्षुद्रग्रहों व अन्य खगोलीय पिंडों की खोज करना है। इसका नामकरण खगोलशास्त्री वेरा रुबिन के नाम पर किया गया है। उन्होंने डार्क मैटर नामक रहस्यमयी शक्ति के पहले सबूत पेश किए थे। वेधशाला का उन्नत कैमरा डार्क मैटर और डार्क एनर्जी के रहस्यों को उजागर करने में मदद करेगा।
खैबर पख्तूनख्वा के CM ने सरकार पर आपातकाल लगाने की साजिश का आरोप लगाया
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने सोमवार को कहा कि देश की संघीय सरकार उनके प्रांत में आपातकाल लगाने की योजना बना रही है। गंडापुर ने यह बात प्रांतीय बजट सत्र के दौरान कही। उन्होंने कहा कि वे ऐसी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी कहा, 'अगर (पूर्व प्रधानमंत्री) इमरान खान मुझे अभी आदेश दें, तो मैं तुरंत अपनी सरकार खत्म कर दूंगा। मैं अपने नेता के अधिकार किसी और को नहीं लेने दूंगा।' मुख्यमंत्री गंडापुर ने आरोप लगाया कि राज्यपाल फैसल करीम कुंडी ने बजट सत्र से जुड़ी जरूरी फाइल पर साइन करने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि इसके पीछे प्रांत में आर्थिक आपातकाल लागू करने की साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि नया बजट पास करना संविधान के अनुसार जरूरी है और कोई भी इस विधानसभा को PTI की मंजूरी के बिना भंग नहीं कर सकता।