बांग्लादेश की राजधानी के दियाबारी क्षेत्र में हाल ही में हुए लड़ाकू विमान हादसे में झुलसे पीड़ितों को सहायता प्रदान करने के लिए बुधवार शाम भारत से एक मेडिकल टीम ढाका पहुंची। ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी ने बताया कि मेडिकल टीम के डॉक्टर दिल्ली स्थित भारत के शीर्ष बर्न ट्रीटमेंट विशेषज्ञ अस्पताल राम मनोहर लोहिया और सफदरजंग अस्पताल के हैं। बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार के प्रेस विंग के अनुसार विमान दुर्घटना में 69 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर छात्र हैं और उन्हें राजधानी ढाका के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों में शिक्षक, स्कूल कर्मचारी, अग्निशमन कर्मी, पुलिस, सेना, नौकरानी, इलेक्ट्रीशियन और अन्य लोग शामिल हैं। एक डॉक्टर ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि घायलों में से 25 गंभीर रूप से जले हुए हैं।
गाजा में भुखमरी का सामना कर रहे पत्रकार, चार मीडिया संगठनों ने जारी किया बयान
इस्राइल-हमास युद्ध के चलते गाजा में हालात बेहद खराब हो गए हैं। चार प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों एसोसिएटेड प्रेस (एपी), एजेंसी फ्रांस फ्रेस (एएफपी), रॉयटर्स और बीबीसी ने गुरुवार को एक संयुक्त बयान में कहा कि गाजा में उनके पत्रकारों को अब खुद और अपने परिवार को खिलाने में मुश्किल हो रही है। बयान में कहा गया, हमें अपने गाजा में काम कर रहे पत्रकारों की हालत को लेकर गहरी चिंता है। वे अब खुद भुखमरी का सामना कर रहे हैं। महीनों से ये स्वतंत्र पत्रकार गाजा से दुनिया को हालात दिखा रहे हैं, लेकिन अब वे भी उन्हीं मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, जिनकी वे रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
इन मीडिया संस्थानों ने इस्राइल से मांग की है कि पत्रकारों को गाजा में आने-जाने की अनुमति दी जाए और वहां पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री भेजने की अनुमति दी जाए। यह बयान तब आया, जब 100 से ज्यादा मानवाधिकार और समाजसेवी संगठनों ने कहा कि इस्राइल की नाकेबंदी और सैन्य कार्रवाई की वजह से गाजा में रहने वाले फलस्तीनियों के सामने भुखमरी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। उधर, अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ मध्य पूर्व के प्रमुख वार्ताकारों से मिलकर ताजा युद्धविराम प्रस्ताव और बंधकों की रिहाई पर बातचीत कर रहे हैं। इस्राइल ने इस 21 महीने लंबे युद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से गाजा में जाने की इजाज़त नहीं दी है।
भारत एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार: इस्राइली रक्षा मंत्रालय
इस्राइल ने गुरुवार को भारत को अपना 'अहम रणनीतिक साझेदार' बताया और कहा कि दोनों देशों की साझेदारी मुश्किल समय में भी मजबूत बनी रही है। इस्राइल ने कहा कि भारत के साथ रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और विस्तार देने को लेकर चर्चा हुई है, जिसमें अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) सहयोग और संयुक्त विनिर्माण की पहलें शामिल हैं। यह बयान इस्राइली रक्षा मंत्रालय की ओर से तब आया, जब उसके महानिदेशक मेजर जनरल (रिटायर्ड) अमीर बाराम ने भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पूरी की है। बाराम 22-23 जुलाई को नई दिल्ली में थे। इस दौरान उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
बैठकों में रक्षा क्षेत्र में आरएंडडी सहयोग और संयुक्त विनिर्माण पर जोर दिया गया। बयान में कहा गया, भारत इस्राइल का एक अहम रणनीतिक सहयोगी है और हमारी साझेदारी मुश्किल समय में भी मजबूती से बनी रही है। हालिया सैन्य उपलब्धियों और साझा सुरक्षा चुनौतियों के बीच दोनों देशों के पास रक्षा-उद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने का यह एक अच्छा अवसर है।
ओहायो के लोरेन में फायरिंग, तीन पुलिसकर्मी घायल; एक व्यक्ति की मौत
अमेरिका के ओहायो राज्य के लोरेन शहर में बुधवार दोपहर एक औद्योगिक इलाके में हुई फायरिंग में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए और एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह जानकारी लोरेन के मेयर जैक ब्रैडली ने दी। ब्रैडली ने बताया कि दो पुलिसकर्मियों की हालत गंभीर है और उन्हें एयर एंबुलेंस से ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है, जबकि तीसरे घायल पुलिसकर्मी का इलाज लोरेन के मर्सी अस्पताल में किया जा रहा है। मेयर ने कहा कि मृत व्यक्ति के बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है और उन्हें नहीं पता कि घटना कैसे घटी। पड़ोसी शहर एलिरिया की पुलिस और लोरेन काउंटी के अभियोजक टोनी सिल्लो इस मामले की जांच कर रहे हैं।
भारत-नेपाल सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमत
भारत और नेपाल ने द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों देशों के बीच गृह सचिव स्तर की बातचीत के दौरान सीमा प्रबंधन की समीक्षा की गई। 22 जुलाई को इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारत सरकार के गृह सचिव गोविंद मोहन और नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नेपाल सरकार के गृह सचिव गोकर्ण मणि दुवादी ने किया। वार्ता के दौरान, दोनों पक्षों ने विचार-विमर्श में सीमा पार आपराधिक गतिविधियों, सीमा जिला समन्वय समितियों के कामकाज, सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, विशेष रूप से एकीकृत जांच चौकियों, सड़कों और रेलवे नेटवर्क, विभिन्न सुरक्षा संबंधी संस्थानों के सशक्तिकरण और क्षमता निर्माण, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन में सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
ईरान में बिजली बचाने के लिए सरकारी छुट्टी
ईरान में बुधवार को बहुत ज्यादा गर्मी और बिजली की खपत कम करने के लिए कुछ इलाकों में सरकारी आदेश पर छुट्टी घोषित की गई। देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जिससे बिजली की मांग बढ़ गई और ग्रिड पर दबाव पड़ा। तेहरान समेत आठ प्रांतों में सरकारी दफ्तर और बैंक बंद रहे। लेकिन निजी दुकानदारों ने फिर भी काम जारी रखा। सरकारी कर्मचारियों के लिए यह अवकाश बिजली बचाने के लिए था।
इस फैसले से राजधानी शहर में दो अलग-अलग हालात बन गए। एक तरफ सरकारी दफ्तर और बैंक पूरी तरह बंद थे और दूसरी तरफ निजी दुकानें और शॉपिंग सेंटर चल रहे थे, जहां एयर कंडीशनर चलते रहे। कई लोगों के लिए यह अचानक आई छुट्टी एक राहत की तरह रही। ईरान में गुरुवार को सप्ताहांत होता है, इसलिए लोग राजधानी से बाहर, खासकर ठंडी जगहों की ओर निकल पड़े। ईरानी मीडिया ने बताया कि कास्पियन सी के किनारे जाने वाली सड़कें ट्रैफिक से भरी हुई थीं।
अमेरिका में अश्वेत छात्र पर पुलिस की बर्बरता, वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा गुस्सा
अमेरिका के फ्लोरिडा में एक ट्रैफिक रोक के दौरान पुलिस द्वारा अश्वेत कॉलेज छात्र विलियम मैकनील जूनियर के साथ की गई बर्बरता का वीडियो सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस ने उसे कार से जबरदस्ती बाहर निकाला, उसके चेहरे पर घूंसे मारे और जमीन पर गिरा दिया। इस घटना ने पूरे देश में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। मैकनील के वकीलों ने बताया कि उसे सिर पर गहरी चोट (कनकशन), होंठ में कट और दांत की वजह से घाव हुआ है। उसका इलाज जारी है और उसे पूरी तरह ठीक होने में लंबा समय लग सकता है।
वीडियो में दिखा पुलिस का बर्ताव
जो वीडियो सामने आया है उसमें मैकनील ड्राइविंग सीट पर बैठा था और अफसरों से उनके सीनियर से बात कराने की मांग कर रहा था। तभी पुलिस ने कार की खिड़की तोड़ी, उसके चेहरे पर घूंसा मारा, उसे घसीटकर बाहर निकाला और जमीन पर पटक दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक अफसर ने उसके पैर पर छह बार घूंसे मारे।
पाकिस्तान के कुर्रम जिले में कबीलों के बीच एक साल का शांति समझौता
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कुर्रम जिले में बुधवार को स्थानीय कबीलों के बीच एक साल के लिए शांति समझौते पर दस्तखत किए गए। यह समझौता एक जिरगा (जनसभा) में हुआ, जिसकी अध्यक्षता डिप्टी कमिश्नर अशफाक खान ने की। इससे पहले मार्च में भी आठ महीने का शांति समझौता हुआ था, क्योंकि पुराने जमीन विवादों को लेकर हुई हिंसा में अब तक करीब 130 लोगों की जान जा चुकी थी। जनवरी में भी संघर्ष के बाद सीज़फायर हुआ था।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि प्रशासन, सुरक्षा बलों, पुलिस और कबायली नेताओं की मेहनत से यह समझौता मुमकिन हो सका। यह समझौता लोअर कुर्रम और सद्दा के कबीलों के बीच हुआ। इसमें अहले सुन्नत और तोरी बंगश कबीलों के बड़े नेताओं ने भाग लिया। यह समझौता कोहाट समझौते के आधार पर हुआ है और उसके सभी नियमों को अपनाया जाएगा। नेताओं ने इसे क्षेत्रीय शांति के लिए एक "मील का पत्थर" बताया और उम्मीद जताई कि इससे आगे स्थायी शांति कायम होगी।
न्यूयॉर्क में विस्फोटक रखने की साजिश रचने वाला शख्स गिरफ्तार
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक व्यक्ति पर मैनहट्टन के कई हिस्सों में खुद से बनाए गए विस्फोटक बम छुपाने और धमाका करने की साजिश रचने का आरोप लगा है। अभियोजकों के मुताबिक, आरोपी माइकल गैन (55), जो लॉन्ग आइलैंड का रहने वाला है, को एक ग्रैंड जूरी द्वारा दोषी ठहराते हुए अभियोग (चार्जशीट) दायर की गई है। जांच के अनुसार, माइकल गैन ने मई में इंटरनेट से केमिकल मंगवाकर जून में कम से कम 7 बम बनाए और उन्हें मैनहट्टन ले गया। उसने कुछ विस्फोटक छतों पर छुपाए और एक बम ब्रुकलिन और मैनहट्टन को जोड़ने वाले विलियम्सबर्ग ब्रिज की सबवे ट्रैक पर फेंक दिया।
थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर बारूदी सुरंग विस्फोट से तनाव
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद फिर गहरा गया है। बुधवार को थाईलैंड ने कंबोडिया के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए अपने उत्तर-पूर्वी बॉर्डर क्रॉसिंग बंद कर दिए, कंबोडियाई राजदूत को देश से निकाल दिया और अपने राजदूत को वापस बुला लिया। यह कार्रवाई थाईलैंड के उबोन राचथानी प्रांत में एक बारूदी सुरंग धमाके के बाद की गई, जिसमें एक थाई सैनिक का पैर कट गया और चार अन्य घायल हो गए।
थाई सेना का कहना है कि यह बारूदी सुरंग कंबोडिया की ओर से बिछाई गई थी और यह इलाका थाई क्षेत्र में आता है। वहीं, कंबोडिया का कहना है कि धमाका उनके प्रीह विहेयर प्रांत में हुआ और थाई सैनिकों ने तय रूट का उल्लंघन किया। यह विवाद उस क्षेत्र से जुड़ा है जिसे दोनों देश अपना बताते हैं और जहां पहले भी तनाव रह चुका है। पिछले हफ्ते भी एक और धमाके में तीन थाई सैनिक घायल हुए थे। थाई सेना का आरोप है कि ये सुरंगें नई हैं और रूसी तकनीक की बनी हैं, जबकि थाई सेना ऐसा हथियार इस्तेमाल नहीं करती।
एंटीसेमिटिज्म के आरोपों के बाद कोलंबिया यूनिवर्सिटी का बड़ा समझौता
अमेरिका की मशहूर कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने ट्रंप प्रशासन के साथ एक बड़ा समझौता किया है। यूनिवर्सिटी अब अमेरिकी सरकार को 220 मिलियन डॉलर (करीब 1,835 करोड़ रुपये) चुकाएगी। यह राशि उस फेडरल रिसर्च फंड की भरपाई के तौर पर दी जाएगी, जिसे कैंपस में यहूदी विरोध (एंटीसेमिटिज्म) से जुड़े आरोपों के कारण बंद कर दिया गया था। कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने बुधवार को यह जानकारी दी। समझौते के अनुसार, यूनिवर्सिटी तीन साल में 200 मिलियन डॉलर सरकार को देगी और 21 मिलियन डॉलर अमेरिकी ईक्वल एम्प्लॉयमेंट अपॉर्च्युनिटी कमीशन (ईईओसी) की जांच को निपटाने के लिए देगी।
अमेरिका से गोमांस आयात पर प्रतिबंध घटाएगा ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने अमेरिका से गोमांस आयात पर लगे प्रतिबंधों को कम करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की आलोचना की थी। ऑस्ट्रेलिया के कृषि मंत्री ने यह एलान किया। कृषि मंत्री कोलिंस ने कहा कि लगाए गए प्रतिबंध मैड काउ बीमारी की वजह से लगाए गए थे। अब चूंकि अमेरिकी सरकार ने बीमारी पर रोक के लिए कई कदम उठाए हैं, इसलिए प्रतिबंधों में ढील देने का फैसला किया गया है।
चीन में खनन क्षेत्र के दौरे पर छह छात्र डूबे
चीन की एक स्वर्ण उत्पादक कंपनी से जुड़े एक खनन संयंत्र के शैक्षिक दौरे पर एक औद्योगिक टैंक में गिरने से छह चीनी छात्र डूब गए। चीनी मीडिया ने ये जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के छात्र बुधवार को उत्तरी चीन के इनर मंगोलिया स्वायत्त क्षेत्र में एक संयंत्र के दौरे के दौरान एक फ्लोटेशन सेल में गिर गए। यह संयंत्र हुलुनबुइर में चाइना नेशनल गोल्ड ग्रुप कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत एक खनन कंपनी द्वारा संचालित है। सभी छह छात्रों को टैंक से बाहर निकाला गया, लेकिन बाद में चिकित्सा कर्मियों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
श्रमिकों के उत्पीड़न को रोकने के लिए कदम उठाएं: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने दिए निर्देश
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने अधिकारियों को प्रवासी श्रमिकों के उत्पीड़न को रोकने के लिए उपाय खोजने के निर्देश दिए हैं। यह कदम एक वीडियो सामने आने के बाद लिया गया, जिसमें एक श्रीलंकाई प्रवासी मजदूर को फैक्ट्री परिसर में फोर्कलिफ्ट (भारी सामान को ले जाने के लिए) से खींचते हुए देखा गया। इस घटना से देशभर में आक्रोश भड़क गया। राष्ट्रपति ने गुरुवार को फेसबुक पर लिखा, वीडियो देखकर मेरी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। यह अल्पसंख्यक के खिलाफ असहनीय उत्पीड़न और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।
बाद में कैबिनेट की बैठक में भी राष्ट्रपति ली ने इस घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि इससे दक्षिण कोरिया की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान हो सकता है। उन्होंने मंत्रालयों को आदेश दिया कि वे प्रवासी श्रमिकों और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच करें और उन्हें रोकने के व्यावहारिक कदम तलाशें।
स्पेनिश एयरलाइन ने यात्रियों को यहूदी होने की वजह से विमान से उतारने के आरोप को किया खारिज
स्पेन के वेलेंसिया शहर से पेरिस जा रहे एक विमान में बुधवार को हुए घटनाक्रम को लेकर स्पेनिश एयरलाइन वुएलिंग ने सफाई दी है कि यात्रियों को यहूदी होने की वजह से नहीं, बल्कि उनके उपद्रवी व्यवहार के कारण विमान से उतारा गया। पुलिस और एयरलाइन दोनों ने बताया कि फ्लाइट वी8166 से 44 नाबालिगों और 8 वयस्कों को उतारा गया, क्योंकि वे विमान में अशांति फैला रहे थे।
कुछ इस्राइली मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि जिन छात्रों को उतारा गया, वे यहूदी थे और उनके साथ धार्मिक भेदभाव हुआ। एक इस्राइली मंत्री ने भी ऑनलाइन इसी तरह का दावा किया। लेकिन स्पेन की सिविल गार्ड ने कहा कि सभी यात्री फ्रांसीसी नागरिक हैं और अधिकारियों को उनकी धार्मिक पहचान की कोई जानकारी नहीं थी। वुएलिंग एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया कि नाबालिग यात्रियों ने बार-बार विमान के आपातकालीन उपकरणों से छेड़छाड़ की और चालक दल की सुरक्षा संबंधी घोषणाओं में बाधा डाली।
एयरलाइन ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा, यात्रियों का व्यवहार बेहद उपद्रवी और टकराव भरा था, जिससे उड़ान की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो गया था। हम इस बात से पूरी तरह इनकार करते हैं कि हमारे चालक दल का बर्ताव यात्रियों के धर्म से जुड़ा था। सिविल गार्ड ने बताया कि विमान के कैप्टन के आदेश पर इन नाबालिगों को वेलेंसिया के मानीसेस एयरपोर्ट पर विमान से उतारा गया, क्योंकि उन्होंने बार-बार चालक दल के सदस्यों के निर्देशों की अनदेखी की।
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने मध्य अफ्रीकी गणराज्य के विद्रोहियों को युद्ध अपराधों में दोषी ठहराया
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के न्यायाधीशों ने गुरुवार को मध्य अफ्रीकी गणराज्य के एक मुख्य ईसाई विद्रोही समूह के दो नेताओं को युद्ध और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी पाया। दोनों को 10 साल से अधिक की सजा सुनाई गई।
पूर्व मध्य अफ्रीकी गणराज्य फुटबॉल संघ के अध्यक्ष पैट्रिस-एडौर्ड गेसोना और विद्रोही नेता अल्फ्रेड येकातोम को हत्या, यातना और नागरिकों पर हमले जैसे क्रूर कृत्यों में शामिल होने का दोषी ठहराया गया। अदालत ने गेसोना को 12 साल और येकातोम को 15 साल की सजा दी।