कनाडा में एक हिंदू मंदिर पर कथित खालिस्तानियों द्वारा हमला किए जाने के कुछ दिनों बाद ही, सिलिकॉन वैली में भारतीय-अमेरिकियों ने गुरु तेग बहादुर के बलिदान को याद करते हुए 'हिंदू सिख एकता अंतरधार्मिक' कार्यक्रम आयोजित किया। सिलिकॉन वैली के सैक्रामेंटो में गुरुद्वारा संत नगर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में हिंदू, सिख और अन्य समुदायों के 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में भाग लेने वालों में एल्क ग्रोव शहर के मेयर बॉबी सिंह-एलन, एल्क ग्रोव शहर के कमिश्नर भाविन पारिख, रॉकलिन शहर के काउंसिल सदस्य जिल गेयाल्डो, एल्क ग्रोव के उप मेयर रॉड ब्रेवर और सैक्रामेंटो इंटरफेथ काउंसिल के सदस्य अकरम केवल शामिल थे।
सिंह-एलन ने कार्यक्रम के दौरान कहा, 'धार्मिक असहिष्णुता हमारे समाज को त्रस्त कर रही है। कुछ लोग हमें बांटने की कोशिश कर रहे हैं और हमें ऐसा नहीं होने देना है। हम यहां एकता का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं। यह तो बस शुरुआत है, हमें बेहतर रास्ता दिखाना है। एक पर हमला हम सभी पर हमला है।' संत नगर गुरुद्वारा के नरिंदरपाल हुंदल ने अपने भाषण में कहा, 'हमें सभी को एकता के उस संदेश को कायम रखना चाहिए जो गुरु तेग बहादुर साहिब ने धर्म की रक्षा के लिए खुद को बलिदान करके दिया था और उनकी आज्ञा का पालन करते हुए आपसी भाईचारा और प्रेम बनाए रखना चाहिए और इस मिशन को आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।' श्रीनगर में जन्मी और अमेरिकी निवासी कश्मीरी पंडित रीवा कौल ने बताया कि कैसे गुरु तेग बहादुर के बलिदान ने कश्मीरी पंडितों और हिंदुओं की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की, जिन्हें मुगल सम्राट औरंगजेब के शासन में क्रूर उत्पीड़न का सामना करना पड़ा और उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने उपस्थित लोगों को एकजुट रहने की अपील की।
पूर्वी इंग्लैंड में सैन्य अड्डों के ऊपर उड़ते दिखे ड्रोन: अमेरिकी वायु सेना
अमेरिका की वायु सेना ने कहा कि उसने पूर्वी इंग्लैंड में स्थित अपने कुछ सैन्य अड्डों के ऊपर ड्रोन उड़ते देखे हैं। अधिकारियों बताया कि इन ड्रोन की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा उपायों को बढ़ा गया है। हालांकि, किसी भी तरह के ड्रोन हमले की कोई रिपोर्ट नहीं है।
दुनिया के सबसे बुजुर्ग टिनिसवुड का 112 साल की उम्र में इंग्लैंड में निधन
लगभग नौ महीने तक दुनिया के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति का खिताब अपने पास रखने वाले जॉन अल्फ्रेड टिनिसवुड ने 112 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। लिवरपूल के पास उत्तर पश्चिम इंग्लैंड में एक देखभाल गृह में टिनिसवुड की मृत्यु हो गई। उनका जन्म 26 अगस्त, 1912 को हुआ था। टिनिसवुड ने अपनी लंबी उम्र का श्रेय पूरी तरह से अपने भाग्य को दिया था। उन्होंने कहा था आप या तो लंबे समय तक जीवित रहते हैं या आप कम समय तक जीवित रहते हैं, और आप इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। वे एक सेवानिवृत्त अकाउंटेंट थे। उन्हें इस साल अप्रैल में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दुनिया के सबसे उम्रदराज व्यक्ति का खिताब दिया था।