सूडान में अर्धसैनिक बलों का हमला, 4 लोगों की मौत
सूडना के कोर्डोफन इलाके में सेना और अर्धसैनिक बल रैपिडि सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच लड़ाई और बढ़ गई है। इस संघर्ष में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है। सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क नाम के एक समूह ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी दी। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि बृहस्पतिवार रात आरएसएफ ने उत्तरी कोर्डोफन के अल-ओबैद शहर के कुछ हिस्सों पर तोप से हमला किया। इसमें चार लोगों की मौत हुई है और कुछ लोग घायल हैं। उन्होंने बताया कि इस हमले में महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाया गया।
पाकिस्तान के एमक्यूएम संस्थापक अल्ताफ हुसैन गंभीर बीमारी के कारण लंदन के अस्पताल में भर्ती
पाकिस्तान की राजनीतिक पार्टी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन को एक गंभीर बीमारी के चलते लंदन के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे 1992 से लंदन में ही रह रहे हैं। एमक्यूएम के एक वरिष्ठ नेता मुस्तफा अजीजाबादी ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर बताया कि 71 वर्षीय हुसैन को गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी कई जांचें की गईं। समाचार एजेंसी डॉन के मुताबिक, डॉक्टर उनकी हालत पर नजर रख रहे हैं और इलाज में लगे हुए हैं।
बांग्लादेश: शेख हसीना के करीबी अर्थशास्त्री अबुल बरकत गिरफ्तार
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के एक और नजदीकी पर गाज गिरी है। बांग्लादेश पुलिस की जासूसी शाखा (डीबी) ने बृहस्पतिवार आधी रात को प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो. अबुल बरकत को गिरफ्तार किया। उन पर एनॉनटेक्स समूह से जुड़े 297 करोड़ टका की हेराफेरी का आरोप है। वह हसीना कार्यकाल में सरकारी स्वामित्व वाले जनता बैंक के अध्यक्ष थे।
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस आयुक्त नसीरुल इस्लाम ने बताया, हमने अबुल बरकत को एसीसी (भ्रष्टाचार विरोधी आयोग) मामले में आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया है। हम उन्हें एसीसी को सौंप देंगे। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, अवामी लीग के शासनकाल में अबुल बरकत सहित 30 लोगों के खिलाफ एनोंटेक्स नामक कंपनी द्वारा ऋण धोखाधड़ी के जरिये करोड़ों टका का गबन करने का मामला दर्ज किया गया था।
श्रीलंकाई निर्यातकों की चिंता: अमेरिका में 30% शुल्क प्रस्तावित
श्रीलंका के निर्यातकों ने अमेरिका की तरफ से प्रस्तावित 30% आयात शुल्क को लेकर चिंता जताई है। इससे परिधान और रबर जैसे महत्वपूर्ण उद्योग प्रभावित हो सकते हैं। निर्यातक संगठन ने सरकार से 1 अगस्त की डेडलाइन से पहले अमेरिका से बातचीत तेज करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत और वियतनाम पर केवल 20-26% शुल्क है, जिससे श्रीलंका को नुकसान होगा। संगठन ने नए बाजार तलाशने और निर्यात का विविधीकरण करने की सिफारिश की है।
तेहरान की एविन जेल पर इस्राइली हमले में पांच कैदियों की मौत
ईरान ने कहा है कि पिछले महीने इस्राइल की तरफ से तेहरान पर किए गए हवाई हमले में एविन जेल में बंद पांच कैदियों की मौत हो गई। सभी कैदी वित्तीय अपराधों में दोषी थे। कुछ कैदी हमले के दौरान भाग भी गए, जिन्हें जल्द पकड़ने का दावा किया गया है। यह जेल सरकार के विरोधियों की गिरफ्त का प्रतीक मानी जाती है। इस हमले में कुल 80 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इस्राइल का कहना है कि उसने सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, लेकिन मानवाधिकार संगठन इस हमले की आलोचना कर रहे हैं।
रूस ने पोलिश वाणिज्य दूतावास बंद किया
रूस ने शुक्रवार को पोलैंड के एक वाणिज्य दूतावास को बंद करने का आदेश दिया। यह दूतावास रूस के कैलिनिनग्राद शहर में था। यह फैसला रूस और पोलैंड के बीच बढ़ते तनाव के चलते लिया गया है। पोलैंड ने पहले अपने शहर क्राको में रूस का एक वाणिज्य दूतावास बंद कर दिया था। रूस का कहना है कि यह नया फैसला पोलैंड की उसी कार्रवाई का जवाब है। रूस ने कहा, 'अगर कोई हमारे खिलाफ गलत कदम उठाएगा, तो उसका जवाब जरूर दिया जाएगा।' पोलैंड ने क्राको में रूसी दूतावास इसलिए बंद किया था, क्योंकि राजधानी वारसॉ के एक शॉपिंग सेंटर में आग लग गई थी। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने आरोप लगाया कि यह आग रूस की खुफिया एंजेंसियों ने लगवाई थी। यह आग 12 मई 2024 को लगी थी। हालांकि, इसमें कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इसमें 1,400 दुकानें और सर्विस सेंटर तबाह हो गए। इनमें से कई दुकानें वियतनामी लोगों की थीं। रूस ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है। उसने कहा है कि पोलैंड में आगजनी और दूसरी घटनाओं से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
यमन में विस्फोट, फुटबॉल खेल रहे पांच बच्चों की मौत
दक्षिण-पश्चिमी यमन में एक रिहायशी इलाके में विस्फोटक उपकरण के फटने से पांच बच्चों की मौत हो गई। ये धमाका तब हुआ जब बच्चे वहां फुटबॉल खेल रहे थे। मानवाधिकार समूहों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुक्रवार रात तैज प्रांत के अल-हशमा उपजिले में हुई धमाके की परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि, यमन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स और आई ऑफ ह्यूमैनिटी नाम के एक अन्य मानवाधिकार समूह ने, साथ ही हूती नियंत्रित एक टीवी ने कहा कि इस्लाह पार्टी की तरफ से समर्थित मिलिशिया की तरफ से एक तोप का गोला दागा गया था, जो दक्षिण यमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार से संबद्ध है।
संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार एजेंसी यूनिसेफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें घटना की रिपोर्टों की जानकारी है, लेकिन वे फिलहाल तथ्यों की पुष्टि नहीं कर सकते। दो स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट के समय बच्चे फुटबॉल खेल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कम से कम तीन लोगों को मामूली से मध्यम चोटें आईं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।