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World: भारत ने काबुल में तकनीकी मिशन को दिया दूतावास का दर्जा; पोलैंड में एक यूक्रेनी नागरिक गिरफ्तार

Tue, 21 Oct 2025 07:18 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
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दुनिया की बड़ी खबरें। - फोटो : अमर उजाला
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भारत सरकार ने अफगानिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को घोषणा की कि काबुल में भारत के तकनीकी मिशन को तत्काल प्रभाव से भारत के दूतावास का दर्जा दिया जा रहा है। हाल ही में अफगान विदेश मंत्री की भारत यात्रा के दौरान इस निर्णय की घोषणा की गई थी। मंत्रालय ने कहा कि यह कदम अफगानिस्तान के साथ भारत के गहरे और बहुआयामी रिश्तों को पुनर्स्थापित करने की दिशा में है। काबुल स्थित भारतीय दूतावास अब अफगानिस्तान के समग्र विकास, मानवीय सहायता और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में भारत के योगदान को और सशक्त करेगा।

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पोलैंड में एक यूक्रेनी नागरिक गिरफ्तार
पोलैंड की राष्ट्रीय अभियोजन इकाई ने मंगलवार को एक यूक्रेनी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिस पर रूस की खुफिया एजेंसी के लिए तोड़फोड़ अभियान में शामिल होने का आरोप है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी कथित तौर पर विस्फोटक और आग लगाने वाली सामग्री से भरे पार्सल यूक्रेन भेजने की योजना बना रहा था, जिनका उद्देश्य परिवहन के दौरान विस्फोट कराना था। पोलिश अभियोजकों के अनुसार, यह साजिश यूरोपीय संघ के देशों को अस्थिर करने और जनता में भय फैलाने के लिए रची गई थी। इसी मामले में दो अन्य यूक्रेनी नागरिकों को रोमानिया में भी हिरासत में लिया गया है। कुल आठ लोगों को हाल के दिनों में पोलैंड में विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया है। प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसियां रूस समर्थित गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं।

इस्राइल को हमास ने लौटाया एक और बंधक का शव
हमास और इस्राइल के बीच चल रहे संघर्षविराम के बीच हमास ने एक और बंधक का शव इस्राइल को सौंप दिया है। इस्राइल ने पुष्टि की है कि यह शव ताल हैमी का है, जो 7 अक्तूबर 2023 को गाजा सीमा के पास स्थित किब्बुत्ज़ नीर यित्ज़हाक से अगवा किए गए थे। हमले के दिन ही उनकी मौत हो गई थी। ताल हैमी 42 साल के थे और चार बच्चों के पिता थे, जिनमें से एक बच्चे का जन्म हमले के बाद हुआ। इस्राइल और हमास के बीच चल रहे संघर्षविराम समझौते के तहत अब तक 13 मृतकों के शव लौटाए जा चुके हैं, जबकि 15 और शवों की वापसी बाकी है।
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हमास ने दोहराई शांति की प्रतिबद्धता
हमास के मुख्य वार्ताकार खलील अल-हय्या ने कहा कि संगठन युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना चाहता है। काहिरा से मिस्र के चैनल अल-काहेरा न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि शर्म अल-शेख समझौते पर दस्तखत करने के दिन से ही हम इसे अंत तक निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पाकिस्तानी हथियार तस्कर को अमेरिका में 40 साल की जेल
अमेरिका में पाकिस्तान के एक हथियार तस्कर को पांच आरोपों में दोषी ठहराए जाने बाद 40 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। उस पर ईरान से यमन में हूती विद्रोहियों तक बैलिस्टिक मिसाइल के पुर्जे पहुंचाने का आरोप था। जियो न्यूज के अनुसार, दोषी मोहम्मद पहलवान (49) को अमेरिकी सैन्य बलों ने पिछले साल जनवरी में अरब सागर से उस वक्त पड़ा, जब वह मछली पकड़ने वाली नाव के जरिये इन कलपुर्जों को ले जा रहा था। इस अभियान के दौरान दो नेवी सील्स की जान चली गई थी।

चमन बॉर्डर आंशिक रूप से खुला
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर बीते कुछ दिनों से जारी हिंसक झड़पों के बाद अब हालात में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। दोनों देशों के बीच संघर्षविराम समझौता होने के बाद बलूचिस्तान स्थित चमन बॉर्डर को आंशिक रूप से फिर से खोल दिया गया है। सोमवार को कई अफगान परिवारों ने सीमा पार करना शुरू कर दिया, वहीं अफगानिस्तान की ओर जाने वाले माल से लदे कंटेनरों की आवाजाही भी शुरू कर दी गई है।

400 कंटेनर बॉर्डर पर फंसे थे
जब यह सीमा विवाद शुरू हुआ था, तब कराची बंदरगाह से आए लगभग 400 कंटेनर चमन बॉर्डर पर फंसे रह गए थे, क्योंकि बॉर्डर पूरी तरह सील कर दिया गया था। ऐसी ही स्थिति खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्पिन बोलदक बॉर्डर पर भी देखने को मिली, जहां पाकिस्तान आने वाले कंटेनर अटक गए थे।

दोहा में हुआ समझौता
चमन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष नफीस जान अचकज़ई ने बताया कि दोहा में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्षविराम पर सहमति बनी, जिसके बाद सोमवार शाम से सीमा को आंशिक रूप से खोला गया है।

पेंसिल्वेनिया कॉलेज परिसर में यौन उत्पीड़न के दोषी को सजा का इंतजार, 2013 में हुआ था जघन्य अपराध
अमेरिका के पेंसिल्वेनिया के गेटीसबर्ग कॉलेज में करीब 12 साल पहले जघन्य अपराध हुआ था। 2013 में हुए यौन उत्पीड़न के इस मामले में आरोपी इयान क्लीरी (32) को अदालत ने दोषी पाया है। अब उसे सजा सुनाई जानी है। क्लीरी ने पीड़िता से दुष्कर्म का जुर्म कबूल कर लिया है। देश के कानून के मुताबिक उसे चार से आठ साल की सजा हो सकती है। घटना के बाद क्लीरी कॉलेज छोड़कर कैलिफोर्निया चला गया था। यहां उसने पढ़ाई पूरी करने के बाद टेस्ला में काम भी किया। कई वर्षों बाद उसने फेसबुक पर पीड़िता को संदेश भेजा जिससे इस जघन्य अपराध का मामला एक बार फिर प्रकाश में आया। 2021 में आई समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के बाद जांच में तेजी आई। क्लीरी को 2024 में फ्रांस से प्रत्यर्पित किया गया। पीड़िता ने 12 साल तक इंसाफ पाने के लिए संघर्ष किया।सरकारी वकील ने आरोप लगाया कि क्लीरी लंबे समय से फरार था, जबकि बचाव पक्ष के वकील ने दावा किया कि उसे अदालती कार्यवाही के बारे में जानकारी नहीं थी। अब कोर्ट 12 साल पुराने इस मामले में क्लीरी को सजा सुनाएगी।
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राष्ट्रपति ट्रंप ने दिवाली की शुभकामनाएं दीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दिवाली के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं और इसे परिवारों व मित्रों को जोड़ने वाला पर्व बताया। अपने संदेश में उन्होंने कहा, “आज मैं उन सभी अमेरिकियों को शुभकामनाएं देता हूं जो ‘रोशनी के त्योहार’ दिवाली का उत्सव मना रहे हैं।” उन्होंने कहा कि अनेक अमेरिकियों के लिए दिवाली, प्रकाश की अंधकार पर विजय का शाश्वत प्रतीक है। यह समय है जब लोग समुदाय के रूप में एकजुट होकर उत्सव मनाते हैं, आशा से शक्ति प्राप्त करते हैं और नवीकरण की भावना को अपनाते हैं। ट्रंप ने कहा कि जब लाखों लोग दीये और लालटेन जलाते हैं, तब हम इस शाश्वत सत्य का उत्सव मनाते हैं कि अच्छाई सदैव बुराई पर विजय प्राप्त करती है। उन्होंने दिवाली मना रहे सभी अमेरिकियों के लिए शांति, समृद्धि, आशा और आनंद की कामना की।

हूती विद्रोहियों ने यमन के पांच UN कर्मियों को मुक्त किया
यमन में हूती विद्रोहियों ने यमन के पांच संयुक्त राष्ट्र (यूएन) कर्मचारियों को रिहा कर दिया। विद्रोहियों ने 15 अंतरराष्ट्रीय कर्मियों को सना स्थित यूएन परिसर में स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति दी। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि हूती सुरक्षा बल परिसर से हट गए हैं। बता दें कि हूती लंबे समय से यूएन और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों को निशाना बनाते रहे हैं। उन पर जासूसी के आरोप भी लगे हैं जिन्हें यूएन ने खारिज किया है। कर्मियों को मुक्त करने के अलावा हूती विद्रोहियों ने अपने सैन्य प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद अब्दुल करीम अल-गमारी का अंतिम संस्कार भी किया।गमारी हाल ही में इस्राइली सेना के हवाई हमले में मारे गए थे। हजारों लोग सना की सड़कों पर दिखे और इस्राइल के खिलाफ नारे भी लगाए। हूती समर्थित मीडिया के अनुसार, अल-गमारी के अलावा उनके 13 वर्षीय बेटे और कई सहयोगी भी मारे गए। बता दें कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने अल-गमारी पर कई प्रतिबंध लगाए थे। गमारी पर यमन और सऊदी अरब पर हमलों के संचालन का आरोप भी लगा था। बता दें कि इस्राइल और अमेरिका हूती हमलों के जवाब में संयुक्त सैन्य अभियान चला रहे हैं।
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