जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची
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जापान की आयरन लेडी
जापान की संसद सदस्य तीन दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाली ताकाइची आर्थिक सुरक्षा मंत्री समेत कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। कट्टर रूढ़िवादी छवि की वजह से आलोचक उन्हें लेडी डोनाल्ड ट्रंप कहने लगे हैं, तो पूर्व प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने कथित तौर पर उन्हें ‘तालिबान ताकाइची’ तक कह दिया था। वह मार्गरेट थैचर की तरह जापान की आयरन लेडी के नाम से मशहूर हैं।
एक मजबूत सेना की समर्थक हैं ताकाइची
साने ताकाइची की छवि एक अति-रूढ़िवादी नेता की है। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के रूढ़िवादी दृष्टिकोण की समर्थक माना जाता है। लिबरल डेमोक्रेट्स पार्टी एक पुरुष प्रधान पार्टी है और ताकाइची इस पार्टी की पहली महिला अध्यक्ष हैं। ताकाइची साल 1993 में पहली बार अपने गृहनगर नारा से सांसद चुनी गईं थीं। उन्होंने आर्थिक सुरक्षा, आंतरिक मामलों और लैंगिक समानता मंत्री सहित कई अहम सरकारी पदों पर काम किया है। ताकाइची एक मजबूत सेना, सैन्य खर्च बढ़ाने, परमाणु संलयन को बढ़ावा देने, साइबर सुरक्षा और आव्रजन पर सख्त नीति की समर्थक हैं। ताकाइची शाही परिवार में केवल पुरुषों के उत्तराधिकार की समर्थक हैं, वे समलैंगिक विवाह का विरोध करती हैं और 19वीं सदी के नागरिक कानून में संशोधन का विरोध करती हैं।
एंकर से देश की पीएम बनने तक का सफर
साने ताकाइची का जन्म सात मार्च 1961 को जापान के नारा राज्य में हुआ था। उनके पिता टोयोटा कंपनी में कर्मचारी थे, तो मां पुलिस में। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद ताकाइची निजी विश्वविद्यालय से पढ़ाई करना चाहती थीं, लेकिन छोटे भाई की पढ़ाई में कोई व्यवधान न आए, इसलिए उन्होंने कोबे विश्वविद्यालय से बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने टीवी एंकरिंग समेत अन्य काम किए। 1984 में ताकाइची ने मात्सुशिता इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नमेंट एंड मैनेजमेंट में प्रवेश लिया। तीन साल बाद, उन्हें एक कार्यक्रम के तहत वाशिंगटन डीसी भेजा गया। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के अमेरिकी प्रतिनिधि पैट श्रोएडर के लिए कांग्रेसनल फेलो के रूप में काम किया। 1989 में उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस में अपने अनुभव पर एक किताब भी लिखी।
शिंजो आबे से सीखी राजनीति
अमेरिका से लौटने के बाद ताकाइची ने राजनीति में सक्रियता बढ़ा दी। उन्होंने 1992 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। इसके एक साल बाद ही और अच्छी तैयारी के साथ फिर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में संसदीय चुनाव मैदान में उतरीं और जीत दर्ज की। 1996 में वह दक्षिणपंथी एलडीपी से जुड़ गईं और अब तक संसद सदस्य हैं। 2000 के दशक में ताकाइची शिंजो आबे की सहयोगी बन गईं, जो लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने आबे के मार्गदर्शन में राजनीति के दांव-पेच सीखे। 2021 और 2024 में एलडीपी की शीर्ष नेता का चुनाव हार गईं, लेकिन इस बार शिगेरू इशिबा के इस्तीफे के बाद पार्टी अध्यक्ष के चुनाव में उन्होंने कृषि मंत्री शिंजिरो कोइजुमी को हराया। वह सिर्फ एक बार चुनाव हारी हैं और दस बार संसद सदस्य चुनी गई हैं।
एलडीपी की पहली महिला अध्यक्ष
64 वर्षीय साने ताकाइची एलडीपी की पहली महिला अध्यक्ष बनने के साथ ही देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने वाली हैं। वह नारा प्रांत की पहली ऐसी व्यक्ति होंगी, जो प्रधानमंत्री बनेंगी। इसके साथ ही द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद प्रधानमंत्री पद पर पहुंचने वाली भी वह ऐसी पहली व्यक्ति बन जाएंगी, जिसका किसी राजनीतिक खानदान से ताल्लुक न हो। वह चीन के सैन्य और आर्थिक प्रभाव बढ़ाने के प्रयासों की एक प्रमुख आलोचक रही हैं और उन्होंने जापान से अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए और अधिक प्रयास करने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रवासियों से भी अपने देश ‘जापान लौटने’ का आह्वान किया है।
ड्रम वादक और कार चालक
ताकाइची को कॉलेज के समय से ही ड्रम बजाने का शौक है। वह इतनी तेजी से ड्रम बजाती थीं कि स्टिक ही टूट जाती, इसलिए वह अपने पास अतिरिक्त स्टिक रखती थीं। वह मोटरसाइकिल और कार चलाने की भी शौकीन हैं, तो स्कूबा डाइविंग में उन्हें महारत हासिल है। वह जब पहली बार संसद का चुनाव जीतीं, तो उन्होंने टोयोटा कंपनी की कार खरीदी, जिसे उन्होंने लंबे समय तक चलाया, अब वह उनके छोटे म्यूजियम का हिस्सा है। वह गाना गाने और जापानी रॉक सुनने की शौकीन हैं और बेसबाल टीम हनशिन टाइगर्स और घुड़दौड़ की प्रशंसक हैं।
जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची
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साने ताकाइची ने इन नेताओं को पछाड़ा
जापान में अक्तूबर के मध्य में संसदीय मतदान होने की उम्मीद है। संसदीय मतदान में ताकाइची अगर पीएम चुन ली जाती हैं तो वे शिगेरु इशिबा की जगह लेंगी, जिन्होंने सितंबर में पीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। दरअसल जुलाई में जापानी संसद के उच्च सदन में सत्ताधारी एलडीपी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद पार्टी में इशिबा का विरोध बढ़ गया और उन्होंने इस्तीफा दे दिया। पार्टी का अध्यक्ष बनने की रेस में साने ताकाइची के अलावा कृषि मंत्री शिंजिरो कोइजुमी, मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी, व्यापार मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी और आर्थिक मंत्री ताकायुकी कोबायाशी भी शामिल थे।