पनामा सरकार ने शुक्रवार को उत्तर-पश्चिम के बोकास डेल टोरो प्रांत में अगले पांच दिनों के लिए कुछ सांविधानिक सुरक्षा अधिकारों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। इसका कारण वहां चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन हैं, जो पिछले दो महीनों से हो रहे हैं और अब और भी उग्र हो गए हैं। राष्ट्रपति मंत्री जुआन कार्लोस ओरिलैक ने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि सरकार कानून-व्यवस्था दोबारा स्थापित कर सके और 'उग्र समूहों' से इलाके की रक्षा की जा सके।
UK और उत्तरी यूरोप में गर्मी का अलर्ट
ब्रिटेन और फ्रांस के अधिकारियों ने इस सप्ताहांत बहुत गर्मी पड़ने की चेतावनी जारी की है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उत्तरी यूरोप में यह साल की पहली गर्मी की लहर है। ब्रिटेन की मौसम एजेंसी मेट ऑफिस के अनुसार, इस हफ्ते मौसम पहले से ही बहुत गर्म है और शनिवार को पूर्वी इंग्लैंड में तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। यह इस मौसम के लिए आमतौर पर होने वाले तापमान से करीब 12 डिग्री ज्यादा है। फ्रांस में और ज्यादा गर्मी पड़ने की उम्मीद है। वहां के मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि देश के पश्चिमी और दक्षिणी इलाकों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
मलयेशिया : पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप खारिज
मलयेशिया की एक अदालत ने शुक्रवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तीन आरोप हटा दिए। यह मामला सरकारी फंड एक एमबीडी (मलेशिया डेवलपमेंट बेरहद) से अरबों डॉलर की लूट से जुड़ा है। नजीब को पहले ही भ्रष्टाचार के एक मामले में 12 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसे 2024 में घटाकर 6 साल कर दिया गया था। नजीब पर आरोप था कि उनके बैंक खातों में 27 मिलियन रिंगित (6.3 मिलियन डॉलर) की अवैध राशि प्राप्त हुई थी। हालांकि, उनके वकील मुहम्मद शफी अब्दुल्ला ने बताया कि अभियोजन पक्ष की प्रक्रियात्मक देरी के कारण मामला छह साल तक लटका रहा और अदालत ने आरोप हटा दिए। अभियोजन पक्ष अदालत को यह नहीं बता सका कि वह मुकदमा कब शुरू करने के लिए तैयार होगा। वकील ने स्पष्ट किया कि आरोप हटाने का मतलब बरी होना नहीं है और अभियोजन पक्ष को भविष्य में फिर से आरोप लगाने का अधिकार सुरक्षित है। हालांकि, नजीब इस फैसले से खुश हैं और अब वह एक एमबीडी से जुड़े मुख्य मामले पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
सीरियाई शरणार्थी मुश्किल में, संयुक्त राष्ट्र ने की अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील
संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी मामलों के आयुक्त फिलिपो ग्रांडी ने कहा है कि 20 लाख से ज्यादा सीरियाई शरणार्थी बशर अल असद सरकार के गिरने के बाद वापस अपने देश लौटे हैं। हालांकि उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रांडी ने कहा कि सीरिया को अंतरराष्ट्रीय मदद की जरूरत है ताकि युद्ध से तबाह हुए देश को फिर से खड़ा किया जा सके। उन्होंने कहा कि अपने घर लौटे शरणार्थियों को स्कूल, मकान, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा की जरूरत है। सीरिया में 14 साल तक गृहयुद्ध के हालात रहे, जिसके चलते सीरिया में पांच लाख लोगों की मौत हुई और लाखों लोग विस्थापित हुए। कई देश छोड़कर चले गए और लाखों लोग देश में ही विस्थापित हुए। अब बशर सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद 6 लाख सीरियाई वापस अपने देश लौट आए हैं। साथ ही 15 लाख सीरियाई शरणार्थी, जो अपने देश में ही विस्थापित हो गए थे अब अपने-अपने घर लौट आए हैं।
नाइजीरिया में आत्मघाती हमले में 10 लोगों की मौत
नाइजीरिया के पूर्वोत्तर राज्य बोर्नो में एक आत्मघाती हमलावर ने एक रेस्तरां में विस्फोट कर कम से कम 10 लोगों की हत्या कर दी और कई अन्य को घायल कर दिया। मामले में पुलिस प्रवक्ता नाहुम दासो ने बताया कि विस्फोट शुक्रवार देर रात कोंडुगा क्षेत्र में हुआ। किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन नाइजीरिया के पूर्वोत्तर में बोको हराम समूह और उसके अलग हुए इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रांत के इस्लामी आतंकवादियों की तरफ से किए गए हमलों की भरमार है।
नाइजीरिया के घरेलू जिहादियों बोको हराम ने पश्चिमी शिक्षा का विरोध करने और इस्लामी कानून के अपने कट्टरपंथी संस्करण को लागू करने के लिए 2009 में हथियार उठाए थे। यह संघर्ष नाइजीरिया के उत्तरी पड़ोसियों तक भी फैल गया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, पूर्वोत्तर क्षेत्र में लगभग 35,000 नागरिक मारे गए हैं और 2 मिलियन से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। नाइजीरिया की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए राष्ट्रपति बोला टीनूबू के प्रशासन द्वारा किए गए वादों के बावजूद हिंसा जारी है।
KPK में सशस्त्र मिलिशिया के चार सदस्यों की हत्या
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आतंकवादियों के साथ गोलीबारी में एक समूह नेता सहित सशस्त्र मिलिशिया के चार स्वयंसेवक मारे गए हैं। मर्दन जिले के बैजई पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रांत के स्वात और बुनेर जिलों की सीमा से लगे कटलिंग क्षेत्र के पहाड़ी इलाके में शुक्रवार को आतंकवादियों के साथ गोलीबारी में मारे गए चार स्वयंसेवकों में पीस लश्कर, जुनूद अल-खैबर समूह का कमांडर जुबैर भी शामिल था।
पीस लश्कर स्वयंसेवकों का एक समूह है, जो गांव स्तर पर गठित किया गया है, जो आतंकवादियों को खदेड़ने में पुलिस के सहयोग से काम करता है। स्थानीय लोगों द्वारा उन क्षेत्रों में शांति समितियां बनाई गई हैं, जहां आतंकवादियों के फिर से संगठित होने की आशंका है। नवंबर 2022 में सरकार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते के टूटने के बाद पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन घटना की जांच कर रहे हैं।
खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा चौकी पर हमले में चार कर्मियों की मौत
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा में एक सुरक्षा चौकी पर आतंकवादियों की तरफ से किए गए हमले में कम से कम चार कर्मियों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। मामले में अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे बाजौर जिले के मामुंड तहसील में सुरक्षा चौकी पर हमला किया। सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की कि चार कर्मियों की मौत हो गई और सात घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
वहीं पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने अभी तक इस घटना पर कोई बयान जारी नहीं किया है। नवंबर 2022 में सरकार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते के टूटने के बाद पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में।
खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा चौकी पर हमले में चार की मौत
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा में एक सुरक्षा चौकी पर आतंकवादियों की ओर से किए गए हमले में कम से कम चार कर्मियों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। आतंकवादियों ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे बाजौर जिले के मामुंड तहसील में सुरक्षा चौकी पर हमला किया। सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की कि चार कर्मियों की मौत हो गई और सात घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस बीच प्रांत में शनिवार को पुलिस दल पर हमला करने वाले एक आतंकवादी को मुठभेड़ में मार गिराया गया, जबकि दो अन्य घायल हो गए। पुलिस के बयान में कहा गया है कि प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) समूह के आतंकवादियों ने डेरा इस्माइल खान जिले के हथला पुलिस स्टेशन में ड्यूटी से लौटते समय दल को निशाना बनाया। पुलिस ने जोरदार जवाबी कार्रवाई की और हमले को विफल कर दिया। कार्रवाई में प्रतिबंधित टीटीपी-गंडापुर समूह का एक सक्रिय आतंकवादी मारा गया, जबकि दो अन्य घायल हो गए।