पाकिस्तान में लगातार बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के अनुसार 26 जून से अब तक 706 लोगों की मौत हो चुकी है। सिर्फ पिछले 24 घंटे में ही 24 लोगों की जान गई है, जबकि 965 लोग घायल हुए हैं। सबसे अधिक प्रभावित खैबर पख्तूनख्वा रहा, जहां 427 लोगों की मौत हुई है। पंजाब में 164, सिंध में 29, बलूचिस्तान में 22, पीओके में 56 और इस्लामाबाद में 8 लोगों की जान गई। पाकिस्तानी सेना ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं। अब तक 6,903 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और 25,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सेना ने खैबर पख्तूनख्वा में 9 मेडिकल कैंप बनाए हैं और कई यूनिट्स राहत कार्यों में लगी हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी दी है और शहरी इलाकों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है।
निष्पक्ष चुनाव कराने को तैयार सेना, बोले बांग्लादेश के सेना प्रमुख
बांग्लादेश सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने कहा है कि फरवरी 2025 में होने वाले आम चुनावों के लिए सेना पूरी तरह तैयार है और अंतरिम सरकार को “मुक्त, निष्पक्ष और तटस्थ” चुनाव कराने में पूरा सहयोग देगी। उन्होंने ढाका कैंटोनमेंट में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सेना को पेशेवर रवैया बनाए रखना होगा और देश की जनता का विश्वास जीतना होगा। जनरल जमान ने कहा कि लोग सेना की ओर देख रहे हैं और सैनिकों को देशभक्ति से प्रेरित होकर काम करना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर सेना के खिलाफ फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि ऐसे लोग अनुभव से अपनी गलतियों को समझेंगे। उल्लेखनीय है कि अंतरिम सरकार ने पूर्व पीएम शेख हसीना की सत्ता के पतन के बाद चुनावों की घोषणा की है। फरवरी के पहले हफ्ते में चुनाव कराए जाएंगे।
बाल्टीमोर बंदरगाह पर कार्गो शिप में धमाका, शिपिंग चैनल बंद
अमेरिका के बाल्टीमोर बंदरगाह पर सोमवार शाम एक कोयला ले जा रहे कार्गो जहाज में विस्फोट होने से हड़कंप मच गया। यह घटना फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज ढहने वाली जगह के पास हुई। विस्फोट के बाद जहाज से आग और धुएं का गुबार उठता देखा गया। हालांकि, 229 मीटर लंबे डब्ल्यू-सैफायर नामक इस जहाज पर सवार 23 क्रू और 2 पायलट सुरक्षित बताए गए। अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिकी तटरक्षक बल राहत और जांच का नेतृत्व कर रहा है। विस्फोट के बाद बंदरगाह का मुख्य शिपिंग चैनल बंद कर दिया गया है। जहाज लाइबेरिया के झंडे के तहत चल रहा था और पूर्वी अफ्रीका की ओर रवाना हुआ था। बाल्टीमोर फायर डिपार्टमेंट ने बताया कि विस्फोट जहाज के डेक के नीचे हुआ और आग को तुरंत काबू में ले लिया गया। मैरीलैंड के गवर्नर वेस मूर ने कहा कि राज्य प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है।
ताइवान के पास चीन की सैन्य गतिविधि तेज
ताइवान के रक्षा मंत्रालय (एमएनडी) ने मंगलवार सुबह 6 बजे तक 10 चीनी सैन्य विमान और 6 नौसैनिक जहाजों की गतिविधि अपने आसपास दर्ज की। मंत्रालय के अनुसार, इनमें से दो विमान ताइवान की उत्तरी वायु पहचान क्षेत्र में दाखिल हुए और मध्य रेखा को पार कर गए। ताइवान ने कहा कि उसकी सेना ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी और आवश्यक प्रतिक्रिया दी। हाल के महीनों में चीन ने ताइवान के पास सैन्य गतिविधि तेज की है। ताइवान लगातार कहता रहा है कि ऐसे कदम क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा हैं। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को स्वतंत्र राष्ट्र कहता है। यह गतिविधि दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा रही है।
कैलिफोर्निया में इमिग्रेशन रोक के दौरान गोलीबारी
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) ने बताया कि एक संघीय एजेंट ने उस वक्त गोली चलाई जब एक ड्राइवर ने इमिग्रेशन जांच के दौरान कार की खिड़की खोलने से इनकार कर दिया। साथ ही गाड़ी तेजी से भगाकर भाग गया। डीएचएस के मुताबिक, भागते वक्त उस ड्राइवर ने दो सीमा शुल्क और सीमा गश्ती (सीबीपी) एजेंटों को टक्कर मार दी। इसके बाद एक एजेंट ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। हालांकि गोली किसी को नहीं लगी। एजेंटों को चोट लगी या नहीं, इस बारे में डीएचएस ने कोई जानकारी नहीं दी। डीएचएस ने कहा कि वे एक लक्षित प्रवर्तन अभियान चला रहे थे, लेकिन यह नहीं बताया कि वे उस ड्राइवर को क्यों रोकना चाहते थे।
क्या है ड्राइवर परिवार का पक्ष
इमिग्रेशन अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन इनलैंड कोलिशन फॉर इमिग्रेंट जस्टिस के प्रमुख जेवियर हर्नांडेज ने बताया कि उन्होंने ड्राइवर के परिवार से बात की। 43 वर्षिय ड्राइवर मैक्सिको का रहने वाला है। पिछले 23 वर्षों से अमेरिका में रह रहा है, लेकिन उसके पास कानूनी दस्तावेज नहीं हैं। गाड़ी में उसका 18 साल का बेटा और 23 साल का दामाद भी था, जो अमेरिकी नागरिक हैं।
घटना के वीडियो में आई ये बातें सामने
बता दें कि घटना का कुछ हिस्सा वीडियो में रिकॉर्ड हुआ है, जिसमें एजेंटों ने मास्क और पुलिस लिखी वर्दी पहन रखी है। एक एजेंट की टोपी पर सीबीपी लिखा हुआ है। डीएचएस ने बताया कि वे गाड़ी के पास आकर ड्राइवर से खिड़की नीचे करने को कहते हैं, लेकिन वह मना कर देता है। तभी एजेंट खिड़कियां तोड़ देते हैं। ड्राइवर तुरंत गाड़ी भगाता है और पीछे से तीन गोलियों की आवाज सुनाई देती है। वीडियो में यह नहीं दिखता कि कोई एजेंट गाड़ी से टकराया।
कांगो में इस्लामिक स्टेट समर्थित विद्रोहियों का हमला
कांगो के पूर्वी हिस्से में एक बार फिर आतंक का तांडव देखने को मिला है। संयुक्त राष्ट्र की शांति मिशन ने सोमवार को जानकारी दी कि 9 से 16 अगस्त के बीच इस्लामिक स्टेट से जुड़े विद्रोही संगठन एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एडीएफ) के हमलों में कम से कम 52 लोगों की जान गई है। ये हमले नॉर्थ किवू प्रांत के बेनी और लुबेरो इलाकों में हुए। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, हमलों में सिर्फ हत्याएं ही नहीं हुईं, बल्कि लोगों का अपहरण, लूटपाट, घरों और वाहनों को जलाना, और पहले से ही मुश्किल हालात झेल रही जनता की संपत्तियों को नष्ट करना भी शामिल था। मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
कौन है एडीएफ?
बता दें कि एडीएफ की शुरुआत 1990 के दशक के अंत में युगांडा में हुई थी। यह छोटे-छोटे असंतुष्ट समूहों से मिलकर बना, जो युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी की नीतियों से नाराज थे। 2002 में युगांडा की सेना के ऑपरेशन के बाद एडीएफ ने अपनी गतिविधियां कांगो के सीमावर्ती इलाकों में शिफ्ट कर दीं। 2019 में इस समूह ने इस्लामिक स्टेट (ISIS) के प्रति निष्ठा की घोषणा की थी।