इस्राइली हवाई हमले में हमास कमांडर ऐसर अल-सादी की मौत
इस्राइली सेना ने मंगलवार को वेस्ट बैंक के जेनिन शहर में हमास के वरिष्ठ कमांडर ऐसर अल-सादी को हवाई हमले में मार गिराया। सादी हमास के सैन्य विंग अल-कसम ब्रिगेड का प्रमुख नेता था। वह कई बार से इस्राइली हमलों से सफलतापूर्वक बचता रहा था। इसके अलावा इस्राइल ने दक्षिणी लेबनान में एक ड्रोन हमले में हिजबुल्ला के रदवान फोर्स के सदस्य को भी मार गिराया। लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है। हमले के बाद हमास ने इस्राइल पर जमीनी युद्ध में विफल होने के कारण हवाई बमबारी का सहारा लेने का आरोप लगाया।
इसे लेकर हमास ने एक बयान जारी कर कहा है कि इस्राइली हमले फलस्तीनी प्रतिरोध की मजबूत होती लहर को नहीं रोक पाएंगे। संगठन के अनुसार, जेनिन में इस्राइली सेना और फलस्तीनी लड़ाकों के बीच भीषण गोलीबारी के बीच सादी को निशाना बनाया गया। इस्राइल पिछले एक महीने से वेस्ट बैंक के उत्तरी हिस्से में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चला रहा है।
भारत-अमेरिका साझा विकास के लिए व्यापार संबंधों का उठाएं लाभ- अतुल केशप
यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) के अध्यक्ष राजदूत (सेवानिवृत्त) अतुल केशप ने मंगलवार को कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के माध्यम से सार्थक व्यापार सुविधा लंबे समय से लंबित है। भारत और अमेरिका को समान अवसर, पूर्ण और मुक्त बाजार तक पहुंच को औपचारिक रूप देने के लिए काम करना चाहिए। केशप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका के दौरे पर हैं।
केशप ने कहा, हम दोनों पक्षों से साझा विकास के लिए व्यापार संबंधों का लाभ उठाने का आग्रह करते हैं। लंबे समय से अमेरिकी और भारतीय व्यवसाय बिना किसी औपचारिक निवेश या व्यापार ढांचे के एक-दूसरे के देशों में निवेश करते रहे हैं। भारत अमेरिका के व्यापार का केवल 2.5 प्रतिशत हिस्सा है और यह संख्या काफी हद तक बढ़ सकती है और बढ़नी भी चाहिए। अब दोनों पक्षों को समान अवसर, पूर्ण और खुले बाजार तक पहुंच, विवादों का त्वरित समाधान, दोनों देशों में निवेश, वृद्धि और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए पूर्वानुमानित टैक्स व विनियामक नीतियों को औपचारिक रूप देने पर ध्यान केंद्रित करके काम करना चाहिए।
न्यूजीलैंड की संसद में देश के नाम पर विवाद हो गया। न्यूजीलैंड की संसद के स्पीकर ने सांसदों से कहा कि वे देश के माओरी नाम, एओटेरोआ पर आपत्ति करना बंद करें। दरअसल एक सांसद ने इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी, लेकिन स्पीकर ने इस पर नाराजगी जताई। स्पीकर गेरी ब्राउनली ने मंगलवार को एक फैसले में कहा, 'एओटेरोआ का इस्तेमाल नियमित रूप से न्यूजीलैंड के नाम के रूप में किया जाता है। यह हमारे पासपोर्ट और हमारी मुद्रा पर भी दिखाई देता है।' ऐसे में इस पर आपत्ति गलत है।
दरअसल नाम को लेकर विवाद पिछले महीने तब शुरू हुआ जब एक सांसद ने दूसरे सांसद द्वारा इस नाम के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। वामपंथी ग्रीन पार्टी के रिकार्डो मेनेंडेज मार्च ने एक मंत्री से सवाल के दौरान एओटेरोआ नाम का इस्तेमाल किया। माओरी भाषा में इस संयुक्त शब्द का अर्थ है 'लंबे सफेद बादल की भूमि'।
इस पर न्यूजीलैंड के उप-प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और न्यूजीलैंड फर्स्ट कैंपेन के मशहूर नेता विंस्टन पीटर्स ने एओटेरोआ नाम पर आपत्ति जताई। पीटर्स ने ब्राउनली से संसद में एओटेरोआ शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कहा। मंगलवार को ब्राउनली ने कहा कि सांसदों को पहले से ही न्यूजीलैंड की तीन आधिकारिक भाषाओं - अंग्रेजी, माओरी और न्यूजीलैंड सांकेतिक भाषा में से किसी में भी संसद को संबोधित करने की अनुमति है। इसके बाद उन्होंने विंस्टन पीटर्स की आपत्ति को खारिज कर दिया।
अमेरिका की ट्रंप सरकार ने लुइसियाना में सिंथेटिक रबर निर्माता कंपनी के खिलाफ संघीय कानून को वापस लेने का फैसला किया है। दरअसल कंपनी पर आरोप लगा है कि इसके चलते कैंसर का खतरा बढ़ रहा था। लुइसियाना अश्वेत बहुल इलाका है। बाइडन सरकार में लुइसियाना की कंपनी के खिलाफ पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी ने मुकदमा दायर किया था। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने सत्ता संभालते ही पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी के 170 कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया। अब मुकदमा वापस लेने के ट्रंप प्रशासन के फैसले से कंपनी को बड़ी राहत मिलेगी, जो कई वर्षों से मुकदमेबाजी में फंसी थी।